पलायन को मजबूर हिंदू यादव परिवार!
उत्तर प्रदेश के बस्ती में अशफाक और अन्य मुस्लिम युवकों द्वारा हमला और धमकी दिए जाने के बाद
हिंदू यादव परिवार ने अपना घर छोड़ दिया।
आरोप है - अशफाक ने गर्भवती महिला को लात मारी और गोली मारने की धमकी दी।
पूरे गाँव में सिर्फ 2 हिंदू घर हैं।
अभिजीत दीपके का असली चेहरा बेनकाब!
एंकर: झारखंड में कई छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, क्या CJP उनका समर्थन करने की कोई योजना बना रही है?
अभिजीत दीपके: “हम जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहते, हम जल्दबाजी में किसी चीज का समर्थन नहीं करना चाहते।”
@abhijeet_dipke जी!! छात्र 25 जुलाई से प्रदर्शन कर रहे हैं… एक हफ्ता बीत चुका है!!
केजरीवाल से परमिशन नहीं मिली क्या ??
20 जुलाई की हिंसा के लिए बार बार पुलिस को जिम्मेदार ठहराने वालों को ज़रा ठहर कर जंतर मंतर के प्रदर्शनकारी नेताओं और डीसीपी सचिन शर्मा के बीच चल रही इस बातचीत को भी सुनना चाहिए। तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं।
सचिन शर्मा साफ साफ कह रहे हैं कि भीड़ बढ़ रही है और इस भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी हैं, आपके वॉलंटियर्स कहां हैं ? आप उन्हें कहें कि स्टूडेंट्स को समझायें, कंट्रोल करें।
अगर इसके बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी के नेता खुद सुरक्षित "गुफाओ" में बैठे रहे और भीड़ को अनियंत्रित होने दिया तो साफ है कि ये लोग खुद चाहते थे हिंसा भड़के और कुछ लोग मारे जाएं। ताकि इनका आंदोलन "सफल" हो!
झारखंड के छात्र आंदोलन और राजनीतिक रूप से प्रायोजित अभियानों का अंतर देखिए।
यहाँ जुनैद की बिरयानी नहीं,
मंदिर का लंगर है।
यहाँ फाइव-स्टार टेंट नहीं,
टूटी-फूटी तिरपाल है।
यहाँ पेशेवर आंदोलनजीवी नहीं,
यही असली छात्र हैं।
यह आंदोलन कैमरों और प्रायोजकों के भरोसे नहीं, बल्कि अपने भविष्य, मेहनत और न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के संकल्प पर खड़ा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूरे ड्रामे के बाद आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है
तीन प्राइवेट कंपनियां इंस्टाग्राम पर प्रदर्शन को वायरल कराने के लिए इन्फ्लुएंसर्स को पैसे दे रही थीं
इनमें से एक है BarCode Entertainment वहां पहले ही छापेमारी हो चुकी है
180 इन्फ्लुएंसर्स के बैंक अकाउंट अब जाँच के दायरे में हैं
असली सवाल अभी भी वही है — इस सबको फंडिंग कौन कर रहा था ?
इस बारे में यदि आपके पास जानकारी हो तो कृपया साझा करें
भारत की आन, बान और शान 'तिरंगे' को स्वरूप देने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिंगली वेंकैया की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
आपकी दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक हमारा तिरंगा प्रत्येक भारतीय के हृदय में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना का संचार करता रहेगा।
“निःस्वार्थ” सोशल वर्कर @SonuSood
असम के निमाइजान इलाके में बाढ़ पीड़ितों में
राहत सामग्री बाँटते हुए।
अगर आपको यहाँ रणदीप हुड्डा दिख रहे हैं
तो आप संघी हैं…
तुरंत अपने कट्टर चश्मे बदल लीजिए।
जंतर मंतर प्रोटेस्ट को खत्म हुए 10 दिन होने को आए। इन 10 दिनों में जंतर मंतर के नेता पार्टियां करने और जिन्हें" गोदी मेडी" कह कर पिटवा रहे थे, उन चैनलों में इंटरव्यू देने में व्यस्त हैं।
इधर पिछले एक हफ्ते से झारखंड के स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे हैं। तम्बुओं में बैठे हैं,रुखी सूखी खा रहे हैं। लेकिन इनके आंदोलन को सपोर्ट करने के लिए जंतर मंतर के नेताओं ने अब तक एक शब्द नहीं कहा है।
अभिजीत दीपके ने 5 जुलाई को कहा था कि उनके प्रोटेस्ट को झारखंड के स्टूडेंट्स ने बहुत स्पोर्ट किया इसलिए वो जल्द झारखंड जाएंगे। पर 10 दिन बाद भी जाने का समय अभी नहीं मिला है।
शायद "मालिकों" ने अभी परमिशन नहीं दी !
वरिष्ठ अभिनेता पवन मल्होत्रा।
वामपंथियों मुल्लो और चमचो से अनुरोध है, यह वीडियो न देखें… शायद पचाना मुश्किल हो जाए।
उनका मानना है कि पिछले 12 वर्षों में देश में इतना बदलाव हुआ है, मानो किसी ने जादू की छड़ी घुमा दी हो।
“हमें पूरी चेकिंग के बाद पप्पू यादव के घर में जाने दिया गया, हमारे पास कोई चाक़ू नहीं था, चाकू घर के अंदर से लाकर रखा गया, हम शांतिपूर्ण विरोध करने गए थे”
किसी राष्ट्र का नेतृत्व केवल कठोर निर्णय लेने की क्षमता से नहीं, बल्कि क्षमा, करुणा और दूरदृष्टि से भी परखा जाता है।
जिन लोगों ने दिल्ली में कॉकरोच आंदोलन की आड़ में हिंसा का मार्ग अपनाया, देश और दिल्ली पुलिस के जवानों पर जानलेवा हमले किए, यहाँ तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माता के प्रति भी अत्यंत अमर्यादित और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया, उनके प्रति भी यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षमा और संवाद का संदेश दिया है, तो यह उनके विराट व्यक्तित्व, विशाल हृदय और असाधारण नेतृत्व का परिचायक है।
यह संदेश केवल कुछ व्यक्तियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की युवा पीढ़ी के लिए है कि घृणा का उत्तर घृणा से नहीं, बल्कि धैर्य, संवेदना और राष्ट्रहित की भावना से दिया जाना चाहिए।
ऐसा नेतृत्व समाज को प्रतिशोध नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण की दिशा देता है। इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेते हैं, जो कटु परिस्थितियों में भी क्षमा को अपनी शक्ति बनाते हैं।
हम वास्तव में सौभाग्यशाली हैं कि अपने समय में ऐसे नेतृत्व को देख रहे हैं, जो राष्ट्र के वर्तमान के साथ-साथ उसके भविष्य की भी समान चिंता करता है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान-
“राम मंदिर की पूजा में मोदी जी की सीता नहीं दिखी”
बार-बार निशाने पर सनातन-
पहले भगवान राम,
फिर साधु-संत
अब माँ सीता का अपमान।
कांग्रेस हिंदुओं और उनकी आस्था पर
प्रहार करना कब बंद करेगी.?
शिक्षामंत्री की डिग्री-डिग्री चिल्लाने वाले को भारत के पहले शिक्षामंत्री की डिग्री का नहीं पता!
गजब का चुटिया आदमी है लगता है इसके घर का चूल्हा बेइज्जती से ही चल रहा है।