स्मार्ट मीटर आधुनिक बिजली सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब उपभोक्ता UPPCL Smart App के माध्यम से अपनी दैनिक बिजली खपत की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। सटीक बिलिंग, नियमित जानकारी और डिजिटल सुविधाओं के साथ स्मार्ट मीटर बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और उपभोक्ता-केंद्रित बना रहा है।
#UPPCL #SmartMeter #DigitalUP #SmartServices
@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl
चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,
हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,
अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,
लेकिन हम तो वतन की मोहब्बत में खुद को तपाए बैठे हैं,
मरेंगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाए बैठे
#नरेन्द्र_मोदी@narendramodi
https://t.co/UlPvsDf4BR
मोदी का दूसरा प्रहार आ रहा है,
धारा 30 समाप्त हो सकती है!"
मोदी ने हिंदुओं के साथ नेहरू द्वारा किए गए विश्वासघात को सुधारने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
क्या आपने "धारा 30" के बारे में सुना है?
क्या आप जानते हैं कि धारा 30 का मतलब क्या है?
'धारा 30' एक हिंदू-विरोधी कानून है, जिसे नेहरू ने अन्यायपूर्ण तरीके से संविधान में शामिल किया था!
जब नेहरू ने इस कानून को संविधान में शामिल करने का प्रयास किया, तो सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका कड़ा विरोध किया।
सरदार पटेल ने कहा था,
"यह कानून हिंदुओं के साथ विश्वासघात है; अगर यह कानून संविधान में लाया गया तो मैं मंत्रिमंडल और कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दूंगा!"
आखिरकार, नेहरू को सरदार पटेल के प्रतिरोध के सामने झुकना पड़ा।
लेकिन दुर्भाग्यवश, इस घटना के कुछ समय बाद ही सरदार वल्लभभाई पटेल का अचानक निधन हो गया...!!
पटेल की मृत्यु के बाद नेहरू ने तुरंत इस कानून को संविधान में शामिल कर दिया! 😡
अब जानिए धारा 30 की विशेषताएँ...
इस कानून के अनुसार, हिंदू अपने 'सनातन धर्म' की शिक्षा स्कूलों और कॉलेजों में न तो दे सकते हैं और न ही ले सकते हैं!
क्या यह अजीब नहीं लगता?
"धारा 30" के तहत, मुसलमान और ईसाई अपने धर्म की शिक्षा देने के लिए इस्लामिक (मदरसा) और ईसाई (कॉन्वेंट) स्कूल चला सकते हैं, लेकिन हिंदू अपने गुरुकुल या वैदिक शिक्षा पर आधारित पारंपरिक स्कूल नहीं चला सकते, जो देश के मुख्य धर्म सनातन या हिंदू धर्म और संस्कृति को संरक्षित कर सके। यदि वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें इस कानून के तहत दंडित किया जाएगा!
साथ ही, मस्जिदों और चर्चों में दान से जमा सारा पैसा और सोना केवल उन्हीं का होता है। वे उस संपत्ति का उपयोग अपने अनुयायियों को बढ़ावा देने और अशिक्षित या कम शिक्षित हिंदुओं को धन के लालच में धर्मांतरण के लिए करते हैं। लेकिन हिंदू मंदिरों में जमा धन और सोने पर सरकार का नियंत्रण होता है!
नेहरू ने यह सब उस कुटिल गांधी के साथ मिलकर किया ताकि मुसलमानों और ईसाइयों को हिंदुओं के धर्मांतरण में सुविधा हो सके।
"धारा 30" हिंदुओं के खिलाफ एक जानबूझकर किया गया विश्वासघात है!
मुस्लिम बच्चों के लिए अपनी धार्मिक पुस्तक, कुरान पढ़ना और सीखना अनिवार्य है, और यही नियम ईसाइयों पर लागू होता है! लेकिन हमारे हिंदुओं के बारे में क्या? हमें अपने एकमात्र धर्म, जो इस प्राचीन विज्ञान पर आधारित है, की सही समझ भी नहीं है!
