हरियाणा में डॉ. बी.आर. अंबेडकर लाइब्रेरी का नाम परिवर्तित किए जाने के निर्णय को निरस्त कर मूल नाम बहाल किए जाने हेतु महामहिम राष्ट्रपति महोदया श्रद्धेया द्रौपदी मुर्मू जी को पत्र लिखकर अनुरोध किया।
@mygovindia@rashtrapatibhvn
अब जेईई एडवांस!
भर्ती परीक्षाएँ विवादों में, बोर्ड परीक्षाएँ, विश्वविद्यालय परीक्षाएँ व प्रवेश परीक्षाएँ सवालों में हैं और युवाओं का भविष्य अनिश्चितता में है।
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की नाकामियों ने शिक्षा व्यवस्था में एक नया विषय जोड़ दिया है: परीक्षा के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता साबित करना।
उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत देवल गांव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की जातीय घृणा से प्रेरित निर्मम हत्या पूरे देश और समाज के लिए शर्म और चिंता का विषय है।
परिजनों के अनुसार, केतन को प्रेम संबंध के कारण सुनियोजित तरीके से बुलाया गया, बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठी-डंडों तथा बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। प्रेमिका के सामने ही उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि अंततः उसकी मृत्यु हो गई। हत्यारोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने स्वयं परिजनों को फोन कर धमकी भरे अंदाज़ में कहा- 'अपने बेटे को यहां से उठाकर ले जाओ।यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि संविधान, समानता और मानवता की हत्या है।
आज भी यदि किसी दलित युवक को केवल इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि उसने तथाकथित सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया, तो यह साबित करता है कि जातिवादी मानसिकता समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @ukcmo से मांग करते हैं कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार क���या जाए, उन पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण, बंधक बनाने तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की कठोरतम धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए।
@pushkardhami
जल जंगल और ज़मीन के रखवाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांतिवीर जननायक धरती आबा बिरसा मुंडा जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन। जय भीम, जय भारत, हूल जोहार।
पेपर लीक... भर्��ी घोटाले... परीक्षाएं रद्द... यूपी बोर्ड परिणामों पर शिकायतें... और अब दीनदयाल उ��ाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में रिजल्ट गड़बड़ी।
भाजपाई नाकामियों की भी हद है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस सरकार में घोटाले अपवाद नहीं, बल्कि व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। परीक्षा हो, भर्ती हो या परिणाम, हर मोर्चे पर युवाओं की मेहनत और भविष्य सबसे आसान निशाना बनता जा रहा है।
युवाओं का भविष्य इन नाकामियों के बोझ तले दबता जा रहा है।
मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव निवासी राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी बहन अनुष्का पाल की हत्या के मामले में आज मेरी पीड़ित परिवार से बात हुई। परिवार ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि वे अब तक की पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
परिजनों का कहना है कि अनुष्का के बा�� छोटे थे, जबकि जो शव बरामद हुआ है उसके बाल लंबे हैं। परिवार का मानना है कि इस मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं। ऐसे में उनकी आशंकाओं और संदेहों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
जब किसी मामले में पीड़ित परिवार ही जांच पर भरोसा नहीं जता रहा हो, तब निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना आवश्यक हो जाता है। इसलिए हम @UPGovt से मांग करते हैं कि अनु��्का पाल हत्याकांड की जांच तत्काल सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच हो सके तथा सच्चाई सामने आ सके।
मैं शीघ्र ही मेरठ जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करूंगा और न्याय की इस लड़ाई में हर हाल में उनके साथ खड़ा रहूंगा।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
@Uppolice
@dgpup
आज ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ पर प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के इशारे पर मुझे मेरे धामपुर स्थित आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक कृत्य होने के उपरांत, पुलिस-प्रशासन से वार्ता के बाद मैंने यात्रा शुरू करने से पहले जिला बिजनौर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के गुरूघर पहुंचकर गुरु महाराज जी को नमन किया।
