भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन!!🙏🏻
1. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
2. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
4. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
3. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
बरवाला के पूर्व विधायक एवं मेरे मित्र श्री जोगीराम सिहाग जी की बहन और बहनोई के निधन पर शोक व्यक्त कर परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
ईश्वर दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
2. “मैंने हमेशा माना है कि नेता की असली ताकत उसके पद में नहीं, उसके कार्यकर्ताओं के विश्वास में होती है।
कुछ लोग कहते हैं कि राजनीति में दोस्त नहीं होते। मैं कहता हूँ कि उन्हें हमारे कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए।”🙏🏻
आज सिरसा की जाट धर्मशाला में कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित जलपान कार्यक्रम के निमंत्रण पर पहुंचकर अपने पारिवारिक साथियों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात का सौभाग्य मिला।
यह केवल एक साधारण जलपान कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सिरसा जिले के हजारों साथियों का उमड़ा स्नेह, अपनापन और विश्वास मेरे लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण बन गया। मात्र एक जलपान कार्यक्रम में इतनी भारी संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि युगपुरुष स्वर्गीय चौधरी भजनलाल जी के प्रति जनमानस के हृदय में आज भी अपार श्रद्धा, सम्मान और प्रेम उसी प्रकार विद्यमान है।
आप सभी का मेरे प्रति जो स्नेह, लगाव और अटूट समर्थन आज भी कायम है, वह मेरे लिए केवल सम्मान की बात नहीं, बल्कि ऊर्जा, प्रेरणा और जिम्मेदारी—तीनों का सबसे बड़ा स्रोत है।
मैं सिरसा जिले के अपने सभी पारिवारिक साथियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूं। आपका यह प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और हमेशा रहेगा।
मैं जाट सभा सिरसा के सभी पदाधिकारियों का भी विशेष रूप से आभारी हूं, जिन्होंने शाल ओढ़ाकर मुझे सम्मानित किया। यह सम्मान मैं व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि आप सभी के स्नेह, विश्वास और हमारे आपसी भाईचारे की मजबूती का सम्मान मानता हूं।आज स्वर्गीय ताऊ देवी लाल जी जैसे महान शख्सियत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए अति गौरवित महसूस कर रहा था।
“कुछ लोग कहते हैं कि राजनीति में दोस्त नहीं होते।
मैं कहता हूँ कि उन्हें हमारे कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए।”
वर्षों के संघर्ष, सुख-दुःख और अनगिनत यात्राओं ने हमें केवल साथी नहीं, बल्कि एक परिवार बनाया है। राजनीति में पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन विश्वास और अपनापन ही सबसे बड़ी ताकत होते हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे साथी मिले, जिन्होंने हर परिस्थिति में साथ निभाया।
हमेशा की तरह आज भी आप सब द्वारा मिले अपार स्नेह का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूँ। 🙏🏻
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी कुलदीप बिश्नोई एक बार फिर से सियासत के मैदान में सक्रिय हो गए हैं. पूर्व सांसद व भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई ने आज अपने जनसंपर्क अभियान का आगाज सिरसा की जाट धर्मशाला से किया, जहां उन्होंने स्नेह मिलन समारोह में हिस्सा लिया, और यहां पहुंची समर्थकों की भीड़ देख कुलदीप बिश्नोई फूले नहीं समाए. दरअसल, कुलदीप बिश्नोई पिछले लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे हैं, लेकिन राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा चौधरी भजनलाल पर की गई विवादित टिप्पणी, और उसके बाद हुए घटनाक्रम के साथ ही कुलदीप बिश्नोई के तेवर पूरी तरह से बदल गए हैं. रेखा शर्मा द्वारा अपनी टिप्पणी पर खेद जताने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने सारे गिले शिकवे भुला दिए हैं, और पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर पड़े हैं. सिरसा में आज कुलदीप बिश्नोई के साथ हजकां यानी हरियाणा जनहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी नजर आए, जिस पर सवाल के जवाब में कुलदीप ने कहा कि हमारे दोस्तों और समर्थकों ने मुझसे अपील की है, कि वह पहले की तरह फॉर्म में आ जाएं, ऐसे में वह मैदान में उतर गए हैं.
@bishnoikuldeep #Sirsa @BJP4Haryana #ChaudharyBhajanlal #Haryana
1. “मैंने हमेशा माना है कि नेता की असली ताकत उसके पद में नहीं, उसके कार्यकर्ताओं के विश्वास में होती है।
कुछ लोग कहते हैं कि राजनीति में दोस्त नहीं होते। मैं कहता हूँ कि उन्हें हमारे कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए।”🙏🏻
आज सिरसा की जाट धर्मशाला में कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित जलपान कार्यक्रम के निमंत्रण पर पहुंचकर अपने पारिवारिक साथियों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात का सौभाग्य मिला।
यह केवल एक साधारण जलपान कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सिरसा जिले के हजारों साथियों का उमड़ा स्नेह, अपनापन और विश्वास मेरे लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण बन गया। मात्र एक जलपान कार्यक्रम में इतनी भारी संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि युगपुरुष स्वर्गीय चौधरी भजनलाल जी के प्रति जनमानस के हृदय में आज भी अपार श्रद्धा, सम्मान और प्रेम उसी प्रकार विद्यमान है।
आप सभी का मेरे प्रति जो स्नेह, लगाव और अटूट समर्थन आज भी कायम है, वह मेरे लिए केवल सम्मान की बात नहीं, बल्कि ऊर्जा, प्रेरणा और जिम्मेदारी—तीनों का सबसे बड़ा स्रोत है।
मैं सिरसा जिले के अपने सभी पारिवारिक साथियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूं। आपका यह प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और हमेशा रहेगा।
मैं जाट सभा सिरसा के सभी पदाधिकारियों का भी विशेष रूप से आभारी हूं, जिन्होंने शाल ओढ़ाकर मुझे सम्मानित किया। यह सम्मान मैं व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि आप सभी के स्नेह, विश्वास और हमारे आपसी भाईचारे की मजबूती का सम्मान मानता हूं।आज स्वर्गीय ताऊ देवी लाल जी जैसे महान शख्सियत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए अति गौरवित महसूस कर रहा था।
भागती-दौड़ती दुनिया में, योग ठहरना सिखाता है।
शरीर को शक्ति, मन को शांति और आत्मा को दिशा देता है। योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है।
आइए, इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग को केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवनशैली बनाने का संकल्प लें।
स्वस्थ तन, शांत मन और संतुलित जीवन की ओर एक कदम। #योग_दिवस की शुभकामनाएँ।
आज हिसार आवास पर क्षेत्रवासियों के साथ आत्मीय मुलाकात कर सभी से उनका कुशलक्षेम जाना, हालचाल पूछा और क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं को गंभीरता से सुना। आमजन की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को समझना मेरी बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।
मुलाकात के दौरान कई साथियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं मेरे सामने रखीं। मेरा हमेशा प्रयास रहता है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े और उनकी बात सीधे, संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुनी जाए।
हिसार की जनता का स्नेह, विश्वास और अपनापन हमेशा मुझे ऊर्जा देता है। आप सभी के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना, आपकी आवाज़ को मजबूती से उठाना और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य करना मेरा संकल्प है।
आपका यह प्यार, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।