आइए, हम सभी सनातन धर्म की रक्षा करें। इस लेख को पढ़ें, समझें और नेहरू और कुटिल गांधी द्वारा किए गए इस अन्याय के बारे में हर जगह जागरूकता फैलाएँ।
क्योंकि धारा 30 के कारण, हम अपने स्कूलों और कॉलेजों में भगवद गीता नहीं पढ़ा सकते हैं, जबकि यह हमारा सनातन धर्म देश है।
@PuVVNLHQ
पहले माह की 5 तारीख
तक बिजली का बिल
मोबाइल मेसेज में आ
जाता था और हम तुरंत
भुगतान कर पाते थे।
11 तारीख हो गयी और
मई माह का बिल अब
तक नही आया है।।
@PuVVNLHQ
पहले माह की 5 तारीख
तक बिजली का बिल
मोबाइल मेसेज में आ
जाता था और हम तुरंत
भुगतान कर पाते थे।
11 तारीख हो गयी और
मई माह का बिल अब
तक नही आया है।।
@UPPCLLKO@PuVVNLHQ@aksharmaBharat@CMOfficeUP
Power house mohaddpur.
आज दोपहर से निरंतर विद्युत आपूर्ति
बाधित रही है,कई बार आई गई,
अब तो बिल्कुल ही ठप्प है।
कनेक्शन नंबर,
7621712000,
फोन नंबर -
9415339296
मोहद्दीपुर पावर हाउस
पता 778 D जंगल तुलसीराम,
बिछिया, 273014.
यूं कोई चाणक्य नहीं कहता...
“हंस रहे हैं... गृह मंत्री जी हंस रहे हैं। पूरी तैयारी बना रखी है आपने। आज चाणक्य अगर आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते, आपकी कुटिलता की दाद देते।”
महिला आरक्षण और परिसीमन विधायकों पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने अमित शाह को चाणक्य कहकर संबोधित किया था। अब अमित शाह का जो प्लान है वह किसी चाणक्य से कम नहीं है।
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पांडिचेरी के चुनावों के दौरान, जब महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पारित नहीं हो पाया था, तब इसे लेकर अनेक प्रकार की चर्चाएँ हुई थीं।
ऐसा बताया जाता है कि उस समय राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं से मुलाकात कर उन्हें अपने पक्ष में कर लिया था। हालाँकि, भाजपा के दोनों हाथों में लड्डू होने के कारण उसने इस मुद्दे पर अधिक गंभीर प्रयास नहीं किए थे।
बारह वर्षों में यह पहली बार था जब भाजपा सरकार के कार्यकाल में कोई महत्वपूर्ण विधेयक गिर गया था। अब ऐसी चर्चाएँ हैं कि क्षेत्रीय दलों की मांगों और सुझावों के अनुरूप कुछ छोटे-मोटे बदलावों के साथ इस विधेयक को पुनः लाने की तैयारी की जा रही है।
कई क्षेत्रीय दलों में फिलहाल विभिन्न प्रकार की राजनीतिक उठापटक को लेकर चर्चाएँ चल रही हैं। टीएमसी, डीएमके, एनसीपी, आप, जेकेएनसी/नेशनल कॉन्फ्रेंस, कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों, एक-दो सांसदों वाले छोटे दलों तथा निर्दलीय सांसदों के बीच भी कई तरह की चर्चाएँ, ऊहापोह और राजनीतिक मंथन जारी है।
संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए लोकसभा में 362 (फिलहाल NDA 298) और राज्यसभा में 164 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता है। ऐसी भी चर्चाएँ हैं कि लोकसभा और राज्यसभा में कुछ सांसद पार्टी व्हिप के विरुद्ध मतदान कर सकते हैं। लोकसभा में इस संबंध में अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष को लेना होता है। एक अति महत्वपूर्ण विधेयक पास कराने के लिए अगर उस निर्णय पर लोकसभा अध्यक्ष सत्ताधारी दल के हितों का ध्यान रखकर निर्णय दे तो यह कोई आश्चर्य का विषय नहीं होगा।
