अगर गलत के खिलाफ आवाज उठाना देशद्रोही होता है... तो हाँ, हूं मैं देशद्रोही l
तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाना देशद्रोही होता है... तो हाँ, हूं मैं देशद्रोही l
नेहा का अंधभक्तों को मुंह तोड़ जवाब l
“जब RSS पब्लिक में मार्च निकालता है,तो उन्हें Security कौन देता है ?
गृह मंत्रालय Security देता है ! तो मैं जानना चाहता हूँ कि मैं किसे Security दे रहा हूँ !
ये कौन लोग हैं ?
कहॉं शाखा चलाते हैं ?
Funding कौन करता है ?
बताना पड़ेगा !”
@PriyankKharge जी ने RSS की नाक में नकेल डाल दी है 🔥🔥🔥
नरेंद्र मोदी किस मुँह से नेहरू और इंदिरा जी की बात करते हैं?
जब भारत आजाद हुआ तो पंडित नेहरू ने अमेरिका या रूस की तरफ नहीं देखा- अपना रास्ता चुना
इंदिरा गांधी जी ने अमेरिका की धमकियों के बावजूद पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए
जब अमेरिका ने भारतीय डिप्लोमैट देवयानी खोबरागड़े का अपमान किया, तो डॉ. मनमोहन सिंह जी ने तुरंत अमेरिकन एंबेसी से सुरक्षा हटवा दी
संकेत साफ था कि ये रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अमेरिका ने तुरंत इस मामले में खेद व्यक्त किया
ये सच है कि नरेंद्र मोदी से पहले आए प्रधानमंत्रियों ने देश के सम्मान, संप्रभुता और स्वतंत्रता को हमेशा अपने से ऊपर रखा
किसी भी प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी की तरह अमेरिका की गुलामी नहीं की
इनका नाम नरेंदर और काम सरेंडर है
मैं 50 नहीं 500 चुनाव भी अगर हार जाऊँ …..
तो भी हिंदू मुस्लिम करके और झूठ बोलकर दंगे करवा कर चुनाव नहीं जीतूँगा।
— राहुल गांधी, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष
राहुल गांधी इसीलिए बाक़ी नेताओं से अलग माने जाते हैं।
PM @narendramodi जी,
INS Baaz, UPA सरकार में स्थापित किया गया नौसैनिक अड्डा, पिछले पाँच साल से विस्तार की माँग कर रहा है। मगर, सरकार ने नौसेना की बात अनसुनी कर दी।
अगर आप Great Nicobar project को देश की सुरक्षा से जोड़ते हैं तो आज ही INS Baaz का विस्तार कीजिए। मैं पूरी तरह समर्थन में हूं और पूरा विपक्ष आपके साथ है।
INS Baaz तट पर है - इसके लिए न 1.5 करोड़ पेड़ काटने की ज़रूरत है, न जनजातियों को विस्थापित करने की।
पर सच्चाई यह है - यह project देश की सुरक्षा के लिए नहीं है। यह project है हमारे देश की सबसे अनमोल ज़मीन को एक व्यापारी के हाथों सौंपने के लिए। और हमेशा की तरह इसके लिए भी सेना के नाम का सहारा लिया जा रहा है।
@narendramodi जी - देश की रक्षा सेना करती है। होटल और casino नहीं।
https://t.co/Cihlf8gfXh
जब भी ट्रम्प बोलते हैं, मोदी जी की चुप्पी और गहरी हो जाती है।
देश जानना चाहता है कि भारत की नीतियां दिल्ली में तय हो रही हैं या वॉशिंगटन में?
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
एक चर्चा का विषय... 🇮🇳
कुछ लोगों का मानना है कि राहुल गांधी को देश का नेतृत्व करने का एक अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता और दृष्टिकोण को साबित कर सकें।
वहीं, कुछ लोग वर्तमान नेतृत्व को ही बेहतर विकल्प मानते हैं।
आपकी क्या राय है?
क्या राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलना चाहिए?
👍 हाँ
👎 नहीं
अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। 👇
अंडमान और निकोबार हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इसके विनाश के खिलाफ हम सभी दृढ़ता से खड़े हैं। प्रकृति के विनाश की कीमत हमारी पीढ़ियां चुकाएंगी। इसलिए हम सबका फर्ज है कि हम अपनी उन प्राकृतिक धरोहरों को बचाकर रखें जो हमें सांसें मुहैया कराती हैं।
मैं अंडमान और निकोबार में प्रकृति व पर्यावरण के विनाश के पूरी तरह खिलाफ हूं। आप भी इस याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और अपनी प्रकृति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
Sign the petition - https://t.co/pq8EJBaNNR
पत्रकार — कांग्रेस पार्टी ने आपको राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया उसके बाद आपने कहा तपस्या अभी बाक़ी है।
पवन खेड़ा — बिल्कुल तपस्या अभी बाक़ी है , 2029 में जब राहुल गांधी जी पीएम पद की शपथ लेंगे तभी तपस्या पूरी होगी।
पत्रकार: कांग्रेस ने आपको राज्यसभा भेज दिया, अब तो तपस्या पूरी हो गई?
पवन खेड़ा:तपस्या तब पूरी होगी जब 2029 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे और जनता की आवाज़ दिल्ली की सत्ता में गूँजेगी :@Pawankhera
मैं इलेक्शन कमीशन और उनके ऑफिसर को साफ कह रहा हूँ, आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो!
समय आएगा हम आपको पकड़ेंगे, बचने वाले नहीं हो!
- राहुल गांधी जी
#RahulGandhi
CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं।
और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।
जिस कंपनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही।
इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा।
यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।
कुछ ज़रूरी सवाल हैं:
- COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
- कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
- COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
- COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए।
CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।