@RajCMO@BhajanlalBjp गवर्नमेंट कॉलेज जयपुर को तो उसका भवन दे दीजिए साहब! या आप भी पूर्व सरकार के जैसे अफसरों के दबाव में बैठ गए हो? पिछले १२ वर्षों से उधार के कमरों में, पोद्दार स्कूल में चल रहा हैं जयपुर शहर का पहला राजकीय महाविद्यालय।
@RajCMO
लॉरेंस बिश्नोई दिवाली पर देशभक्ति कविता का पाठ करते हुए, फ़ौजी भाइयों को भी बधाइयां दी।
और एक तरफ़ 2 टके का सांसद भारत को हिंजड़ो को फ़ौज बताते हैं। सारे हिंजड़े हैं तो फिर पप्पू आप पैदा कैसे हुए..? या फ़िर 😂
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अब्दुल कलाम आजाद की जयंती 11 नवंबर को मनाई जाती है। मौलाना अबुल कलाम आजाद एक महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे। उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी जयंती को हर साल “राष्ट्रीय शिक्षा दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है, ताकि उनकी शिक्षा और समाज सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मानित किया जा सके।
कोटि कोटि नमन
मंदिर की दस मिनट की आरती में दस लोग नहीं आते
लेकिन चार घंटे का डांडिया देखने पूरा शहर आता है क्योंकि नवरात्रि अब मातारानी का पर्व नहीं बल्कि संगीत समारोह जो हो गया है अर्ध नग्न अवस्था में हिंदू लड़किया औरते डांडिया खेलने जाती है अपनी ही संस्कृति का मजाक बना दिया है
बाजरा एक महत्वपूर्ण और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है, जो मुख्य रूप से गर्म और शुष्क क्षेत्रों में उगाया जाता है। इसे वैज्ञानिक रूप से पेनिकम ग्लोइकोइड्स (Pennisetum glaucum) कहा जाता है। बाजरा को भारत में "मिलेट्स" के समूह में रखा जाता है, और यह एक पुरानी, परंपरागत फसल है जो सूखा सहनशील और कम जलवायु में उगने वाली होती है।
बाजरे की विशेषताएँ:
1. जलवायु: बाजरा गर्म और शुष्क जलवायु में उगता है। यह मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में उगाया जाता है जहां वर्षा कम होती है।
2. मिट्टी: बाजरा हल्की, अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी में अच्छा उगता है। यह विभिन्न प्रकार की मिट्टी में उग सकता है, लेकिन दोमट या बलुई मिट्टी इसके लिए उपयुक्त मानी जाती है।
3. पोषक तत्व: बाजरे में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। यह खासकर उन लोगों के लिए अच्छा है जो ग्लूटन से मुक्त आहार चाहते हैं।
बाजरे के लाभ:
1. सहनीय और टिकाऊ: बाजरा कम पानी और कम ध्यान से उगने वाली फसल है, जो सूखा और उच्च तापमान सहन कर सकती है।
2. पोषण: बाजरे में उच्च मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, और मिनरल्स होते हैं। यह डायबिटीज, हृदय रोग और पाचन समस्याओं के लिए भी लाभकारी है।
3. आर्थिक लाभ: कम लागत में इसकी खेती की जा सकती है और बाजरे की बढ़ती मांग से किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ हो सकता है।
बाजरे के प्रकार:
सफेद बाजरा (Pearl Millet): यह सबसे सामान्य प्रकार है और इसे "बाजरा" के नाम से जाना जाता है।
काले बाजरा (Black Millet): इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स की अधिकता होती है और यह स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है।
लाल बाजरा (Red Millet): इसे आयरन और फाइबर से भरपूर माना जाता है।
निष्कर्ष:
बाजरे की खेती एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकती है, खासकर उन किसानों के लिए जो जलवायु की चुनौती का सामना कर रहे हैं। इसकी खेती से न केवल किसानों की आय बढ़ सकती है, बल्कि यह एक पोषक अनाज के रूप में खाद्य सुरक्षा में भी योगदान दे सकता है।
धर्मो जयति नाधर्मः सत्यं जयति नानृतम् |
Dharma wins- not Adharma. Truth wins - not lies.
धर्म जीतता है ,अधर्म नहीं, सत्य जीतता है ,असत्य नहीं ।
आप सबको अधर्म पर धर्म की मंगल विजय के महापर्व विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें।
Breaking news: मोहम्मद सिराज जी ने लोगों को माई सर्किल इलेवन पर टीम बनवाकर किया गरीबी रेखा से बाहर , इस कार्य से प्रसन्न होकर तेलंगाना सरकार ने उन्हें बनाया डीएसपी।
देश के मशहूर उद्योगपति #रतन_टाटा जी का निधन देश के लिए अत्यंत दुखद क्षण है।
#ratantata
भगवान उनकी आत्मा को शांति दे शत् शत् नमन 🙏 🌺 🪔
ॐ शान्ति शान्ति शान्ति 💐
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐💐
भगवान श्री राधे कृष्ण के आशीर्वाद से आपका जीवन सुख, समृद्धि और शांति से भरपूर हो।
जय श्रीकृष्ण 🙏🏻
#KrishnaJanmashtami