विधानसभा सदस्य और थाना प्रभारी के बीच हॉट-टॉक के बाद पुलिस एसोसिएशन से लेकर तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं। अच्छी बात है कि भाषा, शिष्टाचार और मर्यादा बनी रहनी चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मर्यादा सिर्फ जनप्रतिनिधियों के लिए है?
क्या पुलिस एसोसिएशन ने उस गालीबाज दारोग़ा के व्यवहार पर कारवाई की बात तो दूर, कभी निंदा या आम आदमी के साथ गाली की भाषा में बात करने को लेकर कभी किसी पुलिस वाले को नसीहत दी? क्या पुलिस को यह पता नहीं है कि बिना किसी की सहमति के उससे बातचीत को रिकार्ड कर वायरल करना किसी की निजता के हनन का अपराधिक काम है? क्या यह निजता हनन का कानून सिर्फ आमलोगों के लिये ही बना है, पुलिस के लिये नही? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जबाब देना जरूरी है।
कुछ महीने पहले बोकारो जिले के चास थाना प्रभारी का कथित गाली-गलौज वाला ऑडियो वायरल हुआ था। हमने सरकार से मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग भी की थी। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय सरकार ने ऐसे गालीबाज पुलिस अधिकारियों को संरक्षण दिया।
थानों में आम जनता के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल, फोन पर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। आज अगर जनप्रतिनिधि और पुलिस के बीच ऐसी स्थिति पैदा हो रही है, तो इसके लिए राज्य सरकार की नीति और संरक्षण भी जिम्मेदार है।
अगर आम जनता द्वारा गाली देना अपराध है, तो पुलिस को ऐसा कौन-सा विशेषाधिकार मिला है कि वह जनता को अपशब्द कहे? यह विशेषाधिकार आखिर किसने दिया?
पुलिस को सबसे पहले जनता से बात करने का तरीका और शिष्टाचार सीखना होगा। सरकार को भी ऐसे मामलों में केवल निलंबन तक सीमित न रहकर कठोर कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराना सुनिश्चित करना चाहिए। तभी व्यवस्था में वास्तविक सुधार आएगा।
@HemantSorenJMM@JharkhandPolice
जाहिर है कि अब छात्रों की आवाज को दबाने और उन्हें कानूनी अड़चनों में फँसाने की कोशिश ऊपर से हो रही है।
कल सबने देखा, रांची, हजारीबाग और गिरीडीह में सत्ता संरक्षित गुंडों ने छात्रों के ऊपर हमले किए। छात्रों को धमकियाँ दी गई और अब बिना किसी नोटिस, बिना किसी अपराध के एक बेटी को घंटों थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
सरकार की इन साजिशों को हम कामयाब नहीं होने देंगे।
#ExamReform #JSSC #JPSC #jharkhand #ranchi
ये गुंडई मेरे गृह जिले रामगढ़ में हो रहा है।
एक काम करते है, चलिए कल आते है, हम अकेले आयेंगे कल सुभाष चौक तानाशाह हेमंत सोरेन का विरोध करने, आप आइए हमको मारने, देखते है इस राज्य में अब JMM का गुंडई जीतेगा या इस राज्य के युवाओं की आवाज जीतेगी।
#DhokebajHemant
झारखंड के छात्रों की आवाज़ अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुकी है।
JPSC परीक्षा और अन्य परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका की पहली सुनवाई होने जा रही है।
यह सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्रों के भविष्य की लड़ाई है जिन्होंने वर्षों की मेहनत और उम्मीदें इन परीक्षाओं से जोड़ी हैं।
दिल्ली और आसपास मौजूद झारखंड के सभी छात्रों से अपील है कि पहली सुनवाई के दिन 24/August/2026 अधिक से अधिक संख्या में सुप्रीम कोर्ट पहुँचकर छात्रों की एकजुटता और अपनी आवाज़ का समर्थन करें।
आज जरूरत है साथ खड़े होने की, क्योंकि जब छात्र एकजुट होते हैं, तो उनकी आवाज़ को अनसुना करना आसान नहीं होता।
आइए, अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और झारखंड के छात्रों के भविष्य के लिए एक साथ खड़े हों।
एकजुट छात्र ही मजबूत आवाज़ हैं।
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🚨🚨कठोर सवाल, स्पष्ट मांग🚨🚨
झारखंड सरकार ने लाखों-लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। लंबे समय से छात्र अपने अधिकार और न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार का अब तक का रवैया केवल आश्वासन और टालमटोल से भरा दिखाई दे रहा है। इससे छात्रों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सरकार वास्तव में उनके भविष्य को लेकर गंभीर है या केवल समय गुजारने का प्रयास कर रही है?
