उत्तरी भारत की एकमात्र आखिरी आवाज़ जो गरीब , शोषित , पीड़ित , मजदूर,किसान वर्ग के साथ है!सर्वसमाज की आखिरी उम्मीद @hanumanbeniwal को हराने के लिए कई नेताओं ने अपना ईमान बेच दिया।
लेकिन हम रुकेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं,टूटेंगे नहीं ।
@RLPINDIAorg@kanikabeniwal51
राजधानी जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र स्थित हाई प्रोफाइल एआईएस रेजीडेंसी में वंशिका गर्ग नाम कि युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु से जुड़े मामले को लेकर न्याय व जांच की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर बैठे पीड़ित परिवार को जयपुर पुलिस द्वारा सत्ता धारी दल के नेताओं के इशारे पर जबरन हटाना निंदनीय है |
मैंने पूर्व में भी यह कहा था और आज फिर दोहरा रहा हूं कि यह मामला केवल एक परिवार को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि कानून के शासन, पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही एवं आमजन के विश्वास से भी जुड़ा हुआ है मगर दूसरों को नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का पाठ पढ़ाने वाले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री @madanrrathore द्वारा भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर एक बेटी की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर बैठे पीड़ित परिवार को पहले कथित रूप से धमकाते हुए यह कहना कि सड़को पर बैठने से न्याय नहीं मिलेगा और फिर देर रात पुलिस के माध्यम से जबरन धरने से उन्हें उठवा देना ,लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है |
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि क्या यही है भाजपा सरकार का न्याय ?
क्या एक पीड़ित परिवार को उनकी दिवंगत बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में न्याय मांगने का भी अधिकार नहीं है ?
जिस परिवार ने भाजपा पर विश्वास के हुए, भाजपा को ही वोट दिया आज उसी परिवार की आवाज को सत्ता के बल पर दबाने का प्रयास क्यों किया गया ?
क्या जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस अब संविधान और कानून के बजाय सत्ताधारी दल के नेताओं के इशारों पर काम करेगी ? पुलिस का धर्म पीड़ित को सुरक्षा और न्याय दिलाना है, न कि न्याय मांग रहे परिवार को जबरन हटाना।
@RajCMO
जयपुर जिले में स्थित रामगढ़ बांध सरकारी लापरवाही और प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण की भेंट चढ़ता जा रहा है, भाजपा के साथ कांग्रेस पार्टी भी रामगढ़ बांध की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार है क्योंकि दोनों के शासन काल में रामगढ़ को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए |
समय - समय पर माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद रामगढ़ बांध की जलधाराओं, प्राकृतिक नालों और बहाव क्षेत्र से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। नदियों के बीच तक कब्जे की दीवारें खड़ी कर दी गईं, लेकिन सरकारी तंत्र में बैठे जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए है।
यह केवल एक बांध का मामला नहीं, बल्कि जयपुर सहित लाखों लोगों के जल भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट है। मैं राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूं कि न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र, जलधाराओं और प्राकृतिक नालों से सभी अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं तथा दोषी अधिकारियों और कब्जाधारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा केवल कागज़ी आदेशों से नहीं, बल्कि ज़मीनी कार्रवाई से होगी।
#रामगढ़_बचाओ
@RajCMO@RajGovOfficial
जयपुर के श्यामनगर थाना क्षेत्र में स्थित 200 फीट बाईपास पर हुआ हृदय विदारक हादसा बेहद दु:खद और झकझोर देने वाला था,एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे परिवार को कुचल दिया, जिसमें 3 मासूम बच्चों व उनके पिता की जान चली गई और उनकी मां के दोनों पैर टूट गए |
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दें।
ऐसी घटनाएं केवल हादसे नहीं, बल्कि हमारी सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
पुलिस को केवल चालान काटने तक सीमित न रहकर तेज रफ्तार और लापरवाह भारी वाहनों पर सख्ती से नियंत्रण करना होगा, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाए |
@RajCMO@PoliceRajasthan@jaipur_police
विगत दिनों नर्सिंग कर्मी दीपक ने सिस्टम की प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी,उसके बाद जयपुर स्थित SMS अस्पताल में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन हुआ और अब दिवंगत दीपक की गर्भवती पत्नी द्वारा आत्महत्या का प्रयास करना अत्यंत पीड़ादायक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।
एक परिवार ने पहले अपना बेटा, पति और सहारा खोया, और अब स्वर्गीय दीपक की गर्भवती पत्नी भी मानसिक आघात के कारण जीवन-मृत्यु से जूझ रही है क्योंकि @RajCMO के निर्देश के बाद एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ,SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों की मौजूदगी में दीपक की पत्नी को संविदा नौकरी देने सहित अन्य मांगों पर जो सहमति बनी उस पर सरकार अभी तक खरा नहीं उतर पाई |
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
को कहना चाहता हूं कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन हजारों कर्मचारियों की पीड़ा है जिन्हें आपकी BJP सरकार की वजह से असुरक्षा और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार तत्काल अपने वादे के अनुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं स्थायी रोजगार प्रदान करें तथा स्वर्गीय दीपक की गर्भवती पत्नी के समुचित इलाज और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार उठाए |
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से प्रदेश की जनता पूछना चाहती है कि -
पूर्व में प्रधानमंत्री श्री @narendramodi
की सभा में तकनीकी त्रुटि के कारण माइक बंद होने की घटना पर आपने एक महिला आईएएस अधिकारी को एपीओ (APO) कर दिया। लेकिन पचपदरा स्थित राजस्थान रिफाइनरी में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने से ठीक एक दिन पहले भीषण आग लग गई थी तब जिले के प्रशासनिक मुखिया होने के नाते बालोतरा के जिला कलक्टर की न तो कोई जवाबदेही तय की गई और न ही उन्हें हटाया गया। आखिर ऐसा क्यों ?
