नर्सिंग काउंसिल एग्जाम में गधा ने दिया एग्जाम और हद तो तब हो गई जब इस गधे को सर्टिफिकेट भी दे दिया गया ।
मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में एक बहुत बड़ी गड़बड़ी सामने नजर आई है । NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने ऑनलाइन पोर्टल की कमियों को उजागर करने के लिए एक नकली आवेदन भरा था ।
फार्म में आवेदक का नाम :- डंकी
फादर का नाम :- डंकी फादर
माता का नाम :- डंकी मदर
जाति:- Animal
और फोटो में किसी इंसान की नहीं बल्कि गधे की तस्वीर लगाई गई थी ।
दस्तावेज में मन से कोई भी नंबर डाल दिया गया और डॉक्यूमेंट अपलोड में दो ब्लैंक पेज अपलोड किया गया था ।
इस फर्जी एप्लीकेशन को सिस्टम ने रिजेक्ट नहीं किया और ऑनलाइन 2050 रुपया लेकर महज 5 मिनट के भीतर ही रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ ऑनलाइन डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट जारी कर दिया ।
इस घटना के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं ।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51
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जय हिंद जय भारत
उभरती हुई वक्ता का यह मीडिया रूप बड़ा लाजवाब है । यह महिला पेशे से क्या हैं पता नहीं , पोशाक से लग रहा है जैसे यह एक सफल गृहिणी है ।
अब पूरे देश पर हमारा भरोसा है जहां श्रोता कम और वक्ता अनगिनत होंगे ।
तो ऐसे में दो वकील एक जज वाली बातें क्या संभव नहीं ! लेकिन डर इस बात का है कि सभी लोग सुनाने वाले ही रहेंगे तो फिर सुनेगा कौन ? तो फिर एक दौर आएगा की - कौन सुनेगा किसको सुनाऊं इसलिए चुप रहना है।
खैर यह मोहतरमा बहुत अच्छा बोल रही हैं । घर से निकलने का इनका इरादा और रास्ता दोनों इन्हें बहुत दूर तलक ले जाएगा ।
हमारी शुभकामनाएं साथ रहेगी बशर्त्ते की यह इसी तरह ईमानदारी पूर्वक आगे बढ़ते रहें ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
बहुत बढ़िया! शानदार
स्थानीय स्तर पर अब ग्रामीण महिलाओं ने भी माइक संभाल लिया है… ये इस चलन का ज़बरदस्त उदाहरण है। कथित मेनस्ट्रीम मीडिया का इंतज़ार अब बिल्कुल नहीं करने वाला…
नीले ड्रम में पैक सौरभ राजपूत मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय कल 30 सितंबर को आनेवाला है , जिस निर्णय का इंतजार पूरा देश कर रहा है ।
कल मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को किस तरह की सजा मिलेगी ? दो वकील आमने-सामने बहस पर डटे रहेंगे ।
सौरभ के पक्ष वाले इस बात पर अड़े रहेंगे की मर्डर के दोषी को फांसी की सजा हो वही मुस्कान के पक्ष में वकील शायद यह कहेंगे - मुस्कान के गोद में जो यह बच्चा है , फिर उसकी परवरिश कौन करेगा ? इतने कम उम्र में बच्चे के सर से मां का साया उठ जाना , यह बच्चे के हित में नहीं ।
बहुत सारी इमोशनल बातें होने वाली है जिसमें हो सकता है मुस्कान को फांसी ना मिले ।
वही एक अहम बात जिसका समर्थन पूरा देश करेगा - सौरभ राजपूत का मर्डर जिस साजिश के तहत किया गया उसमें दोनों को फांसी भी बहुत कम है । एक मां के दर्द और पीड़ा की बातें भी कोर्ट में जरूर चलेगी लेकिन हम सभी जानते हैं - कोर्ट का मामला तर्क और सबूतों पर टिका है इसलिए कहना बड़ा मुश्किल है ।
अब चलते-चलते एक बात और भी कहना चाहेंगे - आपको याद होगा कुछ महीने पहले की बात ब्याह के लिए पैरोल पर दो मर्डरकर्ता जेल से बाहर आए जिसका राजस्थान में धूमधाम से ब्याह रचाया गया । तो इसे हम देश का सौभाग्य माने या दुर्भाग्य ! क्योंकि कलम किस और बढ़ेगा और रुकेगा कहना बड़ा ही मुश्किल है । देखते हैं कल क्या होता है ?
