सच कहा है !
अगर दरोगा 500-1000 रुपये मांग ले ; तुरंत दे देना चाहिए ।
वरना जज - कोर्ट के चक्कर में 6 महीने से 10 साल चक्कर और 100000-500000 रुपये भी देने पड़ेंगे ।
बाकि ओमप्रकार मऊ जिला का दरोगा सेक्स की डिमांड कर रहा है ।
मतलब साफ है ; हनी - ट्रैप वाला दरोगा है 👇
"मेटा चश्मे से मेरी और केरल के CM की जासूसी की गई"
◆ कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा
◆ शिवकुमार के मुताबिक, एक उद्योगपति उनसे मिलने आया था और उसने बातचीत के दौरान ऐसे स्मार्ट ग्लास पहने हुए थे, जिनसे रिकॉर्डिंग किए जाने का उन्हें संदेह हुआ
◆ उन्होंने यह भी दावा किया कि वही उद्योगपति केरल के मुख्यमंत्री सतीशन से मुलाकात के दौरान भी ऐसे चश्मे पहने हुए था
#DKShivakumar | D. K. Shivakumar | #Karnataka | Karnataka
सरकार ने तो बच्चों के सामने घुटने तक दिए, इनको डर है कि अगर जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ तो मोदी जी का इस्तीफा होगा: @attorneybharti
◆ देखिये राष्ट्र की बात मानक गुप्ता के साथ
@manakgupta | #RashtraKiBaat | #RKB
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पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त कुरैशी साहब जिस रफ्तार से ज्ञानेश कुमार को लेकर खुलासा कर रहे हैं,ज्ञानेश कुमार टिकने वाले नहीं हैं आयोग में!
बता रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार CEC कैसे बने? किसके करीबी होने का लाभ मिला? फिर चुनाव आयोग में क्या गुल खिलाया गया!
एक पॉडकास्ट में कुरैशी साहब बात कर रहे थे ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग पहुंचे कैसे!
प्वाइंट वाइस समझते हैं -
1 - ज्ञानेश जी को चुनाव आयोग का प्रमुख नियुक्त किए जाने से पहले महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों के लिए “अयोग्य” पाया गया था। जैसे अतिरिक्त सचिव और सचिव पद के मामले में फिसड्डी साबित हुए थे।
2 - ज्ञानेश कुमार और अमित शाह का करीबी संबंध है। इतना कि कह नहीं सकते,विश्वास चरम स्तर तक करते हैं।
3 - बेहद करीबी होने का फायदा यह मिला कि गृह मंत्रालय में साथ काम किया।
साथ में,दो महत्वपूर्ण फैसलों में ज्ञानेश को महत्वपूर्ण भूमिका भी मिली। जैसे आर्टिकल 370 हटाने में और राम मंदिर के लिए गठित ट्रस्ट में।
4 - सहकारिता मंत्रालय का,जिसका प्रमुख अमित शाह हैं ने, ज्ञानेश को सचिव बनवाया।
👉 चूँकि वह अमित शाह के बेहद करीबी रहे थे… इसलिए उन पर दबाव बनाया गया… और उन्हें सहकारिता मंत्रालय में सचिव बना दिया गया, जिसके मंत्री अमित शाह थे।
2023 में मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया होनी थी। नए कानून के तहत सरकार ने नामों पर विचार करने के लिए तीन लोगों को बुलाया। इनमें एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। उन्होंने अमित शाह को नामित किया—जो उनके सबसे करीबी व्यक्ति और उनके ‘साथी’ हैं—और तीसरे सदस्य के रूप में विपक्ष के नेता थे।
और इस तरह ज्ञानेश कुमार का चयन कर लिया गया।
भाजपा जिसे हरा नहीं पाती उसे जेल में डाल देती है।
@ArvindKejriwal@msisodia@SanjayAzadSln जी को झूठे केसों में २-२ साल जेल में रखा। क्यों की भाजपा उनको पूरी ताक़त लगाने के बाद भी २०२० में नहीं हरा पायी।
