जयपुर के य��� छात्र जर्जर क्लास रूम, साफ़ पीने का पानी भी नहीं और गंदे टॉयलेट के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।
जो बच्चे सुन नहीं सकते, बोल नहीं सकते… वो भी आज अपनी आवाज़ उठा रहे हैं।
जिस मिट्टी ने हमें जन्म दिया, आज वही मिट्टी हमे पुकार रही है !
खेजड़ी कटती है तो सिर्फ एक पेड़ नहीं गिरता, एक परंपरा ,भविष्य और कई जिंदगियाँ टूट जाती हैं।
अगर आज भी हम चुप रहे ,
तो हमारी चुप्पी आने वाली पीढ़ियाँ कभी माफ़ नहीं करेंगी...
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव
ये राजस्थान की भूमि है यहाँ माँ अमृता देवी व 363 विश्नोई वीर वीरांगनाऔ ने खेजड़ी के लिए अपना बलिदान दिया जो विश्व का एकमात्र पर्यायवरणीय बलिदान है आज वोही इतिहा�� दोहराने का समय है 36 कौम से निवेदन ज्यादा से ज्यादा बीकानेर पहुंचे।
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव
खेजड़ली बोली सरकारों से,
ना खेलो- खेल सरकारी तुम।
वा���ों की चूसणी देकर,
करते हो मक्कारी तुम ।
ना करो मुझे मज़बूर तुम,
फिर से नये खडाणे को।
मैं भी अब तैयार खड़ी हूँ,
धनुष पर तीर चढ़ाने को।
सोलर को तुम बना भेड़िया,
भेज रहे हो गांवो में।
मैं पहले से ही घायल हूँ,
लहू बह रहा है पांवों में।
दादा, दादी ने पाला मुझको,
हर बुरी बला से टाला मुझको।
तुम सौदा मेरा करते आए,
चुल्लू भर पानी में मरते आए।
धनवानों के चरण चाटकर,
करते हो गद्दारी तुम।
कैसी है सरकार तुम्हारी,
करते हो मक्कारी तुम।
आग सूरज की ठंडी पड़ गई,
क्या हुआ कुछ पत्ति झड़ गई।
मैंने सब-कुछ ना झेला है,
हर कोई मुझसे खेला है।
तुम समझौते करते आए
पर बची मेरी खुद्दारी है।
कैसी है सरकार तुम्हारी,
कैसी ये लाचारी है।
अब संकट गहरा आया है,
अपनो ने भरमाया है।
मैं सब लुटाकर चल दूंगी,
पत्थर के बदले फल दूंगी।
कब तक करूं याचना इनकी,
कब तक भरूं नैनों ���ें पानी?
सरकारें तो बनकर बैठी,
जैसे कोई कुत्तिया कानी।
ये मरुधर तो पीहर मेरा,
मैं बेटी हूँ हर घर की।
लाज तुम्हारी नहीं बचेगी,
जो चूनर मेरी सरकी।
उठो लाडलो
डग भरो अब,
समय आया है कुछ करने का।
सिंहासन की अकड़ तोड़कर,
शीश तली पर धरने का।
किस किस को समझाने जाऊं,
हर कोई यहाँ बाज़ारी है।
कैसी है सरकार तुम्हारी,
कैसी ये लाचारी है??
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सुरेन्द्र सुन्दरम् (थापन)गंगानगर
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव #खेजड़ी_सरंक्षण_क़ानून_लागू_करो #खेजड़ी_बचाओ @RajCMO @BhajanlalBjp
जीवन किसी के खिलाफ या पक्ष में नहीं खेलता — वो सिर्फ खेलता है
परीक्षा भी एक खेल है। तुम बस अपना 100% दो। रिजल्ट तुम्हारे कंट्रोल में नहीं, लेकिन प्रयास तुम्हा���े हाथ में है।
#psychology
सीमाएँ बना — "नहीं" कहना सीख।
क्योंकि जो तुझे स���्मान नहीं देता, उसे तेरा समय नहीं मिलना चाहिए।
आज तू रो, हँस, चुप हो, चीख,
बस खुद बन।
क्योंकि कल जब दुनिया फिर दौड़ेगी,
तू थका नहीं, भरा हुआ लौटेगा।
तू अकेला नहीं है...
तेरे अंदर ही तेरा सबसे बड़ा साथी है।
��से आज थोड़ा प्यार दे।
#2026
अरावली पर्वतमाला…!!!
यह एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील विषय है।
इसके संरक्षण के लिए जिस स्तर पर मज़बूत और मुखर आवाज़ उठनी चाहिए थी, वैसी पहल #विपक्ष की ओर से दे��ने को नहीं मिलती।
आख़िर ऐसा क्यों?
क्या यह चुप्पी महज़ संयोग है, या फिर इसके पीछे बड़े उद्योगपतियों और सत्ता–तंत्र के बीच कोई अदृश्य समझौता काम कर रहा है?
जब पर्यावरण, जल-स्रोत और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य दांव पर हो, तब सवाल उठना स्वाभाविक है...
क्या अरावली का मुद्दा राजनीति से बड़ा नहीं होना चाहिए?
#SaveAravalli #AravaliProtection #अरावली_पर्वतमाला_बचाओ #अरावली_बचाओ #अरावली
अभ्यर्थी का जीवन हर असफलता के बाद जैसे एक नया मोड़ लेता है।
विडंबना देखिए…
इसी टूटे हुए मन को,
इसी काँपते हुए दिल को,
इसी हारे हुए इंसान को
फिर से वही किताबें उठानी पड़ती हैं।
क्योंकि टूटा हुआ स्वाभिमान भी यहीं से वापस खड़ा होता है—
यही पन्ने, यही कलम, यही संघर्ष उसे फिर से जीना सिखाते हैं।
डॉ धीर सिंह धाभाई
https://t.co/WnREH0xitJ
#Psychology #result
संयोग या संकेत?”
कभी महसूस किया है…
आप किसी को याद करते हैं —
और तभी उसका फोन आ जाता है।
या कोई धुन मन में चल रही होती है,
और सामने वाला वही गीत गुनगुनाने लगता है।
इसे सिर्फ “संयोग” मत कहिए…
मनोविज्ञान के महान विचारक कार्ल जुंग ने इसे कहा — “समकालिकता”।
ऐसे अर्थपूर्ण संयोग,
जिनमें कोई तार्किक संबंध नहीं दिखता,
फिर भी वे भीतर गहराई से जुड़े होते हैं।
शायद यही वह पल है,
जब हमारा मन और ब्रह्मांड एक ही लय ��ें सांस ले रहे होते हैं।
तो अगली बार जब कोई “संयोग” हो —
उसे नज़रअंदाज़ मत कीजिए…
वो शायद आपके जीवन का कोई संकेत हो सकता है।
डॉ. धीर सिंह धाभाई
@dh5av
#Psychology #CarlJung #Synchronicity #LifeLessons #Motivation
खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर विश्नोई समाज का प्रतिनिधि मंडल आज जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाक़ात की.....!
जिसमें बिश्नोई समाज के साधु संत और वरिष्ठ नेतागण के के बिश्नोई,सुखराम जी, बिहारीलाल जी, पारस राम जी, अनंत राम जी ने शामिल होक�� के
मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन सौंपा!