जब समस्या सिर्फ अपने देश की हो तो,
सवालों का अंबार लगा देना चाहिए,
और जब समस्या विश्वव्यापी हो तो,
धैर्य रखना ही समझदारी है मित्तर..!!!
इसके बावजूद भी अगर हंगामा मचा है, तो ये सिर्फ राजनीति है।
कितना दुखद है ये…
UP के मिर्जापुर में 4 महीने पहले 17 वर्षीय करन को एक कुत्ते ने काट लिया था। परिवार आर्थिक तंगी के कारण एंटी-रेबीज इंजेक्शन का पूरा कोर्स नहीं करवा पाया।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स न हो पाए तो मरीज को बचाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
एक छोटी सी लापरवाही या मजबूरी… और एक पूरा परिवार जिंदगी भर का दर्द झेलने को मजबूर हो जाता है।
काश हर गरीब को समय पर इलाज मिल पाता। 😔💔
2. 3 करोड़ देकर काव्या मारन ने पाकिस्तानी प्लेयर खरीदकर भारतीय जनमानुष की भावनाओं पर जो आघात किया है उसे ये सरजमीं माफ़ नहीं करेगी!
लोगों की भावनाये उतनी उमड़ी नहीं जितना कि बांग्लादेशी खिलाड़ी खरीदने पर देश की भावनाये आहत हुई थी!
Kavya Maran जी ऐसी क्या मज़बूरी थी?
@Kuldeep25960709 अब मूरख लोगों से तर्क वितर्क करने के लिए उनके स्तर तक नहीं गिरा जा सकता है!
उनके लिए गहरी सहानुभूति रहेगी.. गाँधी एक उत्कृष्ट विचार है जिसे समझने के लिए मूर्खता त्यागनी होगी इन्हे!
दांडी मार्च यात्रा दिवस के अवसर पर दांडी सत्याग्रह में भाग लेने वाले सभी सत्याग्रहीजन को नमन..!
आज ही के दिन 1930 में गांधी जी ने नमक कर के विरोध में नमक सत्याग्रह का शुरुआत किया था, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दशा और दिशा देकर अपने देश की आजादी मे योगदान दिया!
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों?
भारतीय संविधान निर्माता आम व्यक्ति थे ही नहीं, उन्होंने न केवल संविधान लिखने पर ही विचार-विमर्श किया बल्कि उसको लागू करने की तारीख पर भी उनका विचार-विमर्श जारी रहा।
संविधान की चर्चाओं को जिस तरह से 12 खंडों में दर्ज किया गया, वो केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि भारत की विविधता का संग्रह है कि किस तरह आप किसी विषय पर असहमति दिखाते हुए भी साथ काम कर सकते हो।
सोचिए जो 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो चुका था, उसको लागू करने के लिए 26 जनवरी की तारीख ही क्यों चुनी गई।
संविधान का अंतिम ड्राफ्ट 26 नवंबर 1949 को तैयार हो गया था, परंतु संविधान लागू हुआ 26 जनवरी 1950 को। इसके पीछे मूल कारण यह था कि 31 दिसंबर 1929 को लाहौर में कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया गया।
नेहरू जी ने अंग्रेजों को ये चेतावनी दी कि हमें आने वाली 26 जनवरी यानी 26 जनवरी 1930 तक पूर्ण स्वराज मिल जाना चाहिए।
लेकिन अंग्रेज कहां मानने वाले थे, तो नेहरू भी कम न थे। उन्होंने स्वतंत्रता से पहले पहला स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा 26 जनवरी 1930 को की और स्वतंत्रता दिवस मनाया भी गया।
26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था, यद्यपि देश आजाद हुआ 15 अगस्त 1947 को, लेकिन 26 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व था, इसलिए संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था।
इस बात से ये भी साबित होता है कि उस वक्त के नेता कैसे एक-दूसरे के विचारों का सम्मान किया करते थे।
आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
बड़ी खबर-
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित किए गए।
योगी सरकार ने अनुशासनहीनता का आरोप जड़ते हुए निलंबित किया।
UGC और ब्राह्मणों की चोटी खींचने के विरोध में इस्तीफ़ा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पर जाँच बिठायी गई।
उन्हें शामली अटैच किया गया।
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शंकराचार्य के बाद अब अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया है?
इससे पहले ये सरकार मणिकर्णिका मामले में AI का झूठ बोलकर एफ़आईआर करा चुकी है।
एक डरे हुए व्यक्ति की सबसे बड़ी विशेषता यही होती है कि वो सबको डराना चाहता है!!!
@narendramodi@PMOIndia
गांव की मिट्टी से निकला लड़का आज अपने सपनों का कर्ज चुका रहा है
धर्मेंद्र बिलोटिया की कहानी किसी रातों रात मिली सफलता की नहीं खेत खलिहान साधारण परिवार और सीमित साधनों से शुरू हुआ सफर है मोबाइल से बनाए गए वीडियो जब लोगों के दिल से जुड़े तो रास्ता खुद बनता गया
आज वही लड़का अपने माता पिता को वो जिंदगी दिखा रहा है
जो कभी सिर्फ आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टर को देखकर सोची जाती थी
ये उड़ान शो ऑफ नहीं ये उस मिट्टी का हक है जिसने उसे बनाया