मेरा Breस्ट...थाई...पेट जल गया है...मेरी पीड़ा समझिए...घर की जीविका मैं ही चलाती थी..अब काम भी बंद हो गया है..!
ये कहना है राजस्थान के सरकारी तंत्र..VIP कल्चर और पुलिसिया दबंगई से पीड़ित महिला के..जो सड़क किनारे मोमो का ठेला लगाकर परिवार चलती थी..!
कल मुख्यमंत्री का काफिला निकलने के दौरान राजस्थान पुलिस ने ठेला हटवाने के दौरान खौलता हुआ पानी महिला के ऊपर उड़ेल दिया..!
जिससे महिला गंभीर रूप से झुलस गई..घटना का वीडियो वायरल है..पीड़िता ने आप बीती बताई है सुनिए...👇👇
लेकिन मेरा सवाल यह है कि ये सरकार..शासन...प्रशासन के लोग जनता को कीड़ा मकौड़ा क्यों समझते है...?
भारत तिवारी को न्याय दिलाने सड़क पर उतरी जनता शाहपुर में भारी बवाल ,,
विधायक का बड़ा बयान।
इस सरकार मे यादव और सवर्ण को जात देख देख कर
टारगेट किया जारहा है ,,
भरत तिवारी जी खुद को आत्मसमर्पण कर दिये थे
फिर भी उनका एनकाउंटर हो कर दिया गया ...
ये लड़का अपराधी था??
क्या व्यवस्था पर सवाल उठाना गलत है??
और कानून तोड़ने पर फिर आत्मसमर्पण भी कर दिया था, तो उसको गोली मारने की क्या ज़रूरत थी??
आखिर किसकी नजरों में महान बनना था कि जिसको पकड़ा जा चुका था, उसको एनकाउंटर करना पड़ा??
#JusticeForBharatTiwari
#JusticeforBharatTiwari भ्रष्ट सरकार की सच्चाई दिखाने वालों पर या तो FIR होती है या उन���ा Socail Media अकाउंट सस्पेंड कर दिया जाता है लेकिन यहां तो एक व्यक्ति की जान ही ले ली गई।
"वीर - भरत तिवारी अपराधी या क्रांतिकारी?"
सत्ता के चाटुकार और स्वजातीय के ऊपर आवाज न उठे इसलिए भरत त��वारी को अपराधी बता दिया - सोशल मीडिया पर
उस से मन नहीं भरा तो - ब्राह्मणों को जातिवादी बता दिया
फिर भी कुछ नहीं हो पाया तो कह दिया बाकियों का एनकाउंटर होता तब क्यों नहीं सवाल करते
अपने एक चोर जो सोना चोरी करता था उसकी पोस्ट डाल के भरत तिवारी के साथ जोड़ दिया
आइए इन सभी सवालों के जवाब देते हैं - भरत तिवारी ने हथियार उठाया था - मगर क्यों ?
क्योंकि वो ��ब चुका था भ्रष्ट सिस्टम से थक चुका था उनके पास जाते जाते
जवानिया गांव बाढ़ से डूब जाता था - वहां के लोगों को दूसरी जगह बसाने का कार्य किया गया वो एरिया भी बाढ़ से प्रभावित हो जाता है
भरत तिवारी जिसके लिए लड़ रहा था - वो ब्राह्मण नहीं थे - वो संवैधानिक दलित - पिछड़े थे
भरत तिवारी ने हथियार - अपने किसी कार्य के लिए या देश विरोध में या अपराध करने के लिए नहीं उठाई थी
कुछ जातिवादी कहने लगे - जब हर कोई प��लिस के सामने हथियार उठा लेगा इसलिए इनकाउंटर सही है -
ये बताओ अभी अम्बेडकर जयंती पर - कुछ भीमवादी नीला गमछा बांध थाने में घुस के पुलिस से डायरेक्ट लड़ गए थे
तब उन सभी का एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ ?
वो पुलिसिया सवाल नहीं था - थाने में वो दंगाई नंगा नाच कर रहे थे
एक जगह अम्बेडकर की मूर्ति के साथ कुछ छेड़ - छाड़ हो जाती है - पुलिस को नीला गमछा बांध लोगो ने दौड़ा कर पीटने की कोशिश की पुलिस की गाड़ी को फुक दिया - उन सभी का एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ
एक भरत तिवारी - जिसने अपने गांव समाज के लिए आवाज उठाई - जिसने अपनी जान और आत्मसमर्पण करने वक्त भी अपनी नहीं अपने गांव के लिए आखरी बात कही - तुम जातिवादी सत्ता के गुलाम लोग उसे अपराधी बता दिया और इनकाउंटर को सही ठहराने लगे
ये जातिवादी यही नहीं रुके - ये सवाल करने लगे भरत तिवारी ब्राह्मण था - इसलिए ब्राह्मण विरोध कर रहे ���नकाउंटर का -
क्या ब्राह्मणों ने विकाश दुबे पर विरोध किया था ?