जबकि राज्यसभा में सदस्यता समाप्त होने की स्थिति में संबंधित दलों के लिए राजनीतिक समीकरणों के अनुसार उपचुनाव में पुनः अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल और असम में बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के कारण पार्टी विहिप विरुद्ध मतदान करने वाले सांसदों को भाजपा अपने खेमे से पुनः संसद भेज सकती है।
@PuVVNLHQ@UPPCLLKO
आज बिछिया दक्षिणी पूर्वी क्षेत्र
(हरि मैरेज लॉन के आस पास)
में आज दिनभर विद्युत आपूर्ति
बाधित रही।
अभी भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई है।
बताया गया कि कर्मचारी फाल्ट ढूंढ
रहे हैं, पता नहीं फाल्ट ढूंढने में और
कितना समय चाहिए।
आज बिछिया दक्षिणी पूर्वी क्षेत्र
(हरि मैरेज लॉन के आस पास)
में आज दिनभर विद्युत आपूर्ति
बाधित रही।
अभी भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई है।
बताया गया कि कर्मचारी फाल्ट ढूंढ
रहे हैं, पता नहीं फाल्ट ढूंढने में और
कितना समय चाहिए।
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बावजूद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों में निरंतर जुटे हुए हैं। ऊंचे विद्युत पोलों पर कार्य करना, कठिन परिस्थितियों का सामना करना तथा विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है, फिर भी उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति पहुंचाना उनका संकल्प है।
हर मौसम और हर परिस्थिति में विद्युत सेवाओं को बेहतर बनाए रखने हेतु हमारी टीमें पूर्ण निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्यरत हैं।
#PowerHeroes #RespectLineman #PuVVNL #ElectricityForAll #PowerSupply #VidyutKarmi
#ConsumerService #TeamPuVVNL #PoweringLives
#NirbadhVidyutAapurti ⚡
@aksharmaBharat@EMofficeUP@ChairmanUppcl@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@UPPCLLKO@DTPuvvnl
@PuVVNLHQ
बिछिया, गोरखपुर के दक्षिणी पूर्वी
हिस्से में(हरि मैरेज लॉन के आस पास)
आज दिनभर विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
इनवर्टर आदि अन्य वैकल्पिक उपकरण
डिस्चार्ज हो चुके है.
बूढ़े बच्चे बहुत परेशान हैं।
कृपया निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाय।
पावर हाउस मोहद्दीपुर,
@PuVVNLHQ
बिछिया, गोरखपुर के दक्षिणी पूर्वी
हिस्से में(हरि मैरेज लॉन के आस पास)
आज दिनभर विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
इनवर्टर आदि अन्य वैकल्पिक उपकरण
डिस्चार्ज हो चुके है.
बूढ़े बच्चे बहुत परेशान हैं।
कृपया निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाय।
पावर हाउस मोहद्दीपुर,
असली Narrative सामने आ गया है - शिक्षा माफिया अब विपक्ष की कठपुतली बन चुका है
अब सब क्लियर हो गया है.. मकसद क्या है?
"सरकार से सवाल पूछो" - ये Narrative क्यों चलाया जा रहा है?
- दो दिन पहले तक बोर्ड पर मैथ्स पढ़ाने वाला टीचर अब खुलेआम धमकी दे रहा है - "अगर Gen Z भड़क गया तो सत्ता और मीडिया को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।"
- ये शिक्षा है ? या सियासी ब्लैकमेल? ये सवाल नहीं, ये सीधी धमकी है। ये Gen Z के कंधे पर बंदूक रखकर सरकार को अस्थिर करने की सोची-समझी साजिश है।
- क्रांति अचानक क्यों जागी? क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इनकी कोचिंग पर जुर्माना ठोक दिया। जब तक 2 लाख वाली फीस से 58 हजार करोड़ का धंधा चल रहा था, सरकार अच्छी थी। जेब पर चोट पड़ी तो "लोकतंत्र खतरे में" हो गया।
- असली खेल क्या है?
