🙏🙏🙏❤️तन्हाई के इस आलम में एक अजब सा सुकून है,
कोई पास नहीं, फिर भी हर तरफ तेरा ही जुनून है।
दीवारें भी अब गवाह बन गई हैं,
तेरी यादों का हुजूम वहाँ भी मचता है।
लोग कहते हैं “अकेले हो तुम”,
मैं मुस्कुरा के कहता हूँ —
“अकेला कहाँ हूँ,
हर सांस में बस तू ही तो बसा है…”
विव कम हो या स्पोर्ट कम हो आ जाए ,,हम अपनी पहचान खुद बनाएगे आज जो इग्नोर कर रहे कल हमारे फ़ैन बन जाऐगे । शब्बास साथियों ,आगे बढ़ो,, एक्टिव रहे एक्टिविटी करें
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