#GodMorningThursday
इस्कॉन का 'हरे कृष्ण' मंत्र मनमानी पूजा है,
जो शास्त्रों में वर्णित नहीं है।गीता और वेदों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि पूर्ण मोक्ष क�� लिए केवल तत्वदर्शी संत से परमात्मा का मंत्र प्राप्त करना चाहिए।
अवश्य पढ़ें अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा
#thursdayvibes
#GodEveningWednesday
परमा���्थ का अर्थ केवल दान नहीं, बल्कि मानवता को सही आध्यात्मिक मार्ग दिखाकर जन्म-मरण के दुखों से मुक्ति दिलाना भी है। यही संदेश विश्वभर में फैलाया जा रहा है।
#परमार्थ_के_लिए_कुर्बान
World Savior Sant RampalJi
कबीर, जान बूझि सांची तजै, करें झूठ सूं नेह।
ताकी संगति हे प्रभू, सुपनें में ही ना देह।।
कबीर परमेश्वर कहते है जो मनुष्य जान-बूझकर सत्य को छोड देता है, और असत्य से नाता जोड लेता है। हे प्रभु सपने में भी कभी मुझे उसका साथ न देना।
#KabirisGod#satlokashrammundka
गरीब, इस मौले के मुल्क में दोनों दीन हमार।
एक बामे एक दाहिने बीच बसे करतार।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
कबीर, आठ पहर चौसठ घडी, लागी रहे अनुराग।
हिरदै पलक न बिसरे, ��ब सांचा बैराग॥
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod
#satlokashrammundka
सत का सौदा जो करै, दम्भ छल छिद्र त्यागे।
अपने भाग का धन लहै, परघन विष सम लागे।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
गरीब, राम रटत नहि ढील कर, हरदम नाम उचार।
अमी महारस पीजिय��, योह तत बारंबार।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod
#satlokashrammundka
कबीर, साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप ।।
जाके हृदय साँच है, ताके हृदय आप।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
मन तू चल रे सुख के सागर, जहाँ शब्द सिंधु रत्नागर ।। कोटि जन्म तोहे भ्रमत होगे, कुछ नहीं हाथ लगा रे ।
कुकर शुकर खर भया बौरे, कौआ हँस बुगा रे ।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#KabirisGod#SatlokAshramMundka
संत गरीबदास जी ने कहा है कि
गरीब, मूला माया मग में बैठी, हंसा चुन-चुन खाई ।
ज्योति स्वरूपी कह निरंजन, मैं ही कर्ता भाई।।
एक न कर्ता दो न कर्ता नौ ठहराए भाई ।
दसवां भी धूंधर में मिलेगा सत कबीर दुहाई।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrakmundka
ज्ञान भक्ति वैराग सुख, पीव ब्रह्म लौं धाय।
आतम अनुभव सेज सुख, तहाँ न दूजा जाय।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#satlokashrammundka#KabirisGod