अरावली बचाने के मुद्दे पर जोधपुर में NSUI कार्यकर्त���ओं ने जिलाध्यक्ष डॉ. बबलू सोलंकी और राष्ट्रीय सचिव दिलीप चौधरी के नेतृत्व में जोधपुर कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
फलौदी NSUI के जिलाध्यक्ष @RamlalVishnoi29 को छात्र हितों स��� जुड़ी विभिन्न मांगों को उठाने पर सरकार द्वारा गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
अपनी आवाज़ बुलंद करना और छात्रों की समस्याओं को सरकार तक पहु��चाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपराध नहीं हो सकता।
सरकार का यह तानाशाही रवैया न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि छात्र शक्ति को दबाने का प्रयास भी प्रतीत होता है।
NSUI हमेशा विद्यार्थी हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी और किसी भी दमनकारी नीति के सामने झुकने वाली नहीं है।”
@nsui @kanhaiyakumar
#dilipChoudhary
कहते थे विकास आएगा, बदलेगा हर इंसान,
सपनों की तस्वीरें थीं, पर काग़ज़ तक सीमित बयान।
चौराहों पर झंडे ऊँचे, पर टूटी जनता की आस,
शोर बहुत था ढोलों में, पर खो गई बुनियादी बात।
यह है डबल इंजन की स��कार
@BhajanlalBjp @KumariDiya
@Rajendra4BJP @BJP4India
पाली ज़िले की रोहिट तहसील के मांडावास गाँव के निवासी अमराराम देवासी तीन दिन से कर्नाटक में लापता थे।
कल शाम मांड्या शहर से आई दर्दनाक खबर ने सबको झकझोर दिया।
अमराराम का शव जंगल में मिला है।
स्थानीय प्रशासन इस घटना को आत्महत्या बताने की कोशिश कर रहा है, जबकि परिजन व ग्रामीण इसे संदिग्ध हत्या मान रहे हैं।
मैं @CMofKarnataka से आग्रह करता हूँ कि इस मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराई जाए।
साथ ही @RajCMO से निवेदन है कि अमराराम देवासी के परिवार को न्याय दिलाने में सभी संभव सहायता प्रदान की जाए।
न्याय चाहिए, दबाव नहीं —
#JusticeForAmarDevasi
#dilipChoudhary
#वोट_चोर_गद्दी_छोड़
पेपर लीक करने वाले गद्दी छोड़
नौकरी तबाह करने वाले गद्दी छोड़
युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले गद्दी छोड़
कल NSUI जोधपुर कार्यकर्ताओं के साथ एमबीएम विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार बाहर वोट चोर गद्दी छोड़ अभ���यान के तहत हस्ताक्षर अभियान @nsui @NSUIRajasthan
राजस्थान की मौजूदा सरकार के दो साल पूरे होने के साथ ही रा���्य में राजनीतिक चर्चा का स्वर और अधिक तीखा होता दिख रहा है। एक तरफ़ सरकार अपने कामकाज और योजनाओं को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ़ कई क्षेत्रों में जनता के बीच असंतोष और चुनौतियाँ लगातार सामने आ रही हैं—चाहे वह महंगाई हो, रोजगार के अवसरों का अभाव, या बुनियादी सुविधाओं की गति को लेकर सवाल।
इसी माहौल में प्रदेश में एक दिलचस्प राजनीतिक प्रवृत्ति भी देखी जा रही है—कई लोग पिछली सरकार की कुछ नीतियों और कार्यशैली की तुलना मौजूदा हालात से कर रहे हैं। स्वास्थ���य, सामाजिक सुरक्षा, राहत योजनाओं और प्रशासनिक स्थिरता से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में ‘गहलोत मॉडल’ का नाम अक्सर चर्चा में आता है। यह जरूरी नहीं कि सभी लोग एक जैसी राय रखते हों, लेकिन राज्य की राजनीति में यह धारणा जरूर दिखाई देती है कि पूर्ववर्ती सरकार की कुछ योजनाओं और फैसलों की अक्सर आज याद की जाने लगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनता की इस तुलना का कारण मौजूदा चुनौतियाँ हो सकती हैं, जिसक�� चलते लोग पिछले कार्यकाल की नीतियों को संदर्भ बिंदु के रूप में देख रहे हैं। दो वर्ष पूरे होने के बाद मौजूदा सरकार के लिए सबसे बड़ी कसौटी यही है कि वह शेष कार्यकाल में जनता के विश्वास को कैसे मजबूत करती है, और बदले हुए राजनीतिक माहौल में किस तरह अपनी प्राथमिकताओं को ज़मीन पर उतारती है।
