लड़ेंगे जीतेंगे,
ग्रह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया जिन छात्रों पर मुकदमा दर्ज हुआ उनके मुकदमें वापस लिया जा रहा है।
स्वागत योग्य फैसला।
एक बार फिर भारत इस जंग को लड़ने जा रहा है
���भी एक समान सबका सम्मान।।
ब्रेकिंग न्यूज़। छतरपुर
शादी सुदा 3 बच्चों कि मां किरन कुशवाहा फरीद खान के साथ भागी पति पहुंचा एसपी कार्यालय न्याय कि गुहार लगाई।
दो बेटी और एक बेटा तीनों कि शादी हो चुकी है लेकिन महिला फि�� भी करीब एक साल से फरीद खान के संपर्क थी।
तीन महिने पहले भी 2-3 दिन के लिए फरीद खान के घर रह कर आई थी फिर घर में रहने लगी थी अब फिर से फरीद खान के यहां चली गई है।
प्यार इतना अंधा होता है कि महिला को 3 बच्चों कि इज्जत नजर नहीं आई।
छतरपुर जिले में कागजों पर आदेश जारी होता है और जमीन उसे फाड़ दिया जाता है
दिया तले अंधेरा: *SDM कार्यालय के सामने रात में चल रही अवैध बोरिंग, जिम्मेदार बेखबर*
छतरपुर। जिले में जल अधिनियम के नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। फोर लाइन स्थित SDM कार्यालय के ठीक सामने बुंदेला बब्बा मंदिर के पास रात के अंधेरे में अवैध बोरिंग मशीनें संचालित होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अनुमति भूजल दोहन किया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के बजाय बेखबर नजर आ रहे हैं।
प्रशासनिक कार्यालय के सामने ही नियमों की धज्जियां उड़ने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन मामले की जांच कर अवैध बोरिंग संचालकों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
छतरपुर।मप्र
छतरपुर नगरपालिका अनोखी नगरपालिका बनी...
सुनिए नगर वासियों का क्या है कहना....
3 साल से नाली-सड़क की मांग, नहीं हुई सुनवाई; वार्डवासियों ने लगाया नगरपालिका ��र उपेक्षा का आरोप
छतरपुर। शहर के वार्ड क्रमांक 35 के रहवासियों ने नगर पालिका पर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से नाली और सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं गया है। वार्ड की पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया हैं, इसके बावजूद क्षेत्र की मूलभूत सुविधाएं अधूरी बनीं हुई हैं।
कालोनी निवासियों का आरोप है कि शहर में विकास कार्यों के लिए बजट की कमी बताई जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक मंदिर के लिए 85 लाख रुपए ��े बजट को मंजूरी दे दी गई। लोगों का कहना है कि शहर के नागरिक कर (टैक्स) जमा कर रहे हैं, लेकिन विकास कार्यों का लाभ शहर से बाहर के क्षेत्रों को मिल रहा है। उन्होंने इस निर्णय को राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है।
वार्डवासियों के अनुसार क्षेत्र में नाली नहीं होने से घरों का गंदा पानी सड़कों और खाली स्थानों पर जमा रहता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण जहरीले कीड़े-मकोड़े घरों में घुस आते हैं, जिससे परिवारों में भय का माहौल रहता है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कॉलोनी में आज भी कच्चा रास्ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। प्रसव पीड़ित महिलाओं तक समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती, वहीं बच्चों के लिए स्कूल वाहन भी कॉलोनी के अंदर नहीं आ पाते। लोगों का कहना है कि रास्ते की खराब स्थिति के कारण कई लोग फिसलकर गिर चुके हैं।
वार्डवासियों के अनुसार रास्ते क�� बीच में गहरा नाला बना दिया गया है, जिससे निकलना मुश्किल हो गया है। आवागमन के लिए नाले पर लकड़ी रखकर मात्र एक-दो फीट का संकरा रास्ता बनाया गया है। इसी रास्ते से रोजाना लोग आने-जाने को मजबूर हैं। रहवासियों का कहना है कि लकड़ी टूटने का खतरा हमेशा बना रहता है। हाल ही में एक युवक लकड़ी से फिसलकर नाले में गिर गया, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया।
रहवासियों का दावा है कि उन्होंने नगर पालिका, नगर पालि��ा अध्यक्ष, जनसुनवाई और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से जल्द नाली और सड़क निर्माण कर क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
आपके वार्ड कि समास्या हमारी समस्या...