इतने सबके बाद भी बिजनौर की सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने साबित कर दिया कि परिवर्तन की यह लड़ाई अब जन-जन की आवाज़ बन चुकी है और कोई भी दमन या बाधा इस जनसंकल्प को रोक नहीं सकती।
आभार बिजनौर, एक बार पुनः आभार नगीना।
#ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा
#UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK
#AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra
राजकीय मेडिकल कॉलेज, बिजनौर एवं संबद्ध चिकित्सालयों में स्टाफ नर्���ों के रिक्त पदों को तत्काल भरने के संबंध में माननीय उपमुख्यमंत्री @brajeshpathakup जी को पत्र लिखा
@UPGovt
उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) को मात्र 121 करोड़ रुपये में निजी हाथों में सौंपना इस बात का एक और उदाहरण है कि किस प्रकार निजीकरण के नाम पर देश की बहुमूल्य सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों तथा संस्थानों को औने-पौने दामों पर कॉर्पोरेट हितों के हवाले किया जा रहा है।
IMPCL कोई साधारण कंपनी नहीं है। 1978 में वन विभाग की 40 एकड़ भूमि पर स्थापित यह भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि निर्माण संस्था है, जिसके पास 1200 प्रकार की औषधिया�� बनाने का लाइसेंस है। देश के केंद्रीय अस्पतालों, शोध संस्थानों, आयुष संस्थानों तथा विभिन्न राज्यों के सरकारी अस्पतालों को लगभग 575 प्रकार की आयुर्वेदिक एवं यूनानी दवाएं उपलब्ध कराने वाली यह संस्था आयुष क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सरकारी धरोहर है।
कर्मचारियों के दावों के अनुसार, कंपनी की नेटवर्थ लगभग 145 करोड़ रुपये है। ऐसे में उसे मात्र 121 करोड़ रुपये में बेचना गंभीर सवाल खड़े करता है। 1 जून से आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगें न्यायसंगत हैं। @MoHFW_INDIA को इस निजीकरण की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
निजीकरण के नाम पर सार्वजनिक संपत्तियों की यह लूट बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो मैं स्वयं अल्मोड़ा पहुंचकर आंदोलनरत कर्मचारियों के संघर्ष में शामिल होऊंगा।
@mygovindia
@JPNadda
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भिंड निवासी 15 वर्षीय दलित नाबालिग बेटी को बेचने, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने, हत्या करने तथा सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की घटना अत्यंत भयावह एवं दण्डनीय है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोर देने वाली है।
28 मई से लापता बच्ची का शव 1 जून को बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने समाज के लोगों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया।
परिजनों के अनुसार 28 मई को ही नामजद शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
मुख्यमंत्री @DrMohan Yadav51 जी, यह केवल अपराधियों की क्रूरता का ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों तथा लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @MP_MyGov से मांग करते हैं कि:-
1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।
3. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
4. पुलिस क�� लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।
5. पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
6. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए।
@CMMadhyaPradesh
महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना से लगभग 80 लाख महिलाओं को बाहर किए जाने की खबर बेहद चिंताजनक है। यदि लाखों महिलाओं को अचानक अपात्र घोषित किया जा रहा है, तो यह भाजपा की चुनाव से पहले “लाडकी बहिन” और चुनाव के बाद “भुला दी बहिन” वाली अवसरवा��ी राजनीति को उजागर करता है।
इसीलिए हम उत्तर प्रदेश की अपनी बहनों से निवेदन करते हैं कि भाजपा के चुनावी नारों और वादों के जाल में फंसने के बजाय अपने अधिकारों, सम्मान और भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लें। याद रखिए, जो भाजपा चुनाव के समय महिलाओं को अपनी लाडकी बहन बताकर वोट मांगती है और चुनाव के बाद लाखों बहनों के नाम सूची से काट देती है, वह बहनों की हितैषी नहीं, बल्कि वोटों की व्यापारी है।
#SattaParivartanYatra
#ASP_K_Mission2027
दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र के हौज रानी स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग के कारण हुए दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मृत्यु तथा दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर अत्यंत दुखद, भयावह और झकझोर देने वाली है।
हम इस हादसे में ��ान गंवाने वाले सभी लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा उनके शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
