@HarishM74841200@Rekhamewara7 बाबा साहेब द्वारा लिखा संविधान ही सबको अपनी मर्ज़ी से रहने, घूमने , और कपड़े पहनने का अधिकार देता है। और महिलाओं के रहन सहन पर टिप्पणी करने वाले उसी संविधान का उल्लंघन करते हैं
आम पब्लिक आई डी के बिना नही जा सकती, फैमिली में से 1 के पास आई डी हो तो भी नही, सभी की आई डी चाहिए , पुलिस को और डिजिटल भी नही देखी जाती, बाहर से पैसे देकर प्रिंट लेकर आओ। कमीशन खाओ।
#rohinicourt#ShoutOut#DigitalIndia#DelhiPolice
@AamAadmiParty@ArvindKejriwal वैसे तो दिल्ली में , बिजली 200 यूनिट तक लगभग 1 साल से फ्री है। बधाई और शुक्रिया। लेकिन महरौली दिल्ली, आज बिजली 10:30 बजे से गायब है ऐसा पिछले 10 दिन में चौथी बार हुआ है, पूरा दिन बिजली गायब, #BSES#Mehrauli#SouthDelhi , कृपया ध्यान दे।
◆कपास मर मिटा
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उनका बदन छूने को लिबास मर मिटा
उनको ख़बर नहीं कि कपास मर मिटा
हुज़ूर में ग़ुरूर है, सुरुर है.. नशा भी है
●कुकुन
#FarmersProtest#StandwithFarmersProtest
Read here: https://t.co/k4fVcco9DT
¶तुमसे मिलने की उम्मीद¶
तुम लौट आओगी जल्द मुझसे मिलने
इस बात की उम्मीद है मुझको
उम्मीद पे दुनिया कायम है
अक्सर तुम ही कहती हो
पूरी कविता यहाँ पढ़ें:-https://t.co/M2SM8HId1y
by @pshirish24
वे आते हैं नक़ाब पहने
और
छिन्न भिन्न कर जाते हैं रात के सन्नाटे को
छीन ले जाते हैं सुनहरे दिन के शोर शराबे को
कितना भयाव्य होता है जब सन्नाटा शोर में बदल जाये और शोर बदल जाये सन्नाटे में
पूरी कविता यहाँ पढ़ें:https://t.co/XecJbv31EX
#moblynching
ढूँढूँ ज़मीं, थोड़ा सा पानी
थोड़ी जिंदगी, रंग आसमानी
खोजूं कहानी, छोटी सी वजह
होने की, ना होने की
कोई निशानी।
ढूँढूँ ज़मीं, थोड़ा सा पानी
थोड़ी ज़िन्दगी, रंग आसमानी
खोजूं कहानी, थोड़ी सी जगह
मिल जाए जो, खिल आने को
थोड़ी नमी
ढूँढूँ ज़मीं।
#Identity#Existence
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इंटरनेट से बहुत खूबसूरत ये कॉमिक्स मिला।
#understandingpoetry
If you Return to a POEM
It will grow in MEANING
If you MEMORIZE a POEM
You will NOTICE it wherever you go !!
"लहरें वापस लौट गई होती है
सिर्फ निशान छोड़ कर
उन ऊंचे पत्थरों पर
ताकि फिर कुछ नया लिख सको
उन पर तुम"
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◆शिरीष @pshirish24
https://t.co/JOZ9nWZneV