हेलो @meerutpolice कृपया कार्यवाही हेतु👋🚨
मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र के मोहकमपुर के 4 हिंदूवादी युवक बाइक चलाते समय "SC समुदाय के चमार जाति" पर बेहद अभद्र/अपमानजनक टिप्पणी की जा रही है !!
इस तरह का कृत्य न समाज का माहौल खराब करता हुआ बल्कि आमजनमानस में भेदभाव जैसी चीजों बढ़ावा देने जैसे है !!
@adgzonemeerut तत्काल अभियुक्तों की पहचान कर SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत करे और जल्द से जल्द गिरफ्तारी करे ,जिससे सामाजिक माहौल बना रहे !!
@Uppolice
उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी दलित युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा जी का यह नवाचार वास्तव में अद्भुत, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण है। सुदूर पहाड़ में जन्मे रवि टम्टा जी ने साबित कर दिया कि उनके हौसले भी पहाड़ जैसे बुलंद हैं।
रवि टम्टा जी ने HAPIDA SKYNeX उड़ान वाहन (Flying Vehicle) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे सुरक्षित एवं विद्युत चालित व्यक्तिगत उड़ान वाहन विकसित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। वर्षों के शोध, नवाचार और अथक परिश्रम के बाद प्रोटोटाइप की यह सफल उड़ान उनके सपने को साकार करने की दिशा में पहला बड़ा मील का पत्थर है।
यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे स्वदेशी नवाचार भारत की वैज्ञानिक क्षमता, युवाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।
रवि टम्टा जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। हमें विश्वास है कि उनका यह प्रयास भारत को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हमें आप पर गर्व है!
डांगावास हत्याकांड के 40 आरोपी बरी किए जाने पर सांसद संजना जाटव ने कहा सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो आखिर उन 6 लोगों की हत्या किसने की?
क्या इतने बड़े नरसंहार का कोई दोषी नहीं है? मैं राजस्थान सरकार से मांग करती हूं कि इस मामले में तत्काल उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी अपील दायर की जाए।
: सांसद @IncSanjanajatav
आरक्षण के मुद्दे को लेकर @BhimArmyChief व नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद और RSS के राष्ट्रीय संयोजक मोहन भागवत आमने-सामने 🚨
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि SC, ST, OBC वर्ग के जो लोग आरक्षण का लाभ ले चुके हैं उन्हें स्वत: ही आरक्षण छोड़ देना चाहिए
जिसे लेकर चन्द्रशेखर आजाद ने पलटवार करते हुए बोला कि- "यह पता कैसे चलेगा कि कौन कितना लाभ ले चुका है, कौन से समाज ने आर्थिक उन्नति की? इसके लिए मोहन भागवत को सरकार से बोलना चाहिए कि वो जातीय जनगणना कराकर आर्थिक आंकड़े सार्वजनिक करें। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा"
बहुजनों के मुद्दों व उनके अधिकारों पर हो रहे हमलों की कोशिश के खिलाफ चन्द्रशेखर आजाद सबसे आगे खड़े होकर लड़ाई लड़ रहे हैं...!!
जो न्यायालय में बैठे हैं वो मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि जातीय प्रभुता और भाई-भतीजावाद के कारण हैं। 85% आबादी के 1% जज उच्च न्यायालय क्यों नहीं हैं ? कोलेजियम को ध्वस्त करना ही होगा।
~ @sanjuydv जी
जिन सवालों के जवाब वो देना नहीं चाहते वही सवाल मज़बूती से दागे गए हैं।
शानदार✊🏾
ये किसी दूर-दराज़ गांव का नहीं, बल्कि देश के सबसे आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले नोएडा का दृश्य है।
सेक्टर-78 स्थित वाल्मीकि बस्ती में लगभग 400 परिवार पिछले 20 दिनों से बिजली और पानी की आपूर्ति तकनीकी कारणों से बंद होने के कारण भारी संकट झेल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाएं, बुज़ुर्ग और बच्चे गंदे नाले से पानी ढोने को मजबूर हैं।
अगर समस्या वास्तव में तकनीकी थी, तो सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षित और वैकल्पिक पानी-बिजली की व्यवस्था की जाती। लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी ऐसा नहीं हुआ। आखिर क्यों? क्या इसलिए कि पीड़ित परिवार बहुजन समाज से हैं? अगर यही संकट किसी पॉश कॉलोनी में होता, तो क्या वहां भी लोग 20 दिनों तक गंदे नाले से पानी ढोने को मजबूर रहते?