हम सरकार से स्पष्ट शब्दों में आग्रह करते हैं कि माननीय न्यायालय के समक्ष छात्रों के हित और न्यायसंगत मांगों को पूरी मजबूती, तथ्य और ईमानदारी के साथ रखा जाए। इस संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार का ढुलमुल रवैया, आधे-अधूरे प्रयास या कमजोर पैरवी लाखों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय होगा।
अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस पहल और प्रभावी पैरवी चाहिए। सरकार अपनी जिम्मेदारी समझे, मजबूती से छात्रों का पक्ष रखे और लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाएI
#jssc #jpsc #jharkhandstudent #jaipalsinghmundastadium
हाहाकार है !
जिस व्यक्ति से अपना गृह क्षेत्र नहीं संभल रहा, वह राज्य का स्वास्थ्य क्या संभालेगा!
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड को बीमार कर दिया है!
मजहब के नाम पर उन्हें जामताड़ा का एक वर्ग वोट तो दे रहा है, पर उन्हें भी आत्ममंथन करना चाहिए कि कैसा जनप्रतिनिधि उन्होंने चुना है!
माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री @yourBabulal जी का सत्ताधारी गठबंधन पर इतना खौफ है कि सत्ताधारी दल के प्रवक्ता लगातार उनका नाम जपते रहे। माननीय बाबूलाल जी ने चाईबासा में हो रहे हजारों करोड़ के डीएमएफटी फंड के घोटाले का पर्दाफाश किया है। 3700 करोड रुपए पिछले 10 वर्षों में मिले हैं। 2018-19 तक का आंकड़ा वेबसाइट पर उपलब्ध है।उसके बाद की कोई टेंडर, कोई योजना,कोई ठेकेदार का विवरण और कोई आंकड़ा भी अपडेट नहीं किया गया है।
एक और चिंताजनक बात है की झारखंड में देश का 40% खनिज है जबकि रॉयल्टी सिर्फ 22,000 करोड रुपए की आती है। उड़ीसा में 17% खनिज है देश का लेकिन रॉयल्टी 46,000 करोड़ आती है।मूल कारण है कि उड़ीसा ने समय रहते अपने खदानों की नीलामी कर दी जबकि झारखंड में लौह अयस्क समेत दूसरे खनिजों की नीलामी प्रक्रिया ही बंद है।
#Live #debate on @news11bharat
आज भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा, देवघर (झारखंड) की श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर माता राजेश्वरी नंद गिरि महाराज जी से आत्मीय भेंट कर सौहार्दपूर्ण संवाद हुआ।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री दीपक प्रकाश जी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद जी, श्री बालमुकुंद सहाय जी, श्री भानु प्रताप शाही जी, प्रदेश महामंत्री श्री मनोज सिंह जी सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
@blsanthosh
भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड के प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रीनिवास जी की गिरफ्तारी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने वाले लोगों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
राज्य सरकार से अपेक्षा है कि कानून का पालन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए।
बाजार में जो बेंच ₹4,500 की है, सरकारी फाइलों में उसे ₹18,800 का दिखाकर ₹79 लाख का घोटाला कर दिया गया! साल भर में ही बेंचें टूटकर कबाड़ हो गईं।
आखिर यह अंधेरगर्दी कब तक चलेगी? भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई कब होगी? जवाब दीजिए!
@HemantSorenJMM@yourBabulal@LateharDistrict
झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति सामने आई है, जहाँ कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था स्वयं गंभीर सवालों के घेरे में खड़ी दिखाई दे रही है। धनबाद क्षेत्र के एक कुख्यात अपराधी द्वारा कथित रूप से विदेश से जारी वीडियो ने प्रशासनिक तंत्र और माफिया गठजोड़ को लेकर कई गंभीर आरोपों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है। यह मामला केवल एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, क्या राज्य का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है?
