वसे एक बात माननी पड़ेगी की एक दलित ने ब्राह्मण की पुरी लंका ही जलादि थी, में नही कह रहा ये योगी आदित्यनाथ ने बोला था की हलुमान एक दलित थे, और हिंदू धर्म ग्रंथों में लिखा है की रावण एक ज्ञानी ब्राह्मण था, वसे तागतवर कोन हूया, हालाकि में इन सभी को काल्पनिक मानता हूं,
क्या है आ��� की राय?
"कपड़ा तेरे बाप का, तेल तेरे बाप का, आग भी तेरे बाप की, तो जलेगी भी तेरे बाप की." आदिपुरुष फ़िल्म में ये डायलॉग हनुमान ने रावण के बेटे से (दोनों कैरेक्टर) बोला है। इसे मनोज मुन्तशिर ने लिखा है।
पूरा बॉलीवुड भारत को ब्राह्मणवाद, पांखडवाद ओर अंधभक्ति बनाने में मदद कर रहा है। ओर पूरा कपूर खानदान पहले नेहरू के ब्राह्मणवाद का प्रचारक था ओर अब मोहन भागवत के षड़यंत्र का हिस्सा है।
ये भावनाएं क्या होती है, सीता को इन कपड़ों में नही देख सकते अच्छी बात है, लेकिन जलता हुए देख सकते हैं, किसी दूसरी औरत की नाक कटते देख सकते है, भगवान होने के बावजूद एक वानर को लुकर धोखे से मर दे, अगर में सही हु तो मुझे गलत साबित करो
पंडित धीरेंद्र शा��्त्री सुन उपर से तेरे बाप दादा भी आजाए तभी तू हिंदू राष्ट्र नही बना सकता, चल एक शर्त है तू और तेरे अंडबग्त मिल कर एक हिंदू गांव बनाके दिखाओ जिस में सभी धर्म और जाति के लॉग हो, सिर्फ़ एक हिंदू गांव