आप अपनी समस्या हमको बताएं हम आपकी समास्या अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करेंगे और निवारण कराने की भी कोशिश करेंगे।
भीषण गर्मी और भीण के बीच ट्रेन के अंदर युवा ने थोड़ा दम
अगर आप सफर कर रहे हैं तो भीषण गर्मी में जनरल डब्बा आपके खतरा बन सकता है।
ट्रेन में भारी भीड़ होने के कारण दम घुटने से एक युवा की मौत हो चुकी है इसलिए सावधान रहे की भीड़ वाली जगह से दूर रहे क्योंकि वहां पर भीषण गर्मी के कारण आपका दाम घुट सकता है।
अगर आप लंबा सफर कर रहे हैं तो सबसे बेहद जरूरी है कि आप साथ में पानी लेकर चले ताकि ज�� भी आपको दम घुटन महसूस हो तो समय पर आपको पानी मिल सके।
भीण वाले डिब्बा में जाने से बचें।
छतरपुर/पन्ना
10वे दिन आज ढोड़न बांध पर आदिवासियों ने जल सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया।
आदिवासी महिलाओं का कहना है जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तब तक इस धूप में 24 घंटे इसी ढोड़न बांध पर आंदोलन जारी रहेगा।
44000 करोड़ का केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट पर यह बांध बन रहा है इस बांध का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने आए थे।
ब्रेकिंग न्यूज़
दावा किया जा रहा है कि होर्मुज से बिना अनुमति के गुजरने की कोशिश कर रहे एक और तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया गया.!🚀🔥
सब कुछ खाक धुआँ और राख, अब ईरान अपने अस्तित्व की लड़ाई वह खूबी लड़ रहा है
#khamenei 2.0
ऐसी मदद पहली बार देख रहा हूं।
आपने नेताओं, समाजसेवियों और अधिकारियों को कंबल, राशन बांटते देखा होगा लेकिन आज ऐसी मदद भी देख लो लाईन में लगे उपभो��्ताओं को पेट्रोल बांटा जा रहा है।।
600 रुपए दो बिना लाईन लगे मंदिर में भगवान के दर्शन करो...
यह वीडियो किसी चोरी छिपे बना लिया महराज अब तेजी वायरल हो रहें हैं !
ऐसे लोगों के कारण आज लोग धर्म को धंधा मानने लगे हैं।
दिल्ली मुंबई हाईवे पर यह दोनों लड़के चल रहे थे किनारे से पीछे से आ रहा ट्रक ने जानवी का टक्कर मार दी।
वीडियो में देखा जा सकता है लड़की की कोई गलती नहीं है।
छतरपुर | ट्रांसफार्मर में लगी आग, किसान बुझाते रहे… बिजली विभाग बोला – ऑफिस से तार ले जाओ और खुद ठीक कर लो
छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम गठेवरा में बिजली विभाग की भारी लापरवाही सामने आई है। यहां ट्रांसफार्मर के तार आपस में टकराने से अचानक आग लग गई। आग धीरे-धीरे फैलने लगी और पास के खेतों तक पहुंचने का खतरा पैदा हो गया।
घटना के समय गांव के किसान ही सबसे पहले मौके पर पहुंचे। किसानों ने मिट्टी और पानी की मदद से कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कुछ देर और हो जाती तो आसपास की खड़ी फसलें जल सकती थीं और किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो सकता था।
आग लगने की सूचना जब बिजली विभाग के कर्मचारियों को दी गई तो उनका जवाब सुनकर ग्रामीण हैरान रह गए। ग्रामीणों के मुताबिक कर्मचारियों ने कहा — “ऑफिस से तार लेकर जाओ और खुद ही तारों को सही कर लो।”
ग्रामीणों का ��हना है कि अगर तार और ट्रांसफार्मर किसानों को ही ठीक करने हैं, तो फिर बिजली विभाग आखिर किस काम के लिए है। गांव वालों का आरोप है कि बिजली के तार लंबे समय से जर्जर हालत में हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली विभाग की इस लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, क्योंकि अगर समय रहते किसान आग पर काबू नहीं पाते तो यह घटना बड़ी आपदा में बदल सकती थी।
गांव वालों का सवाल भी सीधा है —
जब आग बुझाने से लेकर तार ठीक करने तक सब कुछ किसानों को ही करना है, तो फिर बिजली विभाग आखिर किसके भरोसे चल रहा है? ⚡
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