राहुल गांधी, अखिलेश यादव, केजरीवाल की सभा में भीड़ नहीं जुटती। तो इन्होंने बंदूक अब कोचिंग सेंटर वालों के कंधे पर रख दी है।
- हथियार क्या है? देश के लाखों-करोड़ों Gen Z छात्र।
प्लान क्या है? - "इन्हें भड़का दो, सड़क पर उतार दो, दंगा करवा दो, सरकार गिरा दो।"
और धंधा कैसे चल रहा है? लाखों छापने की मशीन कैसे बनी है शिक्षा?
- 2 महीने में टॉपर" का फ्रॉड - 2 लाख का स्कैम..
आओ बच्चो, 2 लाख दो, 2 महीने में टॉपर बनो, गारंटी।
सोचिए...- हर कोई 2 महीने में टॉपर बनता तो 12 साल स्कूल में कौन घिसता? टॉपर बनता है सालों की मेहनत से। रात-रात भर जागकर। सौ बार गिरकर, हजार बार उठकर।
👉छात्रों का दिमाग पंगु बना दिया है...
इन शिक्षा माफियाओं ने छात्रों को बर्बाद कर रखा है। दिमाग में भर दिया है - "हमारे बिना तुम जीरो हो। कोचिंग नहीं तो तुम्हारा कुछ नहीं होगा।"
पहले 2 लाख की गारंटी। फिर 50 हजार की टेस्ट सीरीज। फिर 30 हजार की डाउट क्लास।
ये पढ़ाई नहीं, लत है। छात्रों को लगता है बिना कोचिंग के वो कुछ कर ही नहीं पाएंगे। आत्मविश्वास खत्म, सोचने की ताकत खत्म।
ये गुरु नहीं, ड्रग डीलर हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 100% सच बोला था - "ये प्राइवेट कोचिंग वाले बच्चों को अपना गुलाम बना लेते हैं। शिक्षा के नाम पर माता-पिता की जेब काट रहे हैं।"
कृपया अपने बच्चों पर ध्यान दीजिए।
आपका बच्चा पढ़ने गया है या सियासी धमकी सीखने? Gen Z को भड़काने की ट्रेनिंग लेने?
जब टीचर का ध्यान ब्लैकबोर्ड से ज्यादा "सरकार से सवाल पूछो" वाले Narrative पर हो, तो समझ जाओ क्लासरूम बिक चुका है।
- भारत में हमेशा से शिक्षा 'सेवा' थी, पर अब 'सियासत' बन गई। गुरु 'पूजनीय' थे, अब 'विपक्ष के मोहरे' बन गए।
क्लासरूम 'ज्ञान का मंदिर' था, अब 'दंगा फैक्ट्री' बनाने की साजिश चल रही है। Gen Z को भड़काने की धमकी देने वालों बिहार-यूपी का युवा भ्रम नहीं, तथ्य चाहता है।
मेहनत उसकी है, तो क्रेडिट भी उसका है। तुम्हारे 2 लाख के पोस्टर का नहीं।
शिक्षा के मंदिर में सियासत का कीचड़ और देश तोड़ने का जहर बर्दाश्त नहीं होगा।
कल का पेरिस का नज़ारा...
नर्क बना दिया उस शहर
को जिसे दुनिया का सबसे
रोमांटिक शहर कहा जाता था।
फ्रांस की कुल
आबादी 6 करोड़ है,
भारत की 140 करोड़,
शुक्र मनाओ की भारत
मे BJP और RSS है,
नहीं तो यहां ये जो करते,
वो नर्क से भी बदतर होता.....
@manishkeshari
https://t.co/pByipRaObu