ये मोह… एक दिन मार ही डालेगा मुझे… 😭
इस महिला को आदरणीय बहन मायावती जी के दर्शन नहीं हो पाए —
इसी पीड़ा में उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
मानो जीवन का एक अनमोल पल उनसे छिन गया हो।
वाह, बहन जी —
आप सचमुच बहुजन समाज की जिंदा देवी हैं।
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@Uppolice महोदय आज दिनांक 22.09.2025 को मेरे फेसबुक अकाउंट भीमरत्न नितिन बौद्ध से गलती से एक पोस्ट हो गई थी जिसको मैंने बाद में डिलीट भी कर दिया था! अतः इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं..!
थाना सोरांव , प्रयागराज
जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ना तो बीजेपी के एनडीए गठबंधन के साथ है और ना ही कांग्रेस के इण्डिया समूह (गठबंधन) के साथ है, तथा, ना ही अन्य किसी और भी फ्रन्ट के साथ है, बल्कि इन दोनों व अन्य और किसी भी जातिवादी गठबंधनों से अलग अपनी ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के अम्बेडकरवादी सिद्धान्त व नीति पर चलने वाली पार्टी है।
लेकिन इसके बावजूद भी ख़ासकर दलित, आदिवासी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी तथा इन वर्गों के प्रति जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ मीडिया बी.एस.पी. की इमेज को बीच-बीच में धूमिल करने व राजनीतिक नुक़सान पहुँचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, जिसको लेकर पार्टी को लगातार अपने लोगों को इनसे सतर्क करते रहने की ज़रूरत पड़ती रहती है।
इस क्रम में अभी हाल में ’भारत समाचार’ ने अपने यूट्यूब चैनल में ’’बीजेपी के साथ आ गयी मायावती कर दिया बड़ा ऐलान?’’ इस शीर्षक से गलत, तथ्यहीन व विषैली ख़बर चलायी है, जबकि उसके भीतर न्यूज़ में कुछ और है।
इस प्रकार से भारत समाचार चैनल द्वारा पार्टी की इमेज को ख़ासकर चुनाव के पूर्व इस प्रकार का आघात पहुँचाने का जो यह घिनौना प्रयास किया गया है उसकी जितनी भी निन्दा व भर्त्सना की जाये, वह कम है। चैनल को इसके लिए माफी भी ज़रूर माँगनी चाहिये।
साथ ही, पार्टी के लोगों से यह विशेष आग्रह है कि वे राजनीतिक षडयंत्र के तहत् मीडिया के इस प्रकार के घिनौने हथकण्डों से हमेशा ज़रूर सावधान रहें और किसी के भी बहकावे में ना आये, क्योंकि जातिवादी तत्व अपने अम्बेडकरवादी कारवाँ को कमज़ोर करने के घिनौने षडयंत्र में हमेशा किसी ना किसी रूप में लगे रहते हैं।
आप सब ने हमारे अधिकारों को बचाने के लिए जिंदगी दांव पर लगा दी ...
आप कोई सालों तक या दशकों तक नहीं सदियों तक याद रखें जाओगे ..
2 अप्रेल 2018, बलिदान दिवस ...
इतिहास में आज के दिन डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के द्वारा लिखित थिसिस ‘The Problem Of Rupees’ के आधार पर ही 1अप्रैल 1935 को भारतवर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना की गई थी जिसके कारण भारत में प्रत्येक वर्ष 1अप्रैल से वित्तीय वर्ष की शुरुआत होती है।
#RBIFoundationDay@RBI#जयभीम
महाराष्ट्र में किसी की भी कब्र व मज़ार आदि को क्षति पहुँचाना व तोड़ना ठीक नहीं, क्योंकि इससे वहां आपसी भाईचारा, शान्ति व सौहार्द आदि बिगड़ रहा है। सरकार ऐसे मामलों में खासकर नागपुर के अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे वरना हालात काफी बिगड़ सकते हैं, जो ठीक नहीं।
#तुम कर लो जितनी नफरत बाबा साहेब से, हम बाबा साहेब को तुम्हारे सिर पर बैठा कर ही मानेंगे.......हम ऐसा वक़्त लाएंगे जब तुम ही नहीं तुम्हारी आने वाली सारी पीढ़ीयां बाबा साहेब के क़दमों में अपना सिर झुकाएंगी.......