@DelhiGovDigital इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे तथा मृतकों के परिजनों और घायलों को हरसंभव सहायता एवं उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
झारखंड के सिमडेगा जिले में बहन जेबा परवीन की हत्या अत्यंत दुखद, निंदनीय और चिंताजनक घटना है, जो महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
परिजनों के अनुसार, 16 मई 2026 को आरोपी घर में घुसा और जेबा परवीन के सिर में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उपचार के दौरान उनकी मृ��्यु हो गई।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
@JharkhandCMO से हमारी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं स��यबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए, आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
@HemantSorenJMM
भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ 29 मई को प्रयागराज में हुए छात्रों-छात्राओं के आंदोलन के बाद संस्थानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।
संस्थानों पर सरकार की यह दमनकारी कार्यवाही अगर जल्द वापस नही ली गई तो इसके खिलाफ जल्द ही बड़ा आंदोलन प्रयाग���ाज या लखनऊ में किया जाएगा। अध्यापक साथी अपने आप को अकेला ना समझे, भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशी��ाम) हर प्रकार के अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
#Prayagraj #StudentProtest #PaperLeak
मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव निवासी 17 वर्षीय बहन एवं राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की निर्मम हत्या अत्यंत दुखद, भयावह और झकझोर दे��े वाली घटना है।
सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि परिजनों द्वारा बार-बार शिकायत करने, संदिग्ध व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर देने तथा लगातार 33 दिनों तक पुलिस और चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया होता, तो शायद एक होनहार बेटी की जान बचाई जा सकती थी या कम से कम उसके शव की ऐसी दर्दनाक स्थिति देखने को न मिलती। यह हत्या प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
यह भी अत्यंत चिंताजनक है कि हत्या का आरोपी पहले ��ी एक जघन्य हत्याकांड में दोषसिद्ध होकर उम्रकैद की सजा पा चुका था। ऐसे व्यक्ति के पुनः इस प्रकार का अपराध कर पाने की परिस्थितियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि:- इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। शिकायत के बावजूद लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। आरोपी के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम कानूनी दंड सुनिश्चित किया जाए। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, सुरक्षा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर जम्मू से श्रीनगर तक मार्च कर रहे हमारे साथियों की गिरफ्तारी अत्यंत चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। यह कार्रवाई उन लोगों की आवाज़ दबाने का प्रयास प्रतीत होती है, जो संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की मा��ग कर रहे हैं।
आज़���द समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रज्जत रमित जी, भीम आर्मी परवासी विंग के अध्यक्ष बलराम अहीरवार जी तथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सचिव सुरिंदर अत्री जी को जम्मू पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर बाग-ए-बहू पुलिस स्टेशन में रखा जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि जनजातीय समुदायों की समस्याओं के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है।
ये सभी साथी एसटी समुदाय, विशेष रूप से गुज��जर-बकरवाल समाज के लोगों के साथ मिलकर वन अधिकार अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन और वनभूमि पर पीढ़ियों से निवास कर रहे समुदायों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री @OmarAbdullah जी से मिलना चाहते थे। लेकिन संवाद के बजाय गिरफ्तारी का रास्ता चुनना बेहद चिन्ताजनक है।
जब वन अधिकार अधिनियम स्वयं जनजातीय एवं परंपरागत वनवासी समुदायों को भूमि, आवास, आजीविका और सामुदायिक संसाधनों पर अधिकार प्र���ान करता है, तब उन्हीं अधिकारों की मांग करने वालों को अपराधियों की तरह देखना न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
हम @CM_JnK से मांग करते हैं कि हमारे सभी साथियों को तत्काल रिहा किया जाए तथा जनजातीय समुदायों की न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। अन्यथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), भीम आर्मी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।