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ,एक ओर देश आज़ादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बहुजन समाज के सैकड़ों परिवार पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
@UPGovt से मांग है कि बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए, प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए तथा इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
@CMOfficeUP@dmgbnagar
सावित्रीबाई फुले पर गोबर फेंकने वालों की नस्लें अभी जिंदा है। नेहा पर आज फेंकी गई स्याही उनका अपमान नहीं बल्कि संघर्ष का सम्मान है।
स्याही फेंकने वाले भूल जाते हैं कि क्रांतिकारी उसी स्याही से इतिहास लिखते हैं। स्याही चेहरे पर फेंकी जा सकती है लेकिन हिम्मत और विचारों पर नहीं।
मान्यवर कांशीराम जी का नारा था “जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी”
मोदी सरकार BJP के प्रवक्ताओं को तो जज बना रही है लेकिन हाईकोर्ट,सुप्रीम कोर्ट में SC/ST/OBC के कितने जज हैं?
देश को बताने की हिम्मत नही।
मैं पहले FB पर वीडियो नहीं डालता था।
पिछले 3-4 महीनों से मैं FB पर भी पोस्ट करने लगा और 3.5 लाख से ज़्यादा लोग जुड़ गए थे।
सरकार ने आज मेरा फेसबुक पेज सस्पेंड कर दिया। वाह सरकार वाह।
😕😕
हक़ और शिक्षा मांगोगे तो लाठी, डंडे, आँशु गैस के गोले मुकदमें, पैलेट गन, आतंकी, टुकड़े टुकड़ेगेंग ,पाकिस्तानी, खालिस्तानी का टैग मिलेगा
कांवड़ उठाओगे तो फूलों की वर्षा और देश भक्ति का सर्टिफिकेट मिलेगा,
वाह रे बीजेपी सरकार तुम्हें भी इतिहास याद रखेगा
जँहा अधिकार के लिए संघर्ष होगा।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा शिक्षा की बात होगी।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा शिक्षा के लिए संसाधनों की बात होगी।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा रिक्शे वाले-मजदूर के बच्चे तक कि शिक्षा की बात होगी।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा समानता की बात होगी।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा कानून के समक्ष समता की बात होगी
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा महिला अधिकारों की बात होगी।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा शोषण के विरुद्ध सँघर्ष की बात होगी।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
जँहा सबसे अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के आँसुओं को पोंछने के लिए संघर्ष होगा।
वँहा डॉक्टर अम्बेडकर आदर्श होंगे।
इसी कड़ी में देश के कई जगह से Gen एल्फा सँघर्ष कर रहे है।
कारण?
स्कूल में टीचर नही है। पँखे नही है। पानी नही है। शौचालय की स्तिथि खराब है।
ऐसे ही फतेहपुर उत्तर प्रदेश के सर्वोदय इंटर कॉलेज में बच्चो ने पँखे, पानी के लिए आंदोलन किया । 4 घण्टे के अंदर प्रत्येक क्लास में 4-4 पँखे लग गए, पानी के लिए आरओ लग गया।
जय भीम। जय भारत।
विकास कुमार जाटव
जिला फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के जेन-अल्फा बच्चों ने 28 जुलाई को अपनी मांगों और बेहतर शिक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई थी। मैंने भी इन बच्चों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली।
जांच इस बात की होनी चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी सरकारी और प्रशासनिक विफलता थी, जिसने छोटे-छोटे बच्चों को साफ़-सफ़ाई, पेयजल, शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन करने पर मजबूर कर दिया। लेकिन उसी प्रदर्शन को ‘फंडिंग’ से जोड़कर पुलिस द्वारा जाँच करना और बच्चों से पूछताछ किया जाना बेहद चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, जरा सोचिए तो सही, इन बच्चों के बैनर-पोस्टरों में आखिर कितने रुपये की ‘फंडिंग’ हुई होगी, जिसकी जांच के लिए पुलिस को बच्चों से पूछताछ करनी पड़ रही है?
बच्चों ने अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा के लिए आवाज उठाई थी। उनकी आवाज को फंडिंग और साजिश का नाम देकर दबाने के बजाय उनकी जागरूकता और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए।
जय भीम! जय जेन-अल्फा! ✊