PTI भर्ती 2022 के पात्र चयनित अभ्यर्थी स्थाईकरण आदेश एवं वेतन नियमितीकरण की मांग को लेकर बीकानेर निदेशालय पर महापड़ाव और क्रमिक अनशन कर रहे हैं।
सरकार जल्द से जल्द स्थाईकरण आदेश जारी कर अभ्यर्थियों को न्याय दे।
@BhajanlalBjp@DrPremBairwa
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पीटीआई भर्ती2022 के बकाया रहे सभी पात्र चयनितों के स्थाईकरण आदेश जारी करवाने की मांग को लेकर के राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ राजस्थान के समस्त प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यगण ओर पूरे प्रदेश से समस्त जिला कार्यकारिणी सदस्यगण आ रहे है निदेशालय बीकानेर 21 से 24 के महापड़ाव में।
चूरूजेडी, कोटाजेडी, जयपुर जेडी ओर पालीजेडी व अजमेर जेडी कार्यालय ये सभी निदेशक साहब के 2 जून के आदेश की पूरी तरह से अवहेलना कर रहे है ओर ये जेडी ओर इनके सम्बन्धित डीईओ अपनी मनमानी से आदेश जारी कर रहे है वो अपने हिसाब से बिंदु डाल रहे है आदेश में। इनको रोकने की जरूरत है।
Pti अभ्यर्थी 2022 के चयनित अभ्यर्थी @DrRamprakashSa9 जी का ये महत्वपूर्ण सन्देश जरूर सुने।
याद रखें अभी भी आप घरो मे रहे तो आगे आने वाले भविष्य के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।
एक ही लक्ष्य सभी पात्र चयनितों का एक साथ स्थाईकरण।
@saten_08@SkPanwar198085@NARENDRASI913@pantlp
विभाग के साथ साथ ये प्रकृति भी अब हमारी परीक्षा लेने पर उतर आई है। पश्चिम राजस्थान की ये काली पीली आंधी हमारे हौसला को तोड़ नहीं पाएगी।
पीटीआई भर्ती2022 के समस्त पात्र चयनित पीटीआई साथियों के स्थाईकरण व वेतन नियमितीकरण आदेश जारी होने तक हमारा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।
डॉ रामप्रकाश सांगवा ।।राज.एकीकृत शा.शि. संघ।।(अध्यक्ष) जी का विनम्र अपील,उन समस्त पीटीआई भर्ती 2022 के चयनित शारीरिक शिक्षको से ,की 1 जून को होने जा रहे महाआंदोलन का हिस्सा बनकर इस लड़ाई को अंतिम रूप प्रदान करावे,
17 दिन की जांच 9 महीने से लंबित: राजस्थान के PTI शिक्षक आर्थिक संकट में
जयपुर/बीकानेर। राजस्थान में 2022 में हुई शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती के चयनित अभ्यर्थी आज भी नौकरी के स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण को लेकर भटक रहे हैं। नियुक्ति के करीब 33 महीने बीत जाने के बाद भी मामला लटका होने से नाराज शिक्षकों ने अब आंदोलन का रास्ता अपना लिया है।
क्या है पूरा मामला
PTI भर्ती 2022 के तहत चयनित शारीरिक शिक्षकों की लिखित परीक्षा सितंबर 2022 में हुई। अधीनस्थ बोर्ड द्वारा दस्तावेज सत्यापन नवंबर 2022 में संपन्न हुआ और जॉइनिंग सितंबर 2023 में शुरू हुई। DEO व PEO स्तर पर अंतिम जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हुई थी।
इसके अतिरिक्त जनवरी 2024 में सरकार द्वारा (पत्र क्रमांक प 16(16) का/क-5/भ प्र/2024) के माध्यम से पिछले 5 वर्षों की समस्त भर्तियों के दस्तावेज सत्यापन के आदेश जारी किए गए, जिसमें PTI भर्ती 2022 भी शामिल थी।
लेकिन दो साल की सेवा अवधि पूरी होने से पहले ही विभाग द्वारा (पत्र क्रमांक 07577) जारी कर स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण पर रोक लगा दी गई तथा मामला SOG को सौंप दिया गया।
संयुक्त शासन सचिव के (पत्र क्रमांक 01245 दिनांक 14 अगस्त 2025) के आदेश से संभाग स्तर पर 10 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने तथा राज्य स्तरीय कमेटी गठन के निर्देश दिए गए थे। लेकिन 8-9 महीने बीतने के बाद भी प्रक्रिया लंबित है। शिक्षा विभाग ने अनियमितता के चलते 244 अभ्यर्थियों को सेवा से पृथक कर दिया, लेकिन शेष पात्र शिक्षकों को भी उनके हक से वंचित रखा जा रहा है।
