Journalist, Researcher & Translator. Tilted towards Common People, Supporter of SSS (Socialism, Social Justice & Secularism). Marxist. JUSTICE at any cost!
पहले लगता था कि लोग बीजेपी को इसलिए समर्थन कर रहे हैं क्योंकि खुद कोई नुकसान नहीं है. अब तो खुद का नुकसान हो रहा है, सभी परीक्षाओं में पर्चा लीक हो रहा है, खुद के बच्चे बेरोजगार हैं, फिर भी मोदी-बीजेपी को सहयोग है.
पश्चिमी सभ्यता में इसे फासिज्म व भारत में इसे जातिवाद कहते हैं!
जिन अधिकारियों ने न्यूज क्लिक पर जबरन कार्यवाई की, उन अधिकारियों पर सजा का प्रावधान हो जिससे कि अपराधी टाइप के जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों व मंत्रियों के कहने पर किसी जेइनुन व्यक्ति को जेल न जाना पड़े, परेशान न होना पड़े! https://t.co/2yAhhKm8LL
फॉलो-अप स्टोरीज़ के संरक्षक रहे दिवंगत शिक्षाविद् अनिल चौधरी के 76वें जन्मदिवस पर दिल्ली में आयोजित सम्मिलन का यह आधारपत्र बदलती हुई दुनिया, राज्य, देशों और सरकारों सहित नागरिकों के ऊपर कुछ रोशनी डालता है।
https://t.co/VPPAg5Dq4A
India has also become a Land of Hypocrites .
Do listen !
What is the rationale behind holding a badminton tournament in London when the Govt expected citizens to follow austerity measures?
पूरे देश में खरीद-फरोख्त की जो भी घटनाएं हो रही हैं, बीजेपी-आरएसएस, नरेन्द्र मोदी-अमित शाह के नेतृत्व में रही है. चाहे वह देश का सोना या संपत्ति बेचने की हो रही है या फिर किसी भी पार्टी के सासंद-विधायकों तो तोड़ने-जोड़ने का हो. इतिहास में ये सब चीजें दर्ज हो रही हैं.
My heart breaks to see crass Modi demolish Udyog Bhavan to build his pet Gujarati architect's ugly Central Secretariat Bldg. Bhavan was pride of Independent India's Indo Saracenic art, Rajasthani Chhatris & Chhajas blended with Europe's Beaux-Arts and Neo-classical architecture
आज सवेरे से मैं और मेरी बेटी “एग्जाम वॉरियर” बने हुए हैं!
सवेरे 9 से 12 तक दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर IISER की परीक्षा दी।
और फ़िर दोपहर 3 से 5 के बीच यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर CUET परीक्षा!
दोनों के बीच की दूरी थी मात्र 61 किलोमीटर!
जैसे ही 12 बजे पहली परीक्षा खत्म हुई, मेरी बेटी उसी तत्परता से भीड़ को चीरते हुए बाहर आई, जैसे हवाई जहाज़ लैंड होने पर कनेक्टिंग फ्लाइट वाले बाहर निकलते हैं!
फिर भी परीक्षा केंद्र से बाहर निकलकर, ट्रैफिक जाम से जूझते हुए, मेन रोड तक आते आते 12:55 हो गए थे!
और अभी हमें 59 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी, जो कि उस वक़्त धरती के दूसरे छोर पर जाने जैसी लग रही थी!
गूगल नेविगेटर अगले सेंटर पर पहुँचने का समय 2:18 बता रहा था। 2:30 बजे के बाद एंट्री नहीं हो सकती थी।
ऐसे में, सड़क पर हर रेड लाइट, हर एक रुका हुआ ट्रैफिक दिल की धड़कन बढ़ा रहा था।
ख़ैर, ऊपर वाले की कृपा से हम CUET सेंटर पर 2:12 बजे पहुँच गए, और जब मेरी बेटी सेंटर के अंदर चली गई तब जा के जान में जान आई!