वैसे तो केस का पूरा जजमेंट पुलिस द्वारा सबमिट चार्जशीट पर ही निर्भर होता है जिसमें पुलिस पूरी ईमानदारी फाइल में दर्ज की होगी । हम इन्हें सैल्यूट करते हैं ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
@Uppolice@meerutpolice@CMOfficeUP
#SaurabhRajputCase
#SaurabhRajputMurderCase
#MeerutMurderCase
#BlueDrumMurderCase
@SrBachchan हमारे आदरणीय महानायक अमिताभ बच्चन जी , X पर आपका एक शब्द, दो शब्द का मतलब समझ में नहीं आता क्योंकि हम लोग आपकी तरह महान कॉलेज के स्टूडेंट नहीं इसलिए कभी-कभी फुर्सत मिले तो थोड़ा विस्तार से लिखिए । यह देश आपका फैन है जिसमें एक हम भी तो शामिल है । ऐसे में थोड़ी समझ हमारे पास है जो आपकी विस्तार को समझ सकेंगे ।
इतना शॉर्ट में भी क्या जाना ? 24 घंटे हैं हम सभी के पास । आपके पास भी तो है , तो कुछ मिनट अपने देश में शब्दों को परोसने में लगाइए । ताकि आपके शब्दों को पढ़कर लोग सुमार्ग की तरफ बढ़े ।
यकीन मानिए आपका शब्द लोगों के लिए एक हौसला है जो आंधियों में भी चिराग जलाएगा जिससे रौशन होगा जहां सारा।
फिलहाल हम तो कलयुग में सतयुग लाने के प्रयास में लगे हैं , आपका इस पर क्या ख्याल है बताइएगा जरूर ।
सादर
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
#AmitabhBachchan
#BigB
आसमान पर देखते हुए सड़क पर दौड़ना भूल जाइए नहीं तो दिन में ही तारे नजर आने शुरू हो जाएंगे ।
एक बार जीत गए तो क्या समझते हैं , हर बार लोग आपके सामने घुटना टेक देंगे ?
धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफा भले ही आप जैसे लोगों को अच्छा लगता हो मगर सच तो यह है की अधिकांशत टेबल में ही ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है मगर वह आप लोगों को दिखाई नहीं देगा ।
अब प्रधान जी तो हर टेबल पर नहीं जाते देखने की कौन कितना चोरी कर और करवा रहा है । लेकिन यह तो मंत्री की बात थी लेकिन आप तो प्रधानमंत्री जी तक पहुंच गए ।
इस पार्टी के लोगों को हम इतना जरुर कहना चाहेंगे - पहले प्रधानमंत्री की उम्र , ओहदा को थोड़ा देख लीजिए , समझ लीजिए फिर कदम बढ़ाइएगा।
हम लोग किसी पार्टी से नहीं , भारत में हर पार्टी के लोग हमारे है।
प्रधानमंत्री जी अंग्रेज नहीं जो आप इस कदर बात करेंगे । अपनी बातों को प्रधानमंत्री जी के टेबल पर अच्छे तरीके से पहुंचाइये कोई न कोई रास्ता निकल आएगा और अपने दिमाग को उतना मत उलझाइये अभी तो आपको बहुत दूर तलक जाना है , ऊंचाई को छूना है और आने वाली पीढ़ी के लिए भी तो अच्छी व्यवस्था करना है । ऐसे में थोड़ी सोच बदलिए फिर देखिए कितना आनंद आता है समाज सेवा में ।
खूबसूरत रणनीति बनाइए हम सभी आपके साथ हैं ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
