@NisarAlam07 @voiceofhumans01 "बद्र के उन 313 प्रोनों को सलाम, जिन्होंने एक खजूर से रोज़ा रखा और फिर इस्लाम की पहली और सबसे अहम जंग में अपनी जानों का नजराना पेश कर दिया
जब सामने ताक़तवर दुश्मन था, हथियार कम थे, लेकिन ईमान मजबूत था, यकीन अटूट था, और साथ था नबी-ए-करीम ﷺ की क़ियादत का साया
"हमारा काम विरोध करना है क्योंकि ये बिल असंवैधानिक है, ये बिल वक्फ की जायदाद को बचाने के लिए नहीं है बल्कि वक्फ की जायदादों को खत्म करने के लिए है" :
वक्फ बिल के विरोध प्रदर्शन में बोले @asadowaisi साहब
#RejectWaqfBill#WaqfBill
इस्लाम और कुफ्र की पहली जंग ए बदर
एक खजूर से रोज़ा रखकर मैदान ए जंग में निकलने वाले 313 असहाब ए रसूल की अज़मतों को सलाम....
17 रमज़ान उल मुबारक हज़रत मोहम्मद ﷺ की क्यादत में इस्लाम ने पहली जंग फतेह की
#जंग_बदर#17_रमज़ानउल_मुबारक @voiceofhumans01
ये जो लिख रहा है ना कि कुछ लोग मजहब को राष्ट्र से ऊपर मानते है तो
फिर लोकतांत्रिक राष्ट्र से क्या समस्याएं हैं जो मंडल को हिंदू राष्ट्र चाहिए
बादशाह औरंगज़ेब आलमगीर रहमतुल्लाह अलेह एक अच्छे और नेक इंसान थे जो अपना खुद का खर्च टोपियां सिलकर चलाते थे
बादशाह औरंगज़ेब के शासन में ही भारत अखंड भारत था
#NagpurRiots #WaqfAmendmentBill @voiceofhumans01
महाराष्ट्र के नागपुर में दंगे शुरू हो गए हैं औरंगजेब पर बीजेपी के कुछ नेता और मंत्री भड़काऊ बयानबाजी करने से बाज नहीं आ रहे थे आज नतीजा ये है कि नागपुर जल रहा है
@puneetsinghlive#NagpurViolence
पार्सल जाएगा मैडम पार्सल पार्सलो में बुक किया करो,
इसमें जोखिम होता है आगे से पार्सल मे करो
लड़की : क्या नाम है आपका ,
रैपिडो वाला : गुलज़ार
लड़की मुस्लिम होना भरोसा है आप पर.
@DanishAnzar_@BilalRa43364781 भक्तों का हाल गीदड़ों जैसा हो गया है संख्या में ज़्यादा है और वो ऐसे लोगों से पंगा लेता है जो उनसे संख्या में कम है शेर (मुसलमान) से!
गीदड़ हमेशा झुण्ड बना कर हमला करता है और शेर अकेला!
पटना, बिहार: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष @Akhtaruliman5 साहब कहते हैं, "वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय और उनके पूर्वजों की संपत्ति है। ये संपत्तियां गरीबों, अनाथों, विधवाओं और आम लोगों की सेवा के लिए हैं। इनकी सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन मोदी सरकार व्यवस्थित तरीके से मुसलमानों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है- चाहे वो उनकी मस्जिदों को तोड़ना हो, उनकी दाढ़ी खींचना हो या उनकी टोपी उतारना हो। अब उन्हें उनके पूर्वजों की संपत्ति से वंचित किया जा रहा है। उन्हें सरकारी नौकरी, ठेके या व्यापार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। अगर ये काला कानून पास हो गया तो मेरा मानना है कि इससे देश में अशांति और गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो जाएगी।"
पटना, बिहार: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष @Akhtaruliman5 साहब कहते हैं, "वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय और उनके पूर्वजों की संपत्ति है। ये संपत्तियां गरीबों, अनाथों, विधवाओं और आम लोगों की सेवा के लिए हैं। इनकी सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन मोदी सरकार व्यवस्थित तरीके से मुसलमानों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है- चाहे वो उनकी मस्जिदों को तोड़ना हो, उनकी दाढ़ी खींचना हो या उनकी टोपी उतारना हो। अब उन्हें उनके पूर्वजों की संपत्ति से वंचित किया जा रहा है। उन्हें सरकारी नौकरी, ठेके या व्यापार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। अगर ये काला कानून पास हो गया तो मेरा मानना है कि इससे देश में अशांति और गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो जाएगी।"
जमीअत उलमा-ए-हिंद और एम.एच.ए. मदनी चैरिटेबल ट्रस्ट ने एक कड़ोर साठ लाख रुपये की छात्रवृत्ति बांटी, 915 छात्रों का हुआ चयन, 46 हिंदू छात्र भी शामिल -
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