यदि बालोतरा में सरकारी आवास उपलब्ध नहीं था, तो जिला कलक्टर को नियमानुसार किराए के आवास में रहना चाहिए था मगर बालोतरा के जिला कलक्टर रिफाइनरी की टाउनशिप में रह रहे हैं।
क्या एक जिला कलेक्टर का किसी औद्योगिक परियोजना की टाउनशिप में निवास करना सुशासन और प्रशासनिक निष्पक्षता की दृष्टि से उचित माना जा सकता है ?
इसके अतिरिक्त, सीईटीपी (CETP) प्लांट के सेस कर, रिफाइनरी क्षेत्र एवं बालोतरा के आसपास सरकारी भूमि से रास्तों के आवंटन तथा भू-उपयोग परिवर्तन में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार बालोतरा कलक्टर पर लग रहे है,बावजूद इसके सरकार खामोश क्यों है ?
@PMOIndia को भी @RajGovOfficial
से यह रिपोर्ट तलब करनी चाहिए कि यदि प्रधानमंत्री की सभा में माइक बंद होने जैसी तकनीकी घटना पर एक महिला आईएएस अधिकारी को एपीओ किया जा सकता है, तो अप्रैल माह में प्रधानमंत्री के रिफाइनरी उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुई भीषण आगजनी जैसी गंभीर घटना के बावजूद भजनलाल जी द्वारा बालोतरा के जिला कलेक्टर की कोई जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई ?
क्या बालोतरा कलक्टर , राजस्थान सरकार से बड़े हो गए है ?
@PetroleumMin@HPCL
आज दिन में मैने चुरू जिले की तारानगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री नरेंद्र जी बुडानिया से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी |
ईश्वर से नरेंद्र जी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
मानसून अवधि में नदी क्षेत्र में बजरी खनन गतिविधियाँ सामान्यतः बंद रहती हैं तथा पर्यावरणीय शर्तों व एनजीटी के निर्देशों के अनुसार प्रतिबंधित भी होती हैं इसके बावजूद नागौर जिले के रियां उपखंड क्षेत्र से लगातार नदी क्षेत्र में बजरी खनन किया जा रहा है। साथ ही, लीज की आड़ में लीज क्षेत्र से बाहर भी बजरी माफियाओं द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है |
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूँ कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने इस क्षेत्र में बजरी माफियाओं के विरुद्ध बड़ा आंदोलन किया था। सीएमओ के निर्देशों के बाद कलक्टर व SP सहित आला अधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच समझौता हुआ था। आपकी सरकार ने उस समझौते की पालना सुनिश्चित नहीं कि मगर आंदोलन करने वाले जन-प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों को झूठे मामले में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया |
क्या यही भाजपा सरकार का सुशासन है ?
आज प्रधानमंत्री जी ने खेजड़ी की महता को बताते हुए भाषण दिया, दूसरी तरफ इन माफियाओं ने खेजड़ी सहित कई प्रकार के हजारों वृक्षों को उजाड़ दिया ,एक तरफ न्यायालय समय-समय पर अवैध बजरी खनन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी निगरानी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नागौर जिले में थांवला एवं पादूकलां थाना क्षेत्रों, डेगाना वृत्त तथा संबंधित पुलिस एवं खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही है ,वृता अधिकारी डेगाना,SHO थांवला व SHO पादू कला ,उपखंड अधिकारी मेड़ता व उपखंड अधिकारी रियां बड़ी ,ME नागौर व AME गोटन द्वारा अवैध बजरी खनन, ओवरलोड वाहनों के संचालन तथा कथित भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। बिना पुलिस कप्तान वाले नागौर जिलें में पुलिस फोर्स का जिम्मा संभाल रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लाखों रूपये बजरी माफियाओं से मंथली ले रहे है ,क्या राजस्थान सरकार ऐसे भ्रष्ट अधिकारीयों पर कार्यवाही कर अवैध बजरी खनन बंद करवाएगी ?
यदि सरकार ने समय रहते इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए पुनः बड़ा आंदोलन करेगी |
आज इस मामले को लेकर मेड़ता व डेगाना विधानसभा क्षेत्र के जन- प्रतिनिधियों ने मुझसे मुलाकात भी की | रात्रि में बजरी का खनन नदी क्षेत्र में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है बावजूद इसके सत्ता के संरक्षण में खनन किया जा रहा है,पुलिस चौकियां मूक दर्शक बनी हुई है |
जून माह में रात्रि में हो रहे बजरी के अवैध खनन का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सरकार के संज्ञान हेतु साझा कर रहा हूं |
@PMOIndia@RajCMO@RajGovOfficial@PoliceRajasthan@IgpAjmer
कल रात्रि में सेड़वा उपखंड मुख्यालय पर आयोजित सर्व धर्म शांति प्रार्थना सभा में सम्मिलित हुआ,स्थानीय नागरिकों ने भव्य स्वागत किया,मैंने लोगो से बातचीत करके उनकी समस्याओं को सुना और संबोधन में विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे |
कल रात्रि में बाड़मेर जिले के इटादा में स्थानीय लोगो से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना,आजादी के दशकों बाद भी सीमावर्ती क्षेत्र विकास में पिछड़े हुए हैं|
सरकारों को द्वेषता की भावना से काम करने के स्थान पर विकास कार्यों की तरफ ध्यान देना चाहिए |
सरकार ने बिना जन सहमति के बोर्डर क्षेत्र में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए मस्जिद को तोड़ा,आज मैने बाड़मेर जिले के दौरान रामसर में मुस्लिम समाज के बंधुओं से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना |