@JaikyYadav16@yadavtejashwi जमानत पर चल रहे हैं, कोर्ट का फैसला आते ही नौकरी के बदले जमीन वाले केस में भित्तर होंगे ये भी। फिर पिता-पुत्र दोनों पैरोल पर घूमेंगे और लोगों को गदहा बनाएंगे।
@AlokChikku मेरे अनपढ़ भाई, कोहली 'खत्री' है 'यादव' नहीं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी 'कोहली' ही हैं।
वहीं सचिन तेंदुलकर है 'झा' नहीं।
अपनी बेहूदा सोच को ऐसे हर जगह पोंकना अच्छी बात नहीं है। यही सब करके बिहार में क्रिकेट का भट्ठा बैठा दिया गया।
कभी अपने मालिकों से भी सवाल पूछा करो।
@News18Bihar केके पाठक के आदेश पर लिखने से बेहतर है तुगलक चाचा और फेलस्वी जी के आदेश पर लिखा जाए।
केके पाठक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री नहीं हैं बिहार के।
@JaikyYadav16 बिहार में तो सड़क पर पकड़ पकड़ के नौकरी दी जा रही है जैकी भाई 😂 यकीन न हो तो आप खुद भिखना पहाड़ी आ जाइए। चाचा-भतीजा सरकार की पुलिस अपनी लाठी से अभ्यर्थियों की पीठ पर जॉइनिंग लेटर छाप रही है।
@BiharTakChannel@manojkjhadu बिहार में थोड़ा अलग है। 'ठाकुर' की जगह 'लालू' होना चाहिए।
मेहनत बिहारी का, माल लालू का,
पैसा बिहारी का, लूटमार लालू का
खटनी बिहारी का, खजाना लालू का
झोपड़ी, खेत, बैल, हल बिहारी का
'सर्वेंट्स क्वार्टर से शीशमहल' लालू का
@RohiniAcharya2 अकेले चारा घोटाला में जितना पैसा आपके पिताजी और उनके सहयोगियों ने लूटा था, उससे बिहार को महाराष्ट्र जितना विकसित बनाया जा सकता था. कितने साल की जेल हुई है?
खैर, जिनके बियाह में पटना के शोरूमों से गाड़ियाँ और सड़कों से फर्नीचर उठाया गया था, उनसे लॉजिक की उम्मीद रखना भी बेमानी है
@RohiniAcharya2 बिहार ने वर्ष 2010 में एक दल को मात्र 37 सीटों पर समेटकर तानाशाह का गुरुर ही तोड़ा था. लेकिन उसके कुछ वर्षों बाद हारे दल के मालिक ने अपने दो बेटों और एक बेटी को राजनीति में लांच करने के लिए उसी नई सरकार के मुख्यमंत्री से सेटिंग कर ली थी.
"इंदिरा हटाओ" से "इंदिरा का पोता लाओ" तक
@yadavakhilesh अखिलेश जी, ये तो फिनिक्स पलासियो मॉल है। इसे सरकार ने नहीं बनाया, फिनिक्स मिल्स कंपनी ने बनाया है। प्राइवेट मॉल भी सरकारी खर्चे से बनवाते थे क्या आप?
@UtkarshSingh_ विधायक किरण देवी जी के पति इसी सीट से पिछले विधायक अरुण यादव जी हैं, जो नाबालिग से रेप के केस में 3 साल फरार रहे और कुछ महीने पहले पीड़िता और तमाम गवाहों के पलट जाने के बाद बरी हुए हैं। ये महल उनका ही है।
@Arunrjd दोनों निखट्टू चाचा-भतीजा को दीदी द्वारा बोलने के लिए माइक तक नहीं दिया गया, यही तो असली दुर्दशा है।
जलन तो आपको होनी चाहिए कि इनमें सबसे कम पढ़े-लिखे नेता आपके दल से हैं, जिनके पास दसवीं पास की भी योग्यता नहीं है।
वैसे पीएम प्रत्याशी कौन बनेगा? ममता जी या फिर नीतीश जी?
@RohiniAcharya2 चाईबासा ट्रेजरी अवैध निकासी मामला - 5 साल जेल (2013)
देवघर कोषागार मामला - 3.5 साल जेल (2018)
चाईबासा ट्रेजरी दूसरा मामला - 5 साल जेल (2018)
दुमका कोषागार मामला - 7 + 7 साल जेल (2018)
डोरंडा ट्रेजरी मामला - 5 साल जेल (2022)
क्या ये भी बाबाजी का ठुल्लू कहलाता है दीदी?