बोलते क्यूँ नहीं मेरे हक़ में
फ़ाफले पर गये ज़बान में क्या…
एक खेमा राहुल गांधी के फ्लाइंग किस के बचाव में और एक खेमा स्मृति ईरानी के ड्रामे के बचाव में लगा है।
किसी ख़ेमे को जमुई में यूरिन बैग की जगह कोल्ड ड्रिंक का बॉटल नहीं दिखता।
दिक्कत किसी सरकार में नहीं लोगों में है।