मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आज विधानसभा सत्र में प्रतिभाग करने के लिए भराड़ीसैंण (गैरसैंण) आगमन के दौरान रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री के रुद्रप्रयाग जनपद आगमन पर कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
चमोली जनपद आगमन पर विधायक श्री अनिल नौटियाल, विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार तथा मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इस दौरान गौचर, कर्णप्रयाग, खेती सहित विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने आदिबद्री में स्थानीय दुकानों पर पहुंचकर लोगों और बच्चों से मुलाकात की तथा उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से आत्मीय संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थानों पर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए उनके स्नेह और आत्मीय स्वागत के लिए सभी का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज विधानसभा सत्र में प्रतिभाग करने के लिए भराड़ीसैंण (गैरसैंण) जाते समय श्री आदि बद्री मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष श्री भगवत प्रसाद मकवाना, अध्यक्ष महानगर भाजपा श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, श्री श्याम अग्रवाल, श्री अशोक वर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम श्री आलोक पांडे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नगर निगम, देहरादून में महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने जल्द ही प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत पर्यावरण मित्रों के मानदेय को बढ़ाए जाने की बात कही, उन्होंने कहा इसके लिए यथाशीघ्र बैठक भी आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने महाकाव्य रामायण से पूरे विश्व को भगवान श्रीराम के जीवन से परिचित कराया। महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें सिखाता है कि अच्छे विचारों और कर्मों से व्यक्ति, अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। वाल्मीकि जी के जीवन से संदेश मिलता है कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके ज्ञान, कर्म और समाज के प्रति उसके योगदान से होती है। वाल्मीकि जी ने ऐसे समाज के निर्माण की प्रेरणा दी, जहां भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा कि रामायण में सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य जैसे मानवीय मूल्यों का संदेश है। रामायण हमें धर्म के मार्ग पर चलने के साथ प्रेम, समानता, बंधुत्व और मानवीय गरिमा का सम्मान करना भी सिखाती है। उन्होंने कहा कि रामायण ने हमें सिखाया है कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके विचारों, कर्मों और समर्पण से होती है। सनातन संस्कृति ने हमेशा सम्मान करने और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं समरसता बनाए रखने का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में अपनी जड़ों से जुड़ने, इतिहास को पहचानने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का नया वातावरण बना है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। श्रीराम मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि जी, निषादराज और माता शबरी को स्थान दिया जाना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपरा के स्वरूप को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों, वंचितों, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्गों को निरंतर मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं से करोड़ों परिवारों को बेहतर जीवन का अवसर मिला है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों की रक्षा और अत्याचारों के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों को भी मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वंचित, शोषित, पीड़ित समाज के उत्थान के लिए अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का स्पष्ट ध्येय है कि सबको समान अवसर और सम्मान देकर ही देश को विकसित और सशक्त बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वहीं इन विद्यार्थियों के लिए 15 निःशुल्क छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय और 3 आईटीआई भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि युवा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा सरकार ने अटल आवास योजना को पुनः प्रारंभ कर आवासहीन अनुसूचित वर्ग के परिवारों को घर बनाने के लिए ₹1 लाख 20 हजार की सहायता देने की व्यवस्था भी की है। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति के युवक या युवती से अंतरजातीय विवाह करने पर ₹50 हजार की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए भी ₹50 हजार की सहायता दी जा रही है। हमारा स्पष्ट ध्येय है कि समाज का कोई भी वर्ग विकास की दौड़ में पीछे न रहे।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड, ऋषि-मुनियों की तपस्या, देवस्थलों की आस्था और प्राचीन परंपराओं से समृद्ध देवभूमि है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत भी मजबूत हो, प्राचीन परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचें और समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण को अवश्य साकार करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत निर्मित पुल एवं सुरंग परियोजना का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि जल्द ही इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के अंतर्गत संगम लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया।
चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत रुद्रप्रयाग में लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबे पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। पुल, सुरंग और संपर्क मार्ग सहित इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 1.18 किलोमीटर है। यह महत्वपूर्ण परियोजना केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07) से सीधे जोड़ेगी।
पुल-सुरंग मार्ग पर आज से ट्रायल के आधार पर आवागमन शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण परियोजना का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। मार्ग पर नियमित यातायात शुरू होने के बाद श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को रुद्रप्रयाग बाजार से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे चारधाम यात्रा के दौरान नगर में यातायात का दबाव कम होगा तथा स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक अवसंरचना के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे ढलान सुरक्षा एवं स्थिरीकरण कार्यों की भी जानकारी ली। इन कार्यों का उद्देश्य भूस्खलन से होने वाले जोखिम को कम करना तथा यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाना है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के अंतर्गत संगम लाइब्रेरी का अवलोकन करते हुए इस अभिनव पहल की सराहना की। जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध कराना तथा पुस्तकालयों को समृद्ध बनाना है।