राजस्थान की राजनीति का यह दौर इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनता अब निरंतर तुलना कर रही है—वादों की, नीतियों की, और परिणामों की। आगामी समय यह तय करेगा कि यह असंतोष किस दिशा में जाता है और सरकार जनता की अपेक्षाओं को किस हद तक पूरा कर पाती है।
@ashokgehlot51 @INCRajasthan
चूरू की शान, किसानों की आवाज़ और ज़मीन से जुड़े नेतृत्व का सबसे बुलंद नाम— @RahulKaswanMP
17 नवंबर को चूरू से जयपुर तक की धरती एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है, जब कस्वां जी 500 ट्रैक्टरों के भव्य, विशाल और मजबूत काफ़िले के साथ किसानों के हक़ और हक़ीक़त की लड़ाई को नई ऊँचाई देने निकल रहे ह���ं। यह सिर्फ एक कूच नहीं… यह किसानों की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीदों का विराट स्वरूप है।
फसल बीमा से वंचित किसानों का दर्द, सूखी फ़ाइलों में दबी क्लेम की पुकार, खेतों की अनसुलझी समस्याएँ
इन सबको राहुल कस्वां ने संसद में भी उठाया और अब सड़क पर भी उसी मजबूती के साथ सामने ला रहे हैं।
जब बाकी नेता बयान देते हैं, तब कस्वां जी मैदान में उतरते हैं।
जब दूसरे लोग फोटो खिंचवाते हैं, तब कस्वां जी किसानों क�� बीच खड़े मिलते हैं।
उनका नेतृत्व किताबों में नहीं, खेतों की मिट्टी में लिखा जाता है।
चूरू के लोग कहते हैं
नेता तो बहुत देखे, पर किसानों के लिए लड़ने वाला नेता राहुल कस्वां जैसा नहीं देखा।”
17 नवंबर वही भावना 500 ट्रैक्टरों की गरज बनकर जयपुर की ओर बढ़ रही है!
यह कूच किसान शक्ति का प्रतीक है,
यह कूच कस्वां जी के जनसेवा के संकल्प की घोषणा है,
यह कूच सरकार को याद दिलाने वाला सत्य है
किसान सिर्फ व��ट नही��, देश की रीढ़ है।
चूरू से उठी ये आवाज़ पहले ही लोकसभा चुनाव में पूरे प्रदेश ने देखी है।
स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @GovindDotasra जी भी इसका जिक्र कर चुके है
आज चूरू का हर खेत, हर किसान, हर युवा—राहुल कस्वां के साथ खड़ा है।
और यह आंदोलन इतिहास लिखने जा रहा है! 🚜
#RahulKaswan #Churu #KisanAndolan #FarmersFirst #KisanEkta
@INCIndia
आचार संहिता के लागू होते ही लाखों महिलाओं के खातों में पैसों की बरसात… क्या ये 'कैश फ़ॉर वोट' का नया तरीका है?
चुनावी आयोग की खामोशी और सरकारी पैसे का ये खेल लोकतंत्र की ताकत को कमजोर कर रहा है।
चुनाव जीतने की ये नई 'विजय' या फिर वोट चोरी का अनकहा फार्मूला?
#ElectionIntegrity
@narendramodi
#BiharElection2025
राजस्थान में अंता विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने जनता की आवा�� को ध्यान में रखते हुए निर्दलीय उम्मीदवार श्री नरेश मीणा को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है।
यह चुनाव सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अंता की अस्मिता और स्वाभिमान का चुनाव है।
अंता विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से मेरा अनुरोध है कि बदलाव की इस मुहिम में,अंता के सम्मान तथा अंता के विकास के लिए नरेश मीणा को वोट करें!
#अंता_विधानसभा #RLP #NareshMeena
भारतमाला एक्सप्रेस हाईवे पर मतोड़ा क्षेत्र के पास श्रद्धालुओं से भरी बस और ट्रक की ��ीषण टक्कर में जोधपुर के सूरसागर क्षेत्र के 15 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मृत्यु एवं कई अन्य के गंभीर रूप से घायल होने का समाचार अत्यंत मर्मस्पर्शी और हृदयविदारक है।
घायलों को जोधपुर अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जा रहा है।
यह दुखद घटना सम्पूर्ण क्षेत्र को गहरे शोक और संवेदना की लहर में डुबो गई है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपनी शरण में शांति प्रदान करें, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें तथा शोकाकुल परिवारों को इस असीम पीड़ा और दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करें।
@ashokgehlot51 @VaibhavGehlot80 #Jodhpur