हिन्दू से कब सवर्ण और ब्राह्मण हो गए
पता ही नही चला Saaaaarrrrrrrrrr 😂😂
हिन्दू एकता गई तेल लेने
कटोगे तो बटोगे अभी तो अब्दुल ��ो टाइट करना तो बाकी है 🤣🤣😆😆
@DrKumarVishwas
#UGCAct
#isupportUGC
हिन्दू से कब सवर्ण और ब्राह्मण हो गए
पता ही नही चला Saaaaarrrrrrrrrr 😂😂
हिन्दू एकता गई तेल लेने
कटोगे तो बटोगे अभी तो अब्दुल को टाइट करना तो बाकी है 🤣🤣😆😆
@DrKumarVishwas#UGCAct#isupportUGC
(5)शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वो दहाड़ेगा।”
UGC का यह कानून उसी दहाड़ की सुरक्षा है।
यह संघर्ष किसी एक वर्ग का नहीं,
यह संघर्ष संविधान बनाम मनुवाद का है।
हम शिक्षा में न्याय चाहते हैं,
और न्याय पर कोई समझौता नहीं होगा
UGC का नया कानून वापस नहीं—
बल्कि मजबूती से लागू होना
(1)जब शिक्षा में भेदभाव होगा, छात्र छात्राओं को जाति के नाम पर अपमानित किया जायेगा तो राष्ट्र और समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। भेदभाव संविधान की आत्मा के खिलाफ हैं
UGC का नया कानून उसी आत्मा की रक्षा है।
यह कानून किसी के खिलाफ नहीं,
बल्कि समान अवसर, सम्मान और न्याय के पक्ष में है
(2)सालों से SC, ST, OBC के छात्रों को
संस्थानों में चुपचाप अपमान, अलगाव और भेदभाव सहना पड़ा—
अब उस अन्याय पर रोक लगना ज़रूरी था।
UGC का नया कानून यह साफ कहता है कि
जाति के आधार पर भेदभाव अब अपराध है, परंपरा नहीं।
हर छात्र को पढ़ने, आगे बढ़ने और शिकायत करने का अधिकार है।
(3)
Equal Opportunity Cell और Equity Committee
इसी अधिकार की गारंटी हैं।
जो लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं, वे दरअसल समानता से डर रहे हैं। संविधान से डर रहे हैं। और उस व्यवस्था को ब��ाना चाहते हैं जहाँ कुछ लोग जन्म से “श्रेष्ठ” माने जाते रहे।
डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था—
“