रंजन जी हर साल ऐसे ही बाढ़ का आना और जाना होता है । आपकी आवाज से भी कई बुलंद आवाज हमने सुनी है मगर यह तो मामला हर साल का है जिसमें वर्षों तक सोचना होगा ।
असल में होता यह है कि दुख जाने के बाद लोग दुख को भूल जाते हैं और याद तब आता है जब दुख फिर दस्तक देता है । बाढ़ से निपटने के लिए सोच को एक टेबल पर रखना होगा तभी बिहार व हर बाढ़ ग्रस्त इलाके को हम रोक सकेंगे । यह तो प्रकृति का कहर है । अभी नेपाल की हीं बात लीजिए जिसे देखकर दिल दहल सा जाता है ।
आवाज पहुंचाने का आपका यह तरीका थोड़ा अलग है । आप सभी से आग्रह है कि आपलोग महात्मा गांधी के नीति को क्यों नहीं अपनाते ? बड़ी से बड़ी कठिनाई पार कर जाएंगे । जितना हो सके हर आदमी एक दूसरे का सहयोग करें , ऐसे में फंसे लोग निकल आएंगे । लड़ाई में उलझने से क्या फायदा ? अपनी बातों को प्रशासनिक टेबल पर प्रेम और आदर पूर्वक पहुंचाइये फिर देखिए घंटों का काम मिनटो में कैसे होता है । आगे आज के तारीख में तो सभी बुद्धिमान है ।
भगवान से हमारी जरूर प्रार्थना है कि बिहार ही नहीं पूरा देश सुरक्षित रहे और सदैव मुस्कुराता रहे ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
चंपारण के नौतन में तटबंध टूटने के बाद हालात चिंताजनक हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अभी तक जिला प्रशासन की राहत-बचाव टीम मौके पर नहीं पहुँची है। प्रशासन से जल्द से जल्द मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करने की अपील है।
सुल्तानपुर में निजी स्कूल के संचालक और उनकी पत्नी की बेरहमी से हत्या ।
29 सितंबर की सुबह जब बस ड्राइवर चाबी लेने स्कूल के अंदर गए तो मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह को मृत अवस्था में देखकर उनके होश उड़ गए ।
पति पत्नी दोनों को कुल्हाड़ी , फावड़ा और चाकू से हत्या कर दी गई थी।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल और अन्य अधिकारीगण इस हत्या के मामले का निरीक्षण कर रहे हैं ।
फिलहाल हत्यारा गिरफ्त से बाहर है , पुलिस तलाश में जुटी है ।
हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है । अनुमान लगाया जा रहा है कि यह मामला जमीनी विवाद , राजनीति रंजिश व लूटपाट से संबंधित हो ।
इन दिनों ऐसी घटना आम होती जा रही है । जबकि हत्यारे को अच्छी तरह मालूम है कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं बावजूद वह जेल के अंदर की गिनती बढ़ाने में लगे हैं ।
कारण चाहे जो हो - मेहनत करके कमाकर खाने में जो संतुष्टि है वह लूट में नहीं । आखिर हमारे देश के सपूतगण कब त्यागी बनेंगे ?
महात्मा गांधी जी ने तो आजादी दिला दी और सिखा भी दिया बुरा मत देखो , बुरा मत सुनो , बुरा मत कहो तो फिर बुरा क्यों करो !
