चलिए आपको पटना का लिट्टी- चोखा,मकर सक्रांति का चूरा-दही-तिल्कुट,चम्पारण का हांडी मटन,मुजफ़्फ़रपुर का लीची,छठ पूजा का ठेकुआ खिलाते और पूरा बिहार घुमाते है l
बिहार के लिए गौरव का क्षण!
नालंदा, बिहार के प्रतिभाशाली पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार जी को Glasgow 2026 में 190 किलोग्राम वजन उठाकर देश के लिए पहला कांस्य पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
State govt or Tourism dept also couldn't get and share some decent shots from the Helicopter Joyride!
ऐसे होगी ब्रांडिंग & प्रोमोशन.. !! 🤷
#Patna#Helicopter#JoyRide 🚁
India takes a significant leap towards clean and sustainable transportation with its first Hydrogen Train. Combining indigenous technology, advanced safety systems and zero-emission operations.
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थ्रेड:2
उनकी बहन सुभद्रा की l तीनों भगवान रथ से महाप्रभु श्री जगन्नाथ, अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर गुण्डीचा मंदिर मे जाते है और वहाँ से नौ दिन बाद रथ मे बैठ कर पुनः अपने घर वापस आते है जिसे बहुदा यात्रा कहा जाता है l
थ्रेड:1
साथ रथ से अपने भक्त जनो को दर्शन देने के लिए स्वयं मंदिर से बाहर आते है l
हर वर्ष रथ यात्रा के दिन ओड़िसा राज्य के पूरी मे स्थापित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा निकलता है, जिसमे तीन रथ होता है, एक महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान,दूसरा रथ उनके भाई बलराम का और तीसरा रथ
“महाप्रभु श्री जगन्नाथ पूरी का रथ यात्रा”
भक्त लोग पूरे वर्ष महाप्रभु श्री जगन्नाथ के दर्शन के लिए पूरी मे पौराणिक काल से स्थापित जगन्नाथ भगवान का मंदिर जाते है, लेकिन हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितया तिथि को महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के