#जाट_आरक्षण_आंदोलन में अपने प्राणों की आहूति सबसे पहले आज के दिन 13 सितंबर 2010 को जाट आरक्षण आन्दोलन के दौरान। गांव माईयड मे सुनिल श्योराण पुलिस की गोली लगने से शहीद हुआ था
मैं अपनी कौम के लिए शहादत देने वाले अमर शहीदों को नमन करता हु
@realshooterdadi@du_jat
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।
भारत माँ के वीर सपूत भगत सिंह जी, सुखदेव जी और राजगुरु जी के शहीद दिवस पर उन्हें शत-शत नमन।
इंकलाब जिंदाबाद।।
#ShaheedDiwas#Bhagatsingh#Rajguru#Sukhdev
अमर शहीद वीर गोकुला जाट को उनके बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन।
धर्म, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा हेतु दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव हमें साहस, एकता और न्याय के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
जय वीर गोकुला जाट!
#गोकुला_जाट_बलिदान_दिवस
भरतपुर के संस्थापक, अदम्य साहस एवं बलिदान के प्रतीक महान योद्धा महाराजा सूरजमल जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन!
आपका साहस, वीरता और पराक्रम हम सभी के लिए हमेशा अनुकरणीय रहेगा।
#MaharajaSurajmalJi
त्याग और तपस्या का दूसरा नाम है किसान, उनकी निस्वार्थ सेवा और कठोर परिश्रम को मेरा प्रणाम🙏🌾🌾🙏
आप सभी को किसान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🧑🌾🌾🌱🚜🙏
#KisanDiwas#किसान_दिवस
पूर्व नेता प्रतिपक्ष, वरिष्ठ किसान नेता श्री रामेश्वर डूडी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारजनों व समर्थकों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति दें।
ॐ शांति 🙏
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए। - भगत सिंह। इस वीर सपूत को उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन 🇮🇳
#BhagatsinghJayanti#भगतसिंह#BhagatSingh
लीलण घोड़ी सोवणी, मोतियां जड़ी लगाम ,
खरनाल्या रा वीर तेजाजी ने झुक - झुक करूं प्रणाम"
लोक आस्था के प्रतीक, परम आराध्य वीर तेजाजी महाराज के आराधना पर्व तेजा दशमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
👑♥️🙏
#जय_वीर_तेजाजी_महाराज#तेजा_दशमी#जय_वीर_तेजाजी#tejadashmi
पूर्व राज्यपाल चौ सत्यपाल सिंह मलिक जी नहीं रहे देश ने आज एक निर्भीक, स्पष्टवक्ता और जनप्रिय नेता को खो दिया। उनकी आवाज़ हमेशा देश के किसानों, मज़दूरों और आम जनता के हक़ में गूंजती रही।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
ॐ शांति 🙏
#SatyaPalMalik
चौधरी चरण सिंह के बाद अगर किसी ने किसानों की असल समस्या समझी और उसके लिए आगे आकर संवेदनहीन तंत्र से जूझकर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी तो वे चौधरी टिकैत ही थे। उनके जाने के बाद किसानों को अपने हक के लिए आंदोलन का रास्ता दिखाने वाला दूर-दूर तक कोई निस्वार्थी नेता नजर नहीं आता है। उनके जाने से किसान आंदोलन को गहरा झटका लगा है। विडंबना है कि सरकार तेल कंपनियों का घाटा पाटने के लिए तेल के दाम तो नौ महीनों में नौ बार बढ़ा देती है, लेकिन कथित विकास कायरें की भेंट चढ़ती किसानों की कृषियोग्य भूमि और किसानों के उपज की वाजिब कीमत देने-दिलाने की चिंता की पहल कहीं से नहीं हो रही है। ऐसे ही मुद्दे और सवाल टिकैत के आंदोलन की नींव बनते रहे। 1987 में बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ खेड़ीकरमू पावर हाउस पर टिकैत के किए गए आंदोलन ने उनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर पुख्ता की और इस आंदोलन का ही असर था कि सरकार को उनके आगे झुकना पड़ा। तत्कालनी मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह को सिसौली आकर किसानों की पंचायत को संबोधित कर उनकी मांगें माननी पड़ी। ये था टिकैत की गर्जना का असर। इसके बाद तो टिकैत की आवाज जब-जब गूंजी, सरकारें कांप गईं। देखते ही देखते वे किसान से भगवान बन गए और उनका पैतृक गांव सिसौली किसानों का तीर्थस्थल। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के निधन के बाद टिकैत ने सफलतापूर्वक किसान आंदोलन की बागडोर अपने हाथों में ली और 17 अक्तूबर 1986 को गैर राजनीतिक संगठन भारतीय किसान यूनियन की स्थापना कर किसानों की जुझारू वृत्ति को धार दी। उनके खाते में 1990 में जनता दल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, लखनऊ पंचायत का आयोजन एवं सात सूत्री मांग को लागू करने के लिए आंदोलन, गाजियाबाद के किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रदर्शन, चिनहट काथुआटा के किसानों की अधिग्रहीत भूमि के पर्याप्त मुआवजे के लिए आंदोलन जैसी असाधारण सफलताएं शामिल हैं। उन्होंने कई बार विश्र्व व्यापार संगठन और सरकार की कृषि नीति में किसानों के साथ नाइंसाफी के विरोध का भी बिगुल फूंका। दुखद है कि आज के किसान की कद्र देश की शक्ति और सामर्थ्य का अहसास कराने वाले जय जवान-जय किसान के नारे में कैद होकर रह गई है, इसकी मुक्ति का संग्राम छेड़ने वाले टिकैत अब नहीं रहे।
किसान मसीहा भारतीय किसान यूनियन के जनक स्वर्गीय बाबा चौधरी महेंद्र सिंह जी टिकैत जी उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन 💐
जब तक सूरज चाँद रहेगा बाबा टिकैत का नाम रहेगा ❤️🇮🇳
जयपुर में तिरंगा यात्रा के दौरान BJP विधायक बालमुकुंदाचार्य द्वारा तिरंगे से नाक पोंछना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। यह सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं, हमारे शहीदों की कुर्बानी और गौरव का प्रतीक है।
शर्म आनी चाहिए बीजेपी मंत्री को!
"ऑपरेशन सिन्दूर का नेतृत्व करने वाली भारत की बेटी सोफिया कुरैशी को बीजेपी के मंत्री विजय सिंह आतंकवादियों की बहन बता रहे हैं।"क्या यही है आपकी देशभक्ति का चेहरा
कर्नल सोफिया कुरैशी भारत की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने विदेश में सैन्य दल का नेतृत्व किया। वह हर भारतीय की प्रेरणा हैं। उनका रिश्ता आतंकवादियों से जोड़ना निंदनीय है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर) #SatyapalMalik
भारत पाकिस्तान के बीच में युद्धविराम की घोषणा
बेस्ट फ्रेंड डोनाल्ड ट्रम्प
पाकिस्तान ने भारत की Air Force, Army, Navy के आगे पीछे हटना ही उच्चित समझा ।
जय हिन्द 🇮🇳
ट्रम्प जी ने वॉर रुकवा दी