खैर इस हत्या में हत्यारे का परिवार सबसे बड़ा जिम्मेदार है जिसने अपने बच्चों को कभी त्याग करना नहीं सिखाया लूटना ही सिखाया होगा तभी दो जिंदगी चली गई ।
हर ऐसी स्थिति से बचिए और बचाइए खुद को । वह पति-पत्नी तो चले गए इस दुनिया से , कुछ पल जरूर तड़पे होंगे लेकिन आप पूरी जिंदगी तड़प-तड़पकर जेल के अंदर बिताएंगे और आपके घर वाले भी उतना ही तड़पेंगे और डर के साए में जिएंगे । जब आप बाहर निकलेंगे तो भी जिंदगी वीरान बनेगी । इसे बेहतर नहीं है जियो और जीने दो वाली प्रवृत्ति ।
बस इस शब्द को जरूर याद रखिएगा -किसी के लिए भी जिंदगी नहीं मिलती दोबारा और हम प्रशासन से इतना जरुर कहना चाहेंगे - आप है तो फिक्र किसी बात की , न्याय तो मिलकर रहेगा ।
अफसोस बस इतना है कि लोगों के मन में कानून का डर क्यों नहीं ?
@sultanpurpolice@adgzonevaranasi@dgpup
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
#Sultanpur
#SultanpurMurder
#DoubleMurder
यह कैसा इंसाफ हुआ , बकाया ट्रैफिक चालान को बिजली बिल में ऐड कर दो ।
इससे तो अच्छा होता सुप्रीम कोर्ट यह फैसला सुनाती कि अगर कोई ट्रैफिक चालान नहीं भरता है तो उसका गाड़ी हमेशा के लिए सील कर दो । ऐसे में बेचारा न कमा पाएगा ना जी पाएगा और ऐसे ही मर जाएगा ।
एक सच्ची बात बताऊं जो कड़वी भी है - जेल में इतने सारे बंद जो लोग दिखाई देते हैं उनमें कई सारे लोग सरकारी सिस्टम से पीड़ित भी होते हैं।
यह सभी जानते है कि ट्रैफिक चालान पुलिस क्यों काटते हैं ? और इसके पीछे का मकसद क्या होता है ?जनता की छोटी सी लापरवाही या चूक से सरकार सालाना कितना वसूलती हैं !
खैर ट्रैफिक चालान तो भरनी ही चाहिए वह भी टाइम पर पर इसका फैसला ऐसा होगा सोच से परे है ।
जय हिंद जय भारत
सावधान: पोहा के पैकेट में निकले कीड़े! ⚠️🤮
अक्सर लोग सेफ्टी की दृष्टि से बंद पैकेट पोहा / चिऊरा खरीदना चाहते हैं नाश्ते के लिए ।
यह तो घर की बात है जहां लोग स्वच्छ हीं खाते हैं फिर भी धोने के बाद कीड़ा निकला ।
मार्केट में बना बनाया हुआ नाश्ता का हाल क्या होगा ? क्या वह इस तरह धोते होंगे !
मार्केट में मिलने वाला पोहा का व्यंजन प्रतिदिन लाखों लाख लोग ग्रहण करते हैं और इसी सब कारण से लोग बीमारी से ग्रस्त है ।
इसलिए थोड़ा वक्त लगेगा लेकिन घर पर बना हुआ ही खाना खाए ।
महाराष्ट्र के IAS तुकाराम मुंढे जी हर जगह छापामारी कर लोग को सतर्क करने की कोशिश में लगे हैं । ऐसे होते हैं हमारे भारत के रियल हीरो ।
अगस्त का बना हुआ स्वास्तिक का पोहा, जिसकी वैलिडिटी दिसंबर तक है, उसमें आज सुबह नाश्ते के समय दूध में डालते ही ढेर सारे कीड़े ऊपर तैरने लगे। पैकेट अभी एक्सपायर भी नहीं हुआ है, फिर भी सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों?
जवाब दीजिए स्वास्तिक प्रोडक्ट !
हमारा मलाई वाला दूध , मेहनत , भावना और पोहा गया उसका जुर्माना कौन भरेगा ? और सबसे बहुमूल्य समय की बर्बादी ।
@Tukaram_IndIAS
#FoodSafety #PohaInsects #ConsumerAlert #Gross #QualityCheck #FSSAI
दिव्या मित्तल जी @divyamittal_IAS आपकी सोच बहुत अच्छी है और आपके 80 साल के हिसाब में पूरा देश खड़ा रहेगा मगर एक बात समझ से परे है कि हिसाब लेने के लिए पद क्यों छोड़ना ?
