21 अप्रैल को लखनऊ में बिजली दर कीबढोतरी पर सुनवाई केपहलेउपभोक्ता परिषद नेबिजली कंपनियों कोलिया आडेहाथों कहा बिजलीकंपनियों नेजहांऔसत कुल 15.85 %वृद्धि की हैप्रस्तावित उसमें ग्रामीण घरेलू BPLकोछोडकर ग्रामीण घरेलू100 यूनिट वाले उपभोक्ताओं की दरों में 30%तक की गई वृद्धि प्रस्तावित।
@myogioffice महोदय 36घण्टे से जिला महराजगंज के चेहरी (रम्हौली) विद्युत उपखण्ड की विद्युत आपूर्ति बा���ित है । कृपया इसे संज्ञान में लेकर तुरन्त विद्युत आपूर्ति चालू कराने की कृपा करें। @EMofficeUP @UPPCLLKO @
बिजली कम्पनियेां में कुछ संगठनों द्वारा किये जा रहे कार्य बहिष्कार को विद्युत नियामक आयोग ने बेहद गंभीरता से लिया उपभोक्ता परिषद की लोक महत्व याचिका पर नियामक आयोग ने UPPCL के चेयरमैन /प्रबन्ध निदेश को दिया सख्त निर्��ेश किसी भी स्तर पर उपभोक्ताओं को नही होने चाहिये कोई असुविधा।
@brajeshpathakup मैं kgmu के ent विभाग में हूं , जिला महराजगंज से आया हूं जो 350km दूर है। रूम न. 8 में सुनने की जांच नहीं हो रही है ,कब होगी पता नहीं। कोई हेल्पलाइन नम्बर भी नहीं है।
महोदय आप से निवेदन है कि समस्या का निदान किया जाए जिससे मरीजों को बार बार दौड़ना न पड़े ।
शिक्षित यूपी तभी होगा जब स्कूलों में शिक्षक होंगे।
बात प्राथमिक स्कूलों की हो या उच्च प्राथमिक विद्यालयों की हो हर जगह शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ���ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा हैं। इसलिए अविलंब शिक्षकों की कमी खत्म की जाएं। #97k_नई_शिक्षक_भर्ती_जारी_करो
@ChiefSecyUP खुशी तो तब होती श्रीमान जब super tet ki भर्ती निकलने की न्यूज मिलती । 51112 (सुप्रीम कोर्ट हलफनामा)+17000(68500 में रिक्त)+ जो 3साल में रिटायर्ड होने से रिक्तियां हुई है ।
@ChiefSecyUP महोदय , एक निवेदन हैं uptet की परीक्षा हर साल आयोजित होती हैं तो कृपा कर वेबसाइट की क्षमता पर काम करिए । घंटो फॉर्म भरने , प्रवेश - पत्र और परिणाम देखने के लिए संघर्ष करना पड़ता हैं। अपने अंदर के संरक्षक और विद्यार्थी को मरने ना दे 🙏🙏🙏
@ChiefSecyUP नई प्राइमरी शिक्षक भर्ती 3 साल से नही आई है चौथा साल लग गया पर तब भी नई भर्ती की घोषणा नही हुई।।कृपया संज्ञान ले महोदय।।।।।बच्चे इंतज़ार में है 51112(सुप्रीम कोर्ट हलफनामा)+17000रिक्त पद जोड़ कर निकाले।।
अख़बार में लिखने या टीवी पर दिखने से क्रांति नहीं होती है। क्रांति होती है जब पेट और सम्मान पर बात बनती है। नौजवानों की ऐसी पीड़ा और ऐसा आक्रोश सुन कर क्या आपको लगता है कि पानी सर से ऊपर बहने को है? या फिर ये महज़ क्षणिक ग़ुस्सा है जो जल्द शांत हो जाएगा?