वीडियो में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। आरोपों के अनुसार -
• गरीब और कमजोर लोगों को निशाना बनाकर उनकी जमीनों पर कब्ज़ा कराने का प्रयास हो रहा है।
• माइनिंग माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गठजोड़ की आशंका व्यक्त की गई है।
• वर्दी और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल भय और दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
यदि इन आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गहरा संकट है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हों, उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ क्यों सौंपी जा रही हैं? इससे जनता के बीच यह संदेश जाता है कि सत्ता और प्रभाव के आगे न्याय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
एक जिम्मेदार नागरिक और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए हमने संयम बरता है। समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने, इसलिए वीडियो का केवल संपादित अंश ही सार्वजनिक कर रहा हूँ। हेमंत सोरेन जी, सोशल मीडिया पर वायरल ये पूरा वीडियो मैं आपको व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध करा दूंगा ताकि आप ये न कह सकें कि आपको जानकारी ही नहीं थी या फिर आपके मातहत काम करने वाले लोगों ने इसके बारे में आपको जानकारी ही नहीं दी।
हमारी स्पष्ट मांग है कि-
1. संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
2. पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3. माइनिंग माफिया, भूमि कब्ज़ा और प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े सभी आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच हो।
4. दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
झारखंड की जनता यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। लोकतंत्र में सत्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। अब निर्णय सरकार के हाथ में है न्याय और पारदर्शिता का रास्ता चुना जाएगा या फिर आरोपों और अविश्वास के इस माहौल को और गहरा होने दिया जाएगा।
@narendramodi@AmitShah@PMOIndia@HMOIndia@dir_ed@CBIHeadquarters@IncomeTaxIndia@ANI@PTI_News@ians_india@AHindinews@BJP4India@BJP4Jharkhand
भारतीय जनता पार्टी, जिला लातेहार के नव नियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
यह संगठनात्मक विस्तार पार्टी की जमीनी मजबूती, संगठनात्मक अनुशासन तथा जनसेवा के प्रति समर्पण को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आशा है कि आप सभी पूरी निष्ठा, ऊर्जा और समर्पण के साथ संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाएँगे।
रांची लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद श्री रामटहल चौधरी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
QR कोड पर चंदा जुटाने वाले गरीब छात्रों पर तंज कसने से पहले मुख्यमंत्री जी, अपने कारनामों का हिसाब दीजिए।
जिस मुख्यमंत्री पर झारखंड की जमीन, खनन और नियुक्तियों में घोटालों के गंभीर आरोप हों, वही आज कोर्ट-कचहरी के नाम पर चंदा इकट्ठा करने वाले छात्रों को कटघरे में खड़ा कर रहा है यह सत्ता का सबसे घिनौना अहंकार है।
@HemantSorenJMM जी गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र आपके जैसे सत्ता और संसाधनों के वारिस नहीं हैं।
उनके पास न करोड़ों की संपत्ति है, न दिल्ली-रांची के महंगे वकीलों की फौज।
इसीलिए वे QR कोड और चंदे का सहारा ले रहे हैं न्याय के लिए, न कि सत्ता बचाने के लिए।
हजूर ज़रा बताइए, भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जाने से बचने के लिए आपने अब तक कितने करोड़ रुपये वकीलों पर खर्च किए?
रांची से दिल्ली तक कानूनी ढाल खड़ी करने का पैसा आखिर आया कहाँ से?
आप कहते हैं चोर पुलिस से एक कदम आगे रहता है
तो फिर दिल्ली भागते समय चप्पल क्यों छूट गई?
आप कहते हैं तकनीक का दुरुपयोग किया जाता है
तो फिर जांच एजेंसियों के सामने अपने मोबाइल की जांच से आपने इनकार क्यों किया?
और आप नेपाल से पेपर लीक को अफवाह बता रहे है
क्या JSSC-CGL मामले में हाई कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी?
अगर सब कुछ साफ है तो आज भी 10 छात्रों का रिजल्ट क्यों रोका गया है?
अदालत ने जांच जारी रखने का आदेश क्यों दिया हुआ है?
लेकिन जिस अहंकार, सत्ता के नशे और झूठ के सहारे आप राजनीति चला रहे हैं,
उसका अंजाम तय है
कोर्ट, बेल, जांच और जेल के बीच ही आपका राजनीतिक भविष्य सिमट कर रह जाएगा।
झारखंड की जनता सब देख रही है।
युवाओं का अपमान करने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करता।
@yourBabulal
बिना टेंडर, बिना पारदर्शिता!
पीएम पोषण योजना में 2.47 करोड़ की 127 योजनाओं का टेबल टेंडर से बंटवारा—चहेतों को फायदा, नियमों की अनदेखी।
@HemantSorenJMM@yourBabulal@singhkalibjp