आपके पास एक गरिमामय कुर्सी थी , इस कुर्सी को पाने के लिए बच्चे बरसो बरस सफर करते हैं , आपने एक झटके में छोड़ दिया ।
आप जैसे पदाधिकारी हीं तो देश को चाहिए था , आपने उनके मन की सोच बदल दी । जिस प्रशासनिक कुर्सी पर रहते हुए आप व्यवस्था नहीं बदल सके तो फिर 80 साल का हिसाब आप कैसे ले पाएंगे ?
एक अहम बात जो पूरे देश के लिए मैं दर्ज कर रही हूं , ABCD के 26 लेटर पढ़े बिना क्या कोई अंग्रेजी सीख सकता है ? इसलिए समाज सेवा भी नीचे से ऊपर की ओर जाता है , अचानक नहीं बढ़ता।
जो 80 साल बीत गया उसमें उलझने से बेहतर है , अपने समाज में आने वाले गुत्थी को सुलझाइए।
आप तो 80 साल का ही हिसाब लेने में लगी हैं , मैं तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जिंदा रखना चाहती हूं इसलिए कि इन्होंने तो अंग्रेजों को ही भगाकर अपने भारत को आजादी दिलाई ।
इसलिए आप कल पर मत सोचिए आज को बचाइए । क्योंकि मेरी सोच आपसे मिलती है तो हम आपसे पुनः आग्रह करेंगे - आप फिर से उसी कुर्सी पर विराजमान हो , हमारे जैसे लोग सदैव आपके साथ खड़े रहेंगे ।
आपने इस पंक्ति को जरूर पढ़ा होगा - करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान। रसरि आवत-जात ते, सिल पर परत निसान॥
इसलिए नए दौर में शामिल होकर एक नया इतिहास रचिए और इतिहास बनिए , हम सभी आपके साथ हैं ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
इस तरह का फर्जी कंटेंट बनाकर कुछ मिनट के लिए सुर्खियां बटोरना जिंदगी भर के लिए इमेज पर एक गहरा दाग छोड़ गया ।
अगर ऐसा ही शौक था तो कुछ बढ़िया कंटेंट बनाते जिससे समाज और देश को लाभ मिलता साथ ही आपकी इमेज भी दुनिया के नजर में एक सेवा कहलाती । मगर आपने यह क्या कर दिया ? शायद यही एक कलयुगी होने का निशान है ।
कलयुग को सतयुग बनाया जा सकता है मगर थोड़ी कठिनाई होती है मगर उसमें परछाई भगवान श्री राम की आएगी ।
खैर अब एक बात और ......... फर्जी कंटेंट तो बनाया लेकिन मां को गाली क्यों दिया मां का क्या कसूर था ? दोनों ने अपनी मां को भद्दी गाली दी ।
वर्दी में जो पुलिस की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति हैं उनकी मां को बंडी वाले व्यक्ति ने जो गाली दी वह तो शर्मसार करने जैसा है ।
इस भूमिका के लिए ये तैयार कैसे हो गए ।
कुछ भी बनाइए वर्दी को गंदा मत कीजिए क्योंकि वर्दी में हमारे भारत की मिट्टी की खुशबू बसता है । यही वर्दी की खुशबू रात भर बॉर्डर पर जगती है तो पूरा देश सोता है ।
जय हिंद जय भारत
गोरखपुर में ‘फर्जी’ वकील-दरोगा का फर्जी झगड़ा, व्यूज के चक्कर में हुई FIR
गोरखपुर में सड़क पर ‘वकील साहब’ और ‘दरोगा जी’ की लड़ाई का वीडियो खूब वायरल हुआ, लेकिन पुलिस जांच में कहानी ही पलट गई। दोनों असली वकील-दरोगा नहीं, बल्कि वीडियो पर व्यूज बटोरने के लिए कथित तौर पर एक्टिंग कर रहे थे। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर FIR दर्ज कर ली। यानी वायरल होने की चाहत में ‘किरदार’ निभाना भारी पड़ गया।
देश का चौथा स्तंभ मीडिया जिस पर लोग आंख बंद करके भरोसा करते हैं , मगर यह क्या खुली आंखों में धोखा !
