गोडा निवासी विनोद साहनी जी की धर्मपत्नी अपने एकलौते बेटे से यह कहना कि
“कल ही ठाकुर मिलकर छुड़ा लाएंगे, तुम्हारे पापा का बदला कोई नहीं लेगा।”
विनोद साहनी जी की धर्मपत्नी के ये शब्द योगी सरकार के ‘कानून के राज’ का पीडीए के प्रति असली जमीनी रिपोर्ट कार्ड हैं।
विनोद साहनी की हत्या पर भड़कीं नेत्री-अभिनेत्री काजल निषाद बोलीं…
निषाद समाज को राम सखा बताकर सिर्फ वोट बटोरने का काम करती हैं BJP सरकार फिर उन्हीं की हत्या पर मौन रहती है।
कहां गया योगी जी का बुलडोजर अब नहीं चलेगा अब नहीं होगा एनकाउंटर।
क्या योगी जी का बुलडोजर इसलिए नहीं चलेगा और अपराधियों का एनकाउंटर एनकाउंटर इसलिए नहीं होगा क्योंकि ये सब योगी से के स्वजातीय लोग हैं।
भावुक लहज़े में बोली अब निषाद समाज छलावे में आने वाला नहीं है आने वाले समय में एकजुट होकर 2027 में मुंहतोड़ ज़वाब देगा ।
#kajalnishad #vinodsahani #gonda #uttarpradesh
विनोद सहनी जी की हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, एक आवाज़ को खामोश करने की कोशिश है। समय पर बेहतर इलाज और लखनऊ रेफर किया जाता तो शायद आज विनोद हमारे बीच होते। सरकार निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे और परिवार को न्याय दे।
भाई विनोद साहनी जी की निर्मम हत्या पर उनके गोंडा आवास से पैदल घटना स्थल तक जाम, एवं धरना।
बस यही मांग है कि पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिले 🙏🏻 । कृपया इस मुद्दे पर सब एक साथ हो कर आवाज़ बुलंद करने का काम करें 🙏🏻
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी क्या बिनोद साहनी के हत्यारों के घर पे बुलडोजर चलेगा ?
क्या बिनोद साहनी के हत्यारों का एनकाउंटर होगा ?
पूछता है निषाद ( मछुवारा ) समाज !
@yadavakhilesh@myogiadityanath
भाजपाइयों की तानाशाही और यूपी पुलिस का डर अब चरम पर है!
गोंडा जनपद के कर्नलगंज (रेक्सड़िया) में मृत बर्तन कारोबारी स्वर्गीय विनोद साहनी जी के पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने जा रहा था। लेकिन भाजपा सरकार के इशारे पर कठपुतली बनी पुलिस ने मुझे थाना मसौली-जनपद बाराबंकी पर गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर लिया।
अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम यह सरकार पीड़ितों के आंसू पोंछने वालों से डरती है! भाजपा चाहे जितने पहरे लगा ले, लोकतंत्र में जनता की आवाज़ और पीड़ितों की लड़ाई दबने वाली नहीं है।
हम हर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ लड़ेंगे और न्याय दिलाकर रहेंगे।
#UPPoliceDictatorship #JusticeForVinodSahani #CongressWithPeople
“कल ही ठाकुर मिलकर छुड़ा लाएंगे, तुम्हारे पापा का बदला कोई नहीं लेगा।”
गोंडा में विनोद साहनी की पत्नी के ये शब्द योगी सरकार के ‘कानून के राज’ का असली रिपोर्ट कार्ड हैं। यहाँ पीड़ित परिवार को न्याय से पहले आरोपियों की जातीय ताकत का डर सता रहा है।
सरकार बुलडोज़र के विज्ञापन खूब चलाती है, मगर साहनी परिवार के सवाल पर सन्नाटा है। याद रखिए योगी जी, न्याय नहीं मिला तो PDA मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने का काम करेगा।
बाराबंकी
➡अजय राय गोंडा जाते समय रोके गए
➡मसौली टोल प्लाजा पर गिरफ्तार किए गए
➡अखिलेश प्रताप सिंह, आसिम वकार रोके गए
➡नरेंद्र सिंह एवं कई नेता साथ गोंडा जा रहे थे
➡विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे
➡कांग्रेस नेताओं को बाराबंकी पुलिस ने रोका
@kashikirai@INCIndia@AkhileshPSingh@nstomar@syedasimwaqar
गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में विनोद कुमार सहनी निषाद की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दिया जाना बेहद गंभीर और दुखद है।
परिजनों के अनुसार, दुकान बंद कर घर लौट रहे विनोद कुमार पर नामजद आरोपियों और अन्य लोगों ने जानलेवा हमला किया, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस घटना ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
@UPGovt से हमारी मांग है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और किसी भी स्तर पर आरोपियों को संरक्षण न मिले। सरकार पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
हम विनोद कुमार साहनी जी के शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
लखनऊ: गोंडा में विनोद साहनी की हत्या के विरोध में हजरतगंज में सपा का जोरदार प्रदर्शन।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई विनोद साहनी की हत्या के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध।
बीजेपी सरकार के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर की नारेबाजी।
प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात, सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा गया।
यही है भाजपा का ‘रामराज’?