अभियान को जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों का उत्साहजनक सहयोग मिल रहा है। अभियान के अंतर्गत संगम पुस्तकालय को 2,500 से अधिक पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य तथा विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकें शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस अभियान में 150 पुस्तकें उपलब्ध कराकर अपना योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान अर्जित करने और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। पुस्तक दान जैसे अभियान विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं, जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने की यह पहल युवाओं में पढ़ने और सीखने की संस्कृति को प्रोत्साहित करेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय कप्रवान, सीमांत क्षेत्र अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री चंडी प्रसाद भट्ट, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती ऐश्वर्या रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट, श्री गिरवर सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य श्री जयवर्धन कांडपाल, श्री अमित कुमार मैखंडी एवं श्री गंभीर सिंह बिष्ट, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री महावीर पंवार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री अजय सेमवाल, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग श्री विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी श्री सोहन सिंह सैनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
"अपने पैतृक गांव हड़खोला, डीडीहाट पहुंचने पर ग्रामवासियों द्वारा अपार स्नेह, आत्मीयता और उत्साह के साथ किए गए स्वागत से मन भाव विभोर है।": मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी
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"प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।": मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के सपने को साकार कर रही हैं, बागेश्वर के मेहनर बूंगा गांव की कमला बिष्ट।
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उत्तराखण्ड सरकार की स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजना से उत्तरकाशी जनपद में एप्पल प्रोसेसिंग यूनिट के संचालन से अब सी ग्रेड के सेबों से भी आमदनी होने लगी है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन अंकिता को न्याय मिलना सर्वोपरि है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर संवाद किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महोत्सव में उपस्थित लोगों का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊं का प्रवेश द्वार होने के साथ ही पर्वतीय समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। यह क्षेत्र कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और लोक कलाओं की विशिष्ट पहचान को व्यापक मंच प्रदान करता है। महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि प्रदेशवासी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने ‘वैदेही कल्चरल एजुकेशन एंड आर्ट फाउंडेशन’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लोकगायन और लोकनृत्य के माध्यम से विशेष रूप से युवा पीढ़ी को उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान देने के साथ ही इन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। यहां के लोकगीतों और लोकनृत्यों में पर्वतीय जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य, ऋतु परिवर्तन, लोक आस्थाओं और गौरवशाली इतिहास की झलक देखने को मिलती है। छोलिया नृत्य, झोड़ा, चांचरी, बरदा नाटी और न्योली जैसी लोक विधाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। इसी प्रकार बेड़ा गीत, मांगल गीत और चैती गीत जैसी पारंपरिक गायन शैलियां उत्तराखण्ड के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग हैं।
उन्होंने कहा कि ढोल, दमाऊ, तुर्री, भंकोरा और रणसिंहा जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। इनकी धुनों में पहाड़ के जनजीवन, लोक आस्थाओं और परंपराओं की झलक मिलती है। डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया के विस्तार से उत्तराखण्ड का लोक संगीत प्रदेश की सीमाओं से बाहर निकलकर देश-विदेश में पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के भविष्य, जनहित और देवभूमि की विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने, दंगारोधी कानून लागू करने और सशक्त भू-कानून की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नकल माफिया पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के हित में बड़े और आवश्यक निर्णय लेने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। उनके अनुसार, प्रदेश का हित सत्ता से, जनहित राजनीति से और राष्ट्रहित वोटबैंक की राजनीति से ऊपर है।
उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को प्रदेश की जनता आज भी याद करती है। राज्य आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया और उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया। ऐसे ऐतिहासिक संदर्भों के बीच प्रदेश के लोगों के सम्मान से जुड़ी टिप्पणियां और भी संवेदनशील हो जाती हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के संबंध में राजनीतिक बयान देते समय राष्ट्रहित और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी बेटी को न्याय दिलाना समाज और व्यवस्था की गंभीर जिम्मेदारी है। इस संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया, तथ्यों और प्रमाणों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषियों को सुनाई गई सजा और जमानत याचिकाओं से संबंधित न्यायिक कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के अनुसार चलने वाली प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के लिए अस्थायी अधिष्ठान एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर व्यय हेतु राज्य सेक्टर के अंतर्गत ₹175.00 करोड़ तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित कार्यों के वित्तपोषण हेतु शहरी विकास विभाग के माध्यम से ₹317.00 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोड़ा में विधान सभा क्षेत्र सल्ट के गैरखेत, बलमरा, सराईखेत मोटर मार्ग के डामरीकरण कार्य हेतु ₹6.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