जल्दी बाजी और ज्यादा न्यूज़ प्रस्तुत करने के चक्कर में ही ऐसा मिस्टेक होता है । इसलिए मीडिया बदनाम हो रही है ।
इतना बड़ा मिस्टेक जिसमें चेहरा ही बदल दिया आपने।
आम आदमी ऐसा करता तो कोई बात नहीं था मगर आप तो बहुत ही खास है , स्तंभ है ।
सुसाइड सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर निधि तिवारी ने किया है न कि पत्रकार निधि तिवारी । नाम मिस्टेक हो सकता है लेकिन आपने तो चेहरा ही बदल दिया । ऐसे में आप पर कोई उंगली उठाए मुझे अच्छा नहीं लगा और लेखन से जुड़े किसी भी व्यक्ति को अच्छा नहीं लगेगा । खैर
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
अरविंद केजरीवाल को इस तरह का जवाब नहीं देना चाहिए था ।
माना प्रवेश वर्मा ने गलती की उनको थप्पड़ नहीं चलाना चाहिए था । मगर बदले में ऐसा रिप्लाई जो मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहे हैं बिल्कुल शोभा नहीं देता ।
आपने प्रवेश वर्मा के साथ-साथ प्रधानमंत्री को भी लपेटे में लिया और ऐसा शब्द उनके लिए इस्तेमाल किया जो सरासर गलत है ।
विरोध और रिप्लाई शांति और समझदारी तरीके से भी की जा सकती है ।
ऐसे रिप्लाई से उनमें और आपमें फर्क क्या रह जाएगा ?
किसी भी नेता को संयम बनाकर रखनी चाहिए । थप्पड़ चलाना किसी भी हालत में जायज नहीं चाहे परिस्थिति कुछ भी हो ।
प्रवेश वर्मा ने सामने आकर कहा था कि उन्होंने मुझे और मेरे परिवार की गाली दी जिसके बाद मुझसे यह गलती हुई ।
पर सवाल यह है नेतागण जनता के ही सेवक होते हैं । पब्लिक का उनसे सवाल पूछना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है । ऐसे में किसी की बात सुनने के बजाय , सही जवाब देने के बजाए डायरेक्ट थप्पड़ चलाना , नेताजी को शोभा नहीं देता ।
दिल्ली में एक रैली के दौरान अरविंद केजरीवाल को भी किसी ने थप्पड़ मार दी थी , उस वक्त भी उन्होंने अपना आपा नहीं खोया और संयम से काम लिया । ऐसे लोगों को मेडिटेशन करनी चाहिए जिनके पास गुस्सा को बर्दाश्त करने की शक्ति नहीं ।
सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और मिस प्रिटी इंडिया विनर "निधि तिवारी" ने सुसाइड कर लिया है ।
निधि ज्यादातर डांस का शॉर्ट्स वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड करती थी। इनके फेसबुक अकाउंट पर 9 लाख फॉलोअर्स वही इंस्टाग्राम पर 7 लाख है ।
निधि की मां और बहन ने बॉयफ्रेंड सोनू सिंह पर आरोप लगाया है । उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अक्सर निधि को परेशान और प्रताड़ित करता था , उस पर हमेशा नजर रखता था ।
26 सितंबर 2026 की शाम लगभग 8:30 बजे निधि फोन पर सोनू से बात कर रही थी और तभी दोनों में किसी बात को लेकर बहस होनी शुरू हो गई जिसके बाद निधि अपने कमरे में चली गई और दरवाजा को बंद कर सुसाइड कर लिया ।
सोनू सिंह एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर है ।
#NidhiTiwariDeath #NidhiTiwariSuicide
🎬 पूरा वीडियो देखने के लिए नीचे कमेंट सेक्शन (Comment Section) में जाएं। 👇
पहाड़ को इस कदर बिखर कर नदी में गिरते हुए आपने कभी देखा है क्या !