सड़क पर उतरे शिक्षक, विधायक भी आए साथ
मामले को लेकर पीड़ित शिक्षकों ने राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में आंदोलन शुरू कर दिया है।
भीलवाड़ा: शिक्षकों ने विधायक अशोक कोठारी को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेंगे।
जयपुर: शारीरिक शिक्षकों का एक धरना 19 मई से शिक्षा संकुल जयपुर में चल रहा है। इससे पहले 18 मई को शहीद स्मारक पर एक दिन का धरना प्रदर्शन भी किया गया।
बीकानेर: 22 मई को शिक्षकों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। 25 मई को निदेशालय में शारीरिक शिक्षकों द्वारा साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। राजस्थान एकीकृत शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राम प्रकाश सांगवा के नेतृत्व में बीकानेर में लगातार धरना जारी है।
नागौर: मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। शिक्षकों का कहना है कि इस देरी के कारण वे गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं।
राजनीतिक समर्थन भी मिला
रविंद्र सिंह भाटी को भी इस मामले से अवगत कराया गया है। उन्होंने सरकार से मामले का शीघ्र समाधान करने की अपील की है। इसके अलावा बाबू सिंह राठौड़, मनीष यादव, विकास चौधरी, लालाराम बेरवा और गोपीचंद मीणा सहित कई जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं।
खेल सिखाने वाले आज खुद सड़क पर
जो शारीरिक शिक्षक स्कूलों में बच्चों को मैदान में उतारकर खेल का महत्व सिखाते हैं, अनुशासन और टीम भावना का पाठ पढ़ाते हैं, वे आज अपनी ही वाजिब मांगों को लेकर धूप में खड़े हैं। इनके हाथ में अब सीटी नहीं, ज्ञापन हैं। 33 महीने से स्थायीकरण का इंतजार कर रहे ये शिक्षक मानसिक और आर्थिक रूप से टूट रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। बच्चों का भविष्य संवारने वाले इन गुरुओं की पीड़ा आज कोई सुनने को तैयार नहीं है।
विभाग का रुख
कार्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर ने स्पष्ट किया है कि PTI भर्ती-2022 में चयनित किसी भी अभ्यर्थी का वेतन नियमितीकरण तथा स्थायीकरण आगामी आदेशों तक नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
शिक्षकों की मांग
संघ ने ACS शिक्षा राजेश कुमार यादव को दिए ज्ञापन में कहा कि उनके दस्तावेजों का 6 बार भौतिक सत्यापन हो चुका है, फिर भी शिक्षा ग्रुप-2 के आदेश क्रमांक F.1701 दिनांक 18.08.2025 से स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण पर रोक लगा दी गई।
6 स्तरों पर हुई जांच का ब्यौरा:
नवंबर-2022 — अधीनस्थ बोर्ड एवं निदेशालय स्तर पर
सितंबर-2023 — DEO स्तर पर
सितंबर-2023 — PEO स्तर पर
अगस्त-2024 — CBEO स्तर पर
सितंबर-2025 — पुनः DEO स्तर पर
नवंबर-2025 — JDEO स्तर पर
संघ का कहना है कि जिस रिपोर्ट को 17 दिन में सबमिट करना था, वह 8-9 महीने बाद भी पेंडिंग है। परिवीक्षा अवधि 2 साल पूरे हुए 8 महीने हो चुके हैं लेकिन स्थायीकरण नहीं हुआ। इससे वे शारीरिक, मानसिक व आर्थिक तनाव में हैं और इस चिलचिलाती धूप में अपनी वाजिब मांगों को लेकर धरना देने को मजबूर हैं।
सड़कें जल रही हैं, शरीर झुलस रहे हैं,
फिर भी #PTI_भर्ती_2022 के साथी अपने हक की लड़ाई में डटे हुए हैं।
नौकरी हमारा अधिकार है
संघर्ष नहीं ये चेतावनी है
अबकी बार — न्याय दो सरकार
अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई,
तो ये आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।
@RajCMO@BhajanlalBjp