#FreedomFromEvils
संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गयी अद्भुत विवाह व्यवस्था से हो रहा है दहेज रूपी राक्षस का खात्मा व मिल गयी है दहेज की बेड़ी से आज़ादी।
Sant Rampal Ji Maharaj
#Dharti_Upar_Swarg
अनावश्यक रीति-रिवाजों तथा नशे के आदि होकर हमने अपना घर नरक बना रखा है। जबकि संत रामपाल जी महाराज व्यर्थ की परंपराओं, रीति रिवाजों, नशे, दहेज जैसी अनेकों बुराइयों को समाप्त कर धरती ऊपर स्वर्ग त���यार कर रहे हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
#Dharti_Upar_Swarg
अनावश्यक रीति-रिवाजों तथा नशे के आदि होकर हमने अपना घर नरक बना रखा है। जबकि संत रामपाल जी महाराज व्यर्थ की परंपराओं, रीति रिवाजों, नशे, दहेज जैसी अनेकों बुराइयों को समाप्त कर धरती ऊपर स्वर्ग तैयार कर रहे हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
#Dharti_Upar_Swarg
अनावश्यक रीति-रिवाजों तथा नशे के आदि होकर हमने अपना घर नरक बना रखा है। जबकि संत रामपाल जी महाराज व्यर्थ की परंपराओं, रीति रिवाजों, नशे, दहेज जैसी अनेकों बुराइयों को समाप्त कर धरती ऊपर स्वर्ग तैयार कर रहे हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
#Dharti_Upar_Swarg
अनावश्यक रीति-रिवाजों तथा नशे के आदि होकर हमने अपना घर नरक बना रखा है। जबकि संत रामपाल जी महाराज व्यर्थ की परंपराओं, रीति रिवाजों, नशे, दहेज जैसी अनेकों बुराइयों को समाप्त कर धरती ऊपर स्वर्ग तैयार कर रहे हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_अंधश्रद्धा_भक्ति
मृत्यु के पश्चात् की गई सर्व क्रियाऐं गति (मोक्ष) कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन ज्ञानहीन गुरूओं ने अन्त में कौवा बनवाकर छोड़ा। वह प्रेत शिला पर प्रेत योनि भोग रहा है। पीछे से गुरू और कौवा मौज से भोजन कर रहा है।
Supreme God Kabir
#श्राद्ध_अंधश्रद्धा_भक्ति
मृत्यु के पश्चात् की गई सर्व क्रियाऐं गति (मोक्ष) कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन ज्���ानहीन गुरूओं ने अन्त में कौवा बनवाकर छोड़ा। वह प्रेत शिला पर प्रेत योनि भोग रहा है। पीछे से गुरू और कौवा मौज से भोजन कर रहा है।
Supreme God Kabir
#श्राद्ध_अंधश्रद्धा_भक्ति
मृत्यु के पश्चात् की गई सर्व क्रियाऐं गति (मोक्ष) कराने के उद्देश्य से की गई थी। उ�� ज्ञानहीन गुरूओं ने अन्त में कौवा बनवाकर छोड़ा। वह प्रेत शिला पर प्रेत योनि भोग रहा है। पीछे से गुरू और कौवा मौज से भोजन कर रहा है।
Supreme God Kabir
#श्राद्ध_अंधश्रद्धा_भक्ति
मृत्यु के पश्चात् की गई सर्व क्रियाऐं गति (मोक्ष) कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन ज्