गोंडा में फेसबुक पोस्ट के विवाद में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या कर दी गई।
आरोप शुभम सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह पर हैं।
हालात इतने गंभीर कि योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद को अपने ही समाज के व्यक्ति के न्याय के लिए अपनी ही सरकार के सामने धरने पर बैठना पड़ा!
यह रोती हुई बच्ची विनोद साहनी की बेटी है… क्या सत्ता में बैठे लोग इसकी आँखों में देखकर कह सकते हैं कि यूपी में ‘क़ानून का राज’ है?
एक पिता की जान चली गई, बेटी के हिस्से में आँसू आए और परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। फिर किस मुँह से कानून-व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं?
आज गोंडा में जो देखा, उसने भीतर तक झकझोर दिया। सवाल सिर्फ़ विनोद साहनी की हत्या का नहीं है—सवाल यह है कि आखिर यूपी में सत्ता का संरक्षण किसे है और क़ानून का डर किसके लिए?
इस बिटिया के आँसू सत्ता से जवाब माँग रहे हैं—विनोद साहनी को न्याय कब मिलेगा?
विनोद साहनी, जो सोशल मीडिया पर वंचितों और समाज के मुद्दों को उठाते थे, उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
भाजपा सरकार में दलित, पिछड़े और वंचित समाज के लोग लगातार अत्याचार का शिकार हो रहे हैं।
घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो। मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मज़बूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेगी।
- प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-अनुसूचित जाति विभाग, AICC श्री राजेंद्र पाल गौतम (@AdvRajendraPal) जी
संजय निषाद मंत्री होकर भी चार पांच घंटे न्याय के लिए बैठे रहे लेकिन कोई प्रशासन का आदमी नहीं आया मिलने।
सोचिये एक मंत्री जी को भी अपने ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा हो उस राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था कैसी होगी। यूपी में जंगल राज चल रहा है। विनोद साहनी जी को न्याय मिले और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को अंत में हार कर मुख्यमंत्री ठाकुर योगी आदित्यनाथ और अपनी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरना पड़ा।
सवाल यह भी उठ रहे हैं कि इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं?
मामला शांत होते ही कहीं थूक कर वापस न चाट लें।
मात्र एक फेसबुक पोस्ट से ठाकुर इतना उद्वेलित हो गए कि उन्होंने एक निषाद को जान से ही मार डाला
ये दर्शाता है कि यूपी में किस कदर जंगलराज, गुंडाराज जारी है
ये सब सत्ता के संरक्षण का दुष्परिणाम है
समाजवादी पार्टी के नेता कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सबने मिलकर विनोद साहनी के परिवार के लिए न्याय, मुआवजे और परिवार की मांगों को मानने की आवाज उठाई
विनोद सहनी जी की हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि एक आवाज़ को खामोश करने की कोशिश है।
सोशल मीडिया पर अपनी बात बेबाकी से रखने के कारण विनोद को निशाना बनाया गया। गोली लगने के बाद अगर समय रहते बेहतर इलाज और लखनऊ रेफर किया जाता, तो शायद आज विनोद हमारे बीच होते।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब घटना हुई, तब प्रशासन ने समय पर गंभीरता क्यों नहीं दिखाई? आरोपियों के नाम दिए जाने के बावजूद सभी के खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
हम सरकार से मांग करते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो और विनोद जी के परिवार को न्याय मिले।