तुम हमे बताओगे - क्या सही क्या गलत
जो सत्ता एक स्वजातीय नेता पर उंगली न उठे इसलिए इस इनकाउंटर को सही ठहराने लगे
जिन्हें ये समझ नहीं - किस अपराध में इनकाउंटर होना चाहिए - हत्यारे के एनकाउंटर का भी कॉम्परिशन - भरत तिवारी के एनकाउंटर से कर रहे
तुम अंधभक्त हो तो अपनी मानसिक अंधभक्ति मेरे सामने तो मत दिखाना
तुम जातिवादी हो - तो अपनी मा��सिक जातिवादी मेरे सामने मत दिखाना
मुझे तुम्हारी औकात बताने में समय नहीं लगेगा
भरत तिवारी: 'तो चलिए हथियार यही से रख दिया जाता है। जैसे ही भरत भूषण तिवारी ने पुलिस पर भरोसा करके पिस्तौल फेंका वैसे ही बिहार पुलिस ने ताबड़तोड़ 4 गोलियां भरत भूषण तिवारी पर दाग़ दिया। जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
सन 1988 से यह बुजुर्ग न्याय के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहा है, सोचिये पिछले 38 सालों में कितने DM आए और गए होंगे लेकिन इस गरीब बुजुर्ग का कोई न्याय नहीं दे पाया।
हरियाणा पुलिस का ये कैसा रवैया है?
एक आम नागरिक को ट्रैफिक पुलिस ने रोका और लाइसेंस मांगा।
सरकार के नियमों के मुताबिक उसने अपने DigiLocker में डिजिटल लाइसेंस दिखाया।
लेकिन पुलिस नियमों को मानने से साफ मुकर गई!
इस बात पर जब बहस हुई तो पुलिसकर्मी ने न सिर्फ ���दतमीजी की,
बल्कि उस बंदे का मोबाइल फोन तक पटक दिया और जबरन कैश पैसे मांगने लगा।
जब वह बंदा अपनी शिकायत लेकर पास ही खड़े एक चश्मे वाले बड़े पुलिस अधिकारी के पास गया।
मदद करने की बजाय, उस अधिकारी ने बिना बात सुने सीधे मुँह पर चमाट जड़ दिया!
ऐसे भ्रष्ट और हिंसक पुलिसकर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इन्हें तुरंत सस्पेंड और हो सके तो टर्मिनेट किया जाए ताकि जनता का कानून पर भरोसा बना रहे।
श्रीमान @DGPHaryana जी,
भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत DigiLocker और mParivahan ऐप पर डिजिटल रूप से रखे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), बीमा और अन्य सरकारी दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं। चेकिंग के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी इसे स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता।
लेकिन हरियाणा पुलिस में कार्यरत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकारियों ने न सिर्फ भारत सरकार के नियमों की अवहेलना ��रते हुए DigiLocker के डॉक्यूमेंट को मानने से मना किया है बल्कि वाहन चालक का मोबाइल तोड़कर उसके साथ मारपीट भी किया हैं।
आपसे अनुरोध है कि,
इस घटना की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोप सत्य पाए जाने पर तुरंत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्यवाही करने के साथ साथ अपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए गिरफ्तारी करें।
Talegaon Dabhade, Pune Police !
A college-aged man was stopped by a policeman on a three-seater bike in Talegaon Dabhade, Pune, as he was riding a triple-seater bike.
Stopped and asked him to pay a fine for driving a triple seater. "However, the law student told the police that he would pay the fine only if they gave him a receipt.
After the student gave such a reply, the police got angry and the police literally beat the student inhumanly.
When the young man went to file a complaint at the police station, the police there also threatened to file a case against him. This information has been given by the student's family. It will be important to see what action the police administration will take on this.
While crime is rampant in the state as a whole, the inaction of the police is clearly visible, while on the other hand, it is evident how the police are harassing ordinary people for trivial reasons
@NTA_Exams Kindly help sir. I already submitted my bank account details when you enabled the option but today while downloading the admit card, I checked my account details and saw a option I do not want to submit/edit bank account details. So I clicked on it and then this page.
@NTA_Exams Are we supposed to enter the bank account details again? I didn’t make any mistakes the first time what if i do something now? Can’t we directly access the admit card?