उन्होंने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधान सभा क्षेत्र बीएचईएल रानीपुर में 03 निर्माण कार्यों हेतु ₹2.67 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ में विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अंतर्गत विकासखण्ड मूनाकोट के ग्राम पंचायत लामाखेत में सकत्या बड़बाप मंदिर के सौंदर्यीकरण के साथ दीवार एवं धर्मशाला निर्माण कार्य हेतु ₹45.03 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
उन्होंने छठवां राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों की प्रत्याशा में पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में संक्रमित धनराशि के समान ही तदर्थ आधार पर समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की तृतीय त्रैमासिक किश्त हेतु ₹82.21 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंह नगर में सितारगंज विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत सिडकुल से पण्डरी तक अपर बैगुल नहर के जीर्णाेद्धार हेतु ₹7.84 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
उन्होंने जनपद पौड़ी गढ़वाल में विकासखण्ड रिखणीखाल के ग्राम ढिकोलिया में स्प्रिंकलर आधारित नलकूप के निर्माण हेतु ₹1.43 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद नैनीताल में विकासखण्ड रामगढ़ के ग्राम ल्वेशाल में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण हेतु ₹2.54 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
उन्होंने जनपद चम्पावत में विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अंतर्गत ग्राम पंचायत पुनौली के गोगना तोक में ऐतिहासिक ब्रहमचारिणी मेला स्थल का विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु ₹87.70 लाख के सापेक्ष ₹50.00 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया है। इससे संबंधित शासनादेश भी जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी में बांध परियोजना के पुनर्वास संबंधी प्रकरणों के निस्तारण के लिए पुर्नवास नीति 1988 के अन्तर्गत कृषि भूमि के स्थान पर देय नकद प्रतिकर धनराशि ₹5.00 लाख से बढ़ाकर पात्र 178 परिवारों हेतु ₹132.43 करोड़ किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन एवं उनकी रचनाएं हमें सत्य, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने आदिकाव्य रामायण की रचना कर समाज के समक्ष आदर्श जीवन, नैतिक मूल्यों और मानवीय मर्यादाओं का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सामाजिक समरसता, समानता, सद्भाव एवं मानवता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को महर्षि वाल्मीकि के महान विचारों एवं आदर्शों को अपने आचरण में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा एवं सम्मान की अभिव्यक्ति होगी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज अपने एक दिवसीय जनपद पिथौरागढ़ भ्रमण के दौरान अपने पैतृक गांव हड़खोला पहुंचे। गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं श्रीमती गीता धामी ने पैतृक गांव हड़खोला स्थित श्री हरि चंद देवता मंदिर में परिवार सहित विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं निरंतर प्रगति की कामना की।
अपने पैतृक गांव पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री धामी ने स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, बच्चों एवं बुजुर्गों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनके हालचाल पूछे तथा बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में जनपदवासियों को ₹284 करोड़ से अधिक की 67 विकास योजनाओं की सौगात दी।
इस अवसर पर उन्होंने नैनीसैनी देवत से कनारी पाभैं तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण, कैलीगाड़ पुल से बेस अस्पताल तक सड़क का सुधारीकरण एवं हॉटमिक्स कार्य, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट का उप जिला चिकित्सालय के रूप में उच्चीकरण,अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मवानी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकरण,मूनाकोट (रियांसी) में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति देने, अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य करने, ज्याला मंदिर छाना पाण्डेय में सीसी मार्ग का निर्माण, ग्राम चिमुशी में गाड़ देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण और चण्डाक–छेड़ा दिगतोली सड़क का सुधारीकरण एवं चौड़ीकरण की घोषणा की।
कार्यक्रम में उद्योग, कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के चेक भी वितरित किए गए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनसमूह के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये योजनाएं सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद क्षेत्र के प्रति श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से अधिक पहुंचने की संभावना है। इससे होमस्टे, परिवहन, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में ₹750 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित किए जा रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे सीमांत जनपद के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़–बांस–आंवलाघाट सड़क एवं पुल से गंगोलीहाट की दूरी कम होगी और हाट कालिका मंदिर तक पहुंचना आसान होगा।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून तक हवाई संपर्क को बढ़ावा दिया गया है। नैनीसैनी हवाई अड्डे को लगभग ₹450 करोड़ की लागत से विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। कठोर नकल विरोधी कानून के अंतर्गत नकल माफियाओं पर कार्रवाई की गई है और 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। प्रदेश में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने जनता को दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, जौलजीबी तथा आठगांव शिलिंग मेले की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित सीमांत नेत्र चिकित्सालय में ऑप्टिकल बायोमीटर का शुभारंभ किया। इससे मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट श्री बिशन सिंह चुफाल, विधायक गंगोलीहाट श्री फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जितेंद्र प्रसाद, मेयर पिथौरागढ़ श्रीमती कल्पना देवलाल, दायित्वधारी श्री गणेश भंडारी एवं श्री हेमराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गिरीश जोशी, पूर्व विधायक श्रीमती चंद्रा पंत, डीएम श्री आशीष कुमार भटगांई, एसपी श्री अक्षय प्रह्लाद कोंडे, एडीएम श्री योगेंद्र सिंह, एसडीएम सदर श्री जितेंद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।