विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन पर आधारित सिनेमा, प्रेरणा का संदेश कि प्रतिकूल परिस्थिति मे भी किस प्रकार से समाज का संगठन किया जा सकता है।
अपने निहित स्वार्थ से उठकर कर राष्ट्रहित ही सर्वोपरि
जय जय भारत
#RSS100Years#RSS4Nation#RSSorg#RSS4Bharat#RSS_mansarovar
"विचार कभी मरते नहीं, उन्हें दबाया कुचला जा सकता है पर वो रगों में विरासत की तरह दौड़ते हैं। "
एक ऐसे ही विचार के यात्रा की कहानी जो ज़रूरी है सभी को सुनानी।
#100days#ShatakTheFilm#shatak#rss100years
“गोवा की आजादी के बिना भारत की आजादी अधूरी है। साम्राज्यवादी पुर्तगालियों के बर्बर शासन के नीचे भारत माता की गोवावासी संतानों को उत्पीड़ित होने देना हमारे स्वाभिमान को चुनौती देता है। आइए, मातृभूमि की अखंड आजादी के लिए अपने आपको समर्पित कर दें।” - जगन्नाथराव जोशी
#GoaMuktiDiwas
1965 में जब भारत-पाक युद्ध के दौरान सर्वपक्षीय मंत्रणा समिति की बैठक का आयोजन दिल्ली में किया गया। श्री गुरुजी प्रवास के निमित्त महाराष्ट्र के सांगली नगर में थे। सूचनानुसार उनसे संबंध स्थापित कर पीएम का संदेश दिया गया। श्री गुरुजी तुरंत दिल्ली पहुँचे.
#RSS100Years#संघमय_समाज
1965 में जब भारत-पाक युद्ध में 'TOI' में प्रकाशित समाचार 'Opposition To Give Full Support To Govt.' के अनुसार सर्वपक्षीय मंत्रणा समिति की बैठक 6 सित. को आयोजित हुई थी और इसमें श्री गुरुजी के साथ-साथ भारतीय जनसंघ के महासचिव दीनदयाल उपाध्याय भी उपस्थित थे।
#RSS100Years#संघमय_समाज
1965 में जब भारत-पाक युद्ध छिड़ा तब शास्त्री जी भारत के प्रधानमंत्री थे। जम्मू-कश्मीर के छम्ब क्षेत्र में पाक ने घुसपैठ की। उन्होंने श्री गुरुजी को किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित न होने के बावजूद सर्वपक्षीय मंत्रणा समिति की बैठक में आमंत्रित किया।
#RSS100Years#संघमय_समाज
गाँव के बच्चे जब गाय पढ़ते हैं,
तो कहा जाता है – “पिछड़ापन।”
और जब वही बच्चा ‘cow’ बोले,
तो कहा जाता है – “अब ये बैंक जाएगा।”
नकली चिंतकों की पूरी मंडली
अब भाषा के नाम पर वोट माँगती है।
गरीब के मुंह से निकली ‘आ’ को
अब ‘Accent Test’ में फेल कर दिया जाता है।
#EnglishVsHindi
एक डॉक्टर थे, जिनका इलाज राष्ट्र के लिए था।
डॉ. हेडगेवार ने स्वयंसेवक नहीं, चलती-फिरती राष्ट्रशक्ति तैयार की। 1925 में बोया गया वह बीज आज करोड़ों राष्ट्रभक्तों का वटवृक्ष बन चुका है।
नमन उस तपस्वी को, जिन्होंने ‘संघ’ नहीं, संकल्प जिया।
#RSS100वर्ष#संघ_एक_विचार
अब जब G7 मोदी के स्वागत में बिछा है तो विपक्ष की विचारधारा कॉमा में चली गई है। देश में बैठे-बैठे मोदी को देखना तक इन्हें भारी लगता है, अब सात देशों के बीच प्रधानमंत्री को चमकते देख इनकी सांसें सात बार अटक गई हैं!”
“मोदी को G7 समिट में विश्व नेताओं के बीच सहजता से खड़ा देख चमचे ऐसे बौखलाए जैसे किसी ने ‘G’ से ‘गांधी’ हटा दिया हो और ‘ग्लोबल’ जोड़ दिया हो। इन्हें लगता था कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिर्फ विदेशी यात्राओं की आलोचना करने का कॉपीराइट है।”
भारतीय रसोई, केवल भोजन पकाने का स्थान नहीं है — वह तो पीढ़ियों की सेहत, चरित्र और संस्कार गढ़ने का केंद्र रही है। परंतु दुर्भाग्य ही है कि आज उसी रसोई में, लाभ की होड़ में उत्पन्न रासायनिक, मिलावटी और तीव्र ताप पर निर्मित सरसों तेल का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है।
#HamariDukaan
1/1
1/8
आह्वान:
यदि आप इस यज्ञ में सहभागी बनना चाहते हैं, तो
📲 “शुद्ध तेल चाहिए” लिखकर हमें WhatsApp करें।
हम आपके परिवार को वह शुद्धता पहुँचाएँगे,
जिसके बिना न भोजन संपूर्ण होता है,
न आरोग्य संभव,
और न ही भारत सशक्त।
1/6
• ठंडे तापमान पर लकड़ी की घाणी से निकाला गया
• हर बैच सीमित, ताज़ा और यथावत्
• गाँवों से सीधा आपके घर तक
• सबसे बड़ी बात -किसी multinational profit model का हिस्सा नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का एक मौन यज्ञ है।
1/5
#HamariDukaanOrganics
समाधान क्या है?
समाधान वही है — अपने जड़ों की ओर लौट चलें।
“शुद्ध कच्ची घाणी सरसों तेल”
— जो न तो रिफाइंड है, न रसायन से युक्त,
— जो न बाजार के लालच में बना है, न स्वाद के दिखावे में।
1/4
पीड़ा क्या है?
हमारी माताएँ, जो पहले लकड़ी की घाणी से निकले तेल में पूड़ी तलती थीं, आज उसी कार्य के लिए “डबल रिफाइंड” की बोतलें ले आती हैं -अनजाने में बीमारी, एलर्जी, मोटापा और हॉर्मोनल असंतुलन अपने घर आमंत्रित कर रही हैं।
और आश्चर्य यह है कि हम इसे ‘प्रगति’ मान बैठे हैं!
1/3 समस्या क्या है?
आज अधिकांश तेल कंपनियाँ सरसों तेल को इतना Refine कर देती हैं कि सरसों केवल नाममात्र रह जाती है। सुगंध-औषधीय गुण समाप्त, ऊपर से हानिकारक रसायन-डीऑडरेंट का प्रयोग,ये घर पहुँच रहा है जहाँ बच्चों का शरीर बन रहा है, वृद्धों की रोग प्रतिरोधक क्षमता जीवन बचा हुआ है।