इस सारे घटनाक्रम के बीच मुझे मोदी जी की किताब “एग्जाम वॉरियर” की बड़ी याद आई।
इस किताब में मोदी जी ने बच्चों को टिप्स दिए हैं कि परीक्षा की तैयारी कैसे करें, परीक्षा के दौरान क्या करें, इत्यादि।
पर मोदी जी ने अपनी किताब में ये नहीं बताया, कि जब देश की दो प्रमुख परीक्षा लेने वाली संस्थाएं एक ही दिन में, मात्र चंद घंटों के अंतराल पर, शहर के दो अलग अलग छोर पर परीक्षा लें, तो उसकी तैयारी कैसे करें!!
जिस पैरेंट के पास ख़ुद का ट्रांसपोर्ट न हो, जिसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ज़रिए दोनों एग्जाम सेंटर पर पहुँचना हो, वो इस सिचुएशन से कैसे डील करे, ये भी मोदी जी ने अपनी किताब में नहीं बताया है!!
यही नहीं, सालों से देश में “डिजिटल इंडिया” की हवा चल रही है, इसी साल सरकार ने "AI" पर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस भी करा ली,
पर आवेदक बच्चों के डेटा के आधार पर, आपसी कोआर्डिनेशन के ज़रिए देश की दो राष्ट्रीय संस्थाएं बिना ओवरलैप के परीक्षा की तारीख तय कर सकें, क्या इतनी टेक्नोलॉजी देश में नहीं है?
IISER Aptitude Test यानि #IAT भारत सरकार की एक संस्था करवाती है, देश की 7 प्रीमियर साइंस रिसर्च संस्थाओं के UG कोर्स में दाखिले के लिए।
इसकी परीक्षा पहले से ही 7 जून निर्धारित थी।
इस बीच @NTA_Exams , जो कि भारत सरकार का ही उपक्रम है, उसने #CUET की परीक्षा जो कि 28 मई को होनी थी, उसे बदलकर 31 मई, 6 और 7 जून को कर दिया!
इन दोनों ही संस्थाओं के पास एप्लिकेंट छात्रों का सारा डेटा मौज़ूद है!
ऐसे में अगर भारत सरकार के ये दोनों “सूरमा” आपस में बात करके एक “ओवरलैप डिटेक्ट” करने का प्रोग्राम कंप्यूटर पर चला लेते, तो NTA को 5 मिनट में पता चल जाता कि किस बच्चे का टेस्ट 7 जून को नहीं कराना है!
ऐसे बच्चों की परीक्षा 31 मई या 6 जून वाले समूह के साथ हो सकती थी!
पर नहीं, इंडिया भले डिजिटल बन जाये, पर ये डिजिटल नहीं बनेंगे!
इन्हें तो बस देश भर के बच्चों और उनके पैरेंट्स को “एग्जाम वॉरियर” बनाना है!!
