गरीब,
सो छल छिद्र मैं करूं, अपने जन के काज। हरणाकुश ज्यू मार हूँ, नरसिंघ धरहूँ साज ।।
परमेश्वर कबीर जी कहते हैं कि जो मेरी शरण में किसी जन्म में आया है, मुक्त नहीं हो पाया, मैं उसको मुक्त करने के लिए कुछ भी लीला कर देता हूँ।
#सत_भक्ति_संदेश
#समाज_की_शत्रु_सत्यार्थप्रकाश
समाज के शत्रु आर्य समाजी ने समाज का नाश कर दिया
देख लो हरियाणावासियों आर्य समाजी कालवा गुरुकुल का आचार्य राजेन्दर, सत्यार्थ प्रकाश में लिखी 24 साल की लड़की का विवाह 48 साल के पुरुष से करने को सही ठहरा रहा है। क्या ये आर्य समाजी अपनी 24 साल की बेटी
#समाज_की_शत्रु_सत्यार्थप्रकाश
समाज शत्रु आर्य समाज, समाज का नाश कर दिया
सत्यार्थ प्रकाश (समुल्लास 2) में नवजात को केवल 6 दिन तक स्तनपान कराने के विचार पर महिला समूहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना है कि समाज शत्रु आर्य समाज की
#समाज_की_शत्रु_सत्यार्थप्रकाश
समाज के शत्रु आर्य समाजी ने समाज का नाश कर दिया
सत्यार्थ प्रकाश (समुल्लास 4) में विधवा महिलाओं और गर्भवती पत्नी के संदर्भ में दिए गए नियमों पर महिला संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि यह सोच महिलाओं को केवल
⤵️
https://t.co/ioqEsl2nGB
#समाज_की_शत्रु_सत्यार्थप्रकाश
समाज के शत्रु आर्य समाजी ने समाज का नाश कर दिया
देख लो हरियाणावासियों आर्य समाजी कालवा गुरुकुल का आचार्य राजेन्दर, सत्यार्थ प्रकाश में लिखी 24 साल की लड़की का विवाह 48 साल के पुरुष से करने को सही ठहरा रहा है। क्या ये आर्य समाजी
#समाज_की_शत्रु_सत्यार्थप्रकाश
समाज शत्रु आर्य समाज, समाज का नाश कर दिया
सत्यार्थ प्रकाश (समुल्लास 2) में नवजात को केवल 6 दिन तक स्तनपान कराने के विचार पर महिला समूहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना है कि समाज शत्रु आर्य समाज की यह धारणा
#सत_भक्ति_संदेश
मोक्ष का अर्थ है
"मुक्ति"
किसी बंधन से छुटकारा पाना मोक्ष प्राप्त करना कहा जाता हैजैसे तोते पक्षी को पिंजरे में बंद कर रखा था।तब वह बंधन में था।तोते को पिंजरे से निकालकर स्वतंत्र कर दिया।तो वह बंधन मुक्त हो गया। कर्म के बंधन में जीव बंधा है।
#सत_भक्ति_संदेश
"भगवान से टकराना कोई बालक का खेल नहीं"
जो व्यक्ति भगवान की महिमा को नहीं समझता वह जीवनभर दुःख ही पाता है।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
🙇🙇
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#सत_भक्ति_संदेश
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
समाज सुधारक नहीं बल्कि दयानंद था एक नंबर का नशेड़ी
दयानंद सरस्वती की अपनी आत्मकथा तथा जीवन चरित्र में उनके भांग, तंबाकू, हुक्का पीने का उल्लेख है। नशेड़ी व्यक्ति समाज सुधारक कैसे हो सकता है।
वहीं संत रामपाल जी महाराज स्वयं कोई व्यसन नहीं करते
और उनके करोड़ों शिष्य भी नशे को हाथ तक नहीं लगाते। उन्होंने अपनी पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा में इससे होने वाली हानि भी बताई है:
गरीब, मदिरा पीवै कड़वा पानी, सत्तर जन्म स्वान के जानी।
सौ नारी जारी करै, सुरापान सौ बार।
एक चिलम हुक्का भरे, डूबै काली धार।।
कोई व्यक्ति उपासना क्यों करेगा।
वहीं संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 और ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 82 मंत्र 1 में साफ शब्दों में लिखा है कि परमात्मा घोर पाप का भी नाश कर देता है।
Factful Debates YouTube Channel
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
संत रामपाल जी महाराज देते हैं शास्त्र अनुकूल ज्ञान
दयानंद सरस्वती अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में कहता है कि स्तुति, प्रार्थना, उपासना करनी चाहिए लेकिन इससे परमात्मा पाप नाश नहीं कर सकता। जब पाप अर्थात दुख समाप्त होने ही नहीं है। तो फिर आर्य समाजियों
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
ब्रह्मा, विष्णु, शिव तथा उनके अवतारों का सम्मान करते हैं संत रामपाल जी महाराज
दयानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में पवित्र हिन्दू धर्म के त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, शिव तथा उनके अवतारों का घोर अपमान किया। शिव जी को हिजड़ा, विष्णु उपासकों को
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती माता पिता की सेवा करने के भी पक्ष में नहीं थे।
संत रामपाल जी महाराज जी ने अपने शिष्यों को ये सिखाया है कि माता पिता की सेवा परम् कर्तव्य है।
Factful Debates YouTube Channel
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद को नहीं था भगवान का ज्ञान
दयानंद सरस्वती अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में लिखते हैं कि परमात्मा निराकार है। कहीं लिखते है कि स्तुति से परमात्मा का साक्षात्कार होता है। इससे पता चलता है यह अज्ञानी व्यक्ति थे।