यह दृश्य देखकर ही मन में भय उत्पन्न हो जाता है । यह सब प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का अंजाम है ।
यह वीडियो नेपाल के मुस्तांग जिले में आई एक भीषण भूस्खलन की है । 27 सितम्बर 2026 की शाम लगभग 5:30 बजे एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढहकर काली गंडक नदी में जा गिरी।
इस घटना में किसी की भी हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है ।
नेपाल में पिछले कुछ दिनों से हो रहे लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ टूट कर बिखर गया जिसका विकराल रूप वीडियो में आप देख सकते हैं ।
@Sachingupta
#NepalLandslide
#Nepal
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"मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दी" यह गाना फिल्म हनुमान अंश का है ।
जहां बात हनुमान की हो और वहां बेड़ा पार ना हो , ऐसा हो ही नहीं सकता । कुछ ऐसा ही अद्भुत चमत्कार इस फिल्म के साथ हुआ है ।
महज 2 करोड़ लागत से बनी यह फिल्म "हनुमान अंश" को सिर्फ 250 स्क्रीन पर रिलीज किया गया था ।
यह फिल्म सिनेमा घर के परदे पर पूरी तरीके से फ्लॉप साबित हो रही थी तभी अचानक एक अद्भुत चमत्कार हुआ और यह फिल्म 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर एक इतिहास रच दिया ।
पहली सप्ताह में यह फिल्म महज 10 लाख की कमाई कर पाई थी , जिसके बाद थिएटर मालिक इस फिल्म को उतारना शुरू कर दिए थे और दूसरे सप्ताह में यह फिल्म सिर्फ 40 स्क्रीन पर चल रही थी ।
फर्स्ट और सेकंड वीकेंड का कलेक्शन मिलाकर इस फिल्म ने कुल 40 लाख कमाया था ।
तीसरे सप्ताह में एक बड़ा चमत्कार हुआ और 40 स्क्रीन पर चल रही यह फिल्म 2000 सिनेमा घर के पर्दों पर चलना शुरू कर दिया और उसके बाद इतिहास रचते हुए यह फिल्म 12000 स्क्रीन पर रिलीज हो गई ।
अभी तक इस फिल्म ने 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है जो अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं ।
अब आपके मन में एक सवाल चल रहा होगा कि जो फिल्म बुरी तरीके से फ्लॉप हो रही थी आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक से यह फिल्म सुपर डुपर हिट हो गई -
तो इसका सबसे बड़ा रीजन है साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म टॉक्सिक का दूसरे दिन फ्लॉप हो जाना ।
टॉक्सिक काफी भारी बजट की फिल्म थी लगभग 500 करोड़ की जिसने पहले दिन लगभग 100 करोड़ का कलेक्शन किया और उसके बाद दूसरे दिन से पूरी तरीके से पिट गया जहां फिल्म का पैसा निकालना भी मेकर्स के लिए मुश्किल हुआ।
जब फिल्म फ्लॉप हो रही थी और सोशल मीडिया पर दर्शक इसे ट्रोल कर रहे थे , तभी हनुमान अंश ने सभी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा और दर्शक टॉक्सिक को छोड़कर इस फिल्म को देखना शुरू कर दिए ।
यह सच है कि टॉक्सिक की असफलता ने फिल्म हनुमान अंश को सुपर डुपर हिट करा दिया । पर सिर्फ फिल्म टॉक्सिक को क्रेडिट देना शायद उचित नहीं !
क्योंकि अगर फिल्म हनुमान अंश अच्छी नहीं होती तो दर्शक उसे पसंद नहीं करते और सोशल मीडिया पर इस फिल्म की जमकर तारीफ नहीं होती ।
जय हिंद जय भारत ।
@ShobhinawSatyaa
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