ख़ैर, और कुछ हो या न हो, मोदी जी को अब “एग्जाम वॉरियर” का अगला संस्करण जल्द निकालना चाहिए,
बहुत सारे "मुद्दे" इकट्ठा हो गए हैं, मोदी जी की "टिप्स" के लिए…
Why is Rahul Gandhi talking about internal strains in Modi's “system of control” and dropping hints of a possible implosion? Politics of coercion & suppression does have a limit and Modi might have crossed it. Future is doubtless uncertain. https://t.co/jWvMUjGsvX via @thewire_In
12 लोगों की जान बचाने वाले रियाजुद्दीन को मालवीय नगर के निवासियों ने 1 लाख रुपये से सम्मानित किया।
गद्दों का व्यवसाय करने वाले रियाजुद्दीन ने अपने नुकसान की परवाह न करते हुए, एक क्षण में इंसानियत भरा फैसला लेकर 12 लोगों को बचा लिया।
मालवीय नगर के निवासियों ने इनका सम्मान करके इंसानियत और भाईचारे का सम्मान किया है।
बाकी श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया व मीडिया पर जेबकतरे भी इंटरव्यू देकर महान बन गए थे।
#Delhi #RealHero
मोदी सरकार की तानाशाही से सहमे,घबराए प्रकाशक, लेखक, पत्रकार,संपादक सब पीछे हट गए हैं। जो नहीं हटे थे, अब हर दिन हट रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने कम से कम यह खबर तो सब छाप दी @RahulGandhi पर मेरी किताब पर इसी दिल्ली में इस्तीफ़ा ले लिया गया। प्रकाशकों ने किताब छपने से माना कर दिया। अपनी पूंजी से किताब छापी । बीजेपी IT ने किताब के फ़र्ज़ी अकाउंट बना दिए। देश भर से पाठक किताब ख़रीद चाहते थे लेकिन मिली नहीं। मेरे बैंक खातों में ट्रांजेक्शन बंद हो गए।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ के पत्रकार मित्र सरकार के ‘दोस्ती बनी रहे’ के सिद्धांत पर क़ायम रहे।
लोकतंत्र केवल विपक्ष के लड़ने से क़ायम नहीं रहेगा। समाज, साहित्य, लेखक, पत्रकार और साहित्यकार को अपनी पेंशन, बुक फेस्टिवल्स, सम्मान की चिंता छोड़ना बुलडोजर के सामने आना होगा ।
@rajkamaljha
The gap between Mohan Bhagwat's lofty sermons and Modi Govt's misdeeds points to an astonishing hypocrisy. RSS will have to look within to find out the flaws in its philosophy & politics.
https://t.co/jWvMUjGsvX via @thewire_In
कुल जमा यह कि कॉकरोच जनता पार्टी भी अन्ना आंदोलन की तरह ही आरएसएस-बीजेपी द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम है!
वैसे ही, जैसे मधु किश्वर मोदी की है, सुब्रमण्यम स्वामी आरएसएस का है!
As rescue operations were underway, MCD recieved license renewal request of 'tea & snacks stall (without seats)' for this B&B. Even as a restaurant was being run on GF, it was not flagged in MCD's internal scrunity of all instant licenses, orderd in Jan. https://t.co/BSeI9Qhi7b
Important story by @existsfortea .
The manager of Flourish Stay B&B in Malviya Nagar applied for renewal of license for a “tea-stall” on MCD’s website between 9.30 am-10 am on June 3 when a fire ravaged the property killing 21 people.
The fire was reported at 8.30 am and rescue operations were on when he made the request.
केन-बेतवा नदीजोड़ विरोधी आंदोलन को सतीश भारतीय ने विस्तार से कवर किया है। उनके भेजे डिस्पैच, बातचीत और अतीत के प्रसंगों के सहारे इस पर्यावरण दिवस पर जल, जंगल, जमीन बचाने वाले जन आंदोलनों की गति और नियति पर यह लंबी कहानी #WorldEnvironmentDay
https://t.co/5zRSZLhE6M
कुछ दिन पहले मैंने कहा था कि कांग्रेस मूलतः ब्राह्मणवादी पार्टी है, कई सवर्ण मित्रों को बुरा लग गया था. आज राज्यसभा के सात नाम की घोषणा हुई है, बताइए नब्बे फीसदी दलित-बहुजन के हिस्से कितनी सीटें गयी हैं!
The Congress President, Shri @kharge, has approved the candidature of the following persons as Congress candidates to contest the biennial/bye-elections to the Council of States from the states mentioned against their names👇
एक बात माननी पड़ेगी कि मोदी, गोदी मीडिया और उनके क्रोनीज़ ने मिलकर 150 करोड़ की आबादी वाले देश में यह नैरेटिव गढ़ दिया कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। अब इस दावे की हकीकत सामने आ चुकी है और परतें खुलने लगी हैं।