आज वो यही सब CJP के लोगों के साथ कर रहे हैं।
जिसे हरा ना पाओ उसे जेल में डाल दो।
Godi studio में बैठकर godi media को आईना दिखाना, ये हिम्मत हर किसी में नहीं होती 👏
@PreetiChoudhry ने India Today पर साफ़ कहा, "हमने NewsClick पर China funding और Delhi riots वाले shows पे shows चलाए, और बाद में High Court ने इसे 'gross abuse of the process of law' और 'attack on journalism' कहा।"
यही तो खेल है भाई। पहले बिना सबूत के "foreign conspiracy" का ढोल पीटो, पत्रकारों को अंदर करवाओ, TRP कमाओ। जब court सच बता दे, तो बस एक ticker चला दो और आगे बढ़ जाओ। माफ़ी? वो तो सिलेबस में ही नहीं है।
सवाल वही है जो Preeti जी ने पूछा: money trail कहाँ है? सबूत table पर रखो, फिर इल्ज़ाम लगाओ।
हर dissent को "विदेशी साज़िश" बताने वालों, आज आपके studio से ही जवाब आ गया है।
1 तारीख को जो रामलीला मैदान में होने वाली रैली है, उसमें उत्तर प्रदेश का 50000 का टारगेट है।
उत्तर प्रदेश 50000 टारगेट पूरा करेगा और ज़्यादा करेगा और हमारे एक-एक कार्यकर्ता डटकर लड़ेंगे और डटकर खड़े हैं।
- @kashikirai जी
पत्रकारों की जरूरत नहीं है :- NDTV
क्योंकि हम खरीद लिया है ; मोदी के दोस्त ने 🙏
अब हमें चाहिए पतलकार (तलवेचाट )
जाओं दफा हो जाओ @Anurag_Dwary
मुबारक हो भाई अनुराग अब झारखंड और छत्तीसगढ़ की खबर देखने अपना नया पता बता देना 👇
"मैं पीस बॉन्ड साइन नहीं करूंगी"
◆ AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा
◆ कल दिल्ली हाई कोर्ट ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका को खारिज करते हुए उन्हें पीस बॉन्ड साइन करने के लिए कहा था
#NehaBora | Neha Bora
“भारत का जो MEA है, वो कह चुका है कि इन आंदोलनों के पीछे कोई विदेशी फंडिंग नहीं हो रही है…”: आशुतोष, राजनीतिक विश्लेषक
"पहले दिन से मैं कह रहा हूं कि तिलचट्टों (कॉकरोच) का आंदोलन जो है, वो शिक्षा में सुधार के लिए नहीं है। ये अराजक तत्व हैं...": संगीत रागी, राजनीतिक विश्लेषक
#ATVideo #हल्ला_बोल #SIR #Protest | @anjanaomkashyap | @ashutosh83B | @RagiSangit
चित्रा: इतना तो श्रीहरिकोटा से भी लॉन्चिंग नहीं होती है! 😂
यश: गप्पें हाँकने के लिए और भी बहुत लोग हैं,प्रधानमंत्री का पद इससे बड़ा है!
चित्रा: नेतन्याहू से डरते तो मोदी इज़राइल जाने वाले प्रधानमंत्री कैसे बनते?
यश: ‘फादर लैंड’ कहने वाले भी एक ही हुए हैं! 🤣
@YashRRJ 🔥
सस्ता होगा तो मोदी का मास्टर स्ट्रोक...
महंगा होगा कंपनी कर रही है ।
मिलावटी निलेंगा तो कंपनी बेच रही है ।
फिर सरकार क्या कर रही है ?
पोस्टर लगा रही है ।
सरकारी संस्था बेच रही है ।
सड़क , रेल , जहाज , पोर्ट बेच रही है ।
इन जैसे अखबार में काम करने वालों को खरीद रही है
तेलंगाना के निजामाबाद से BJP सांसद कहते हैं, “वोट किसी भी पार्टी को दीजिए, चुनाव चिह्न कोई भी चुनिए, जीतूँगा तो मैं ही!”
आखिर यह कैसे संभव है? क्या चुनाव आयोग @ECISVEEP इस बयान पर कोई जवाब देगा या कार्रवाई करेगा?
Cc: @abhijeet_dipke@SauravDassss#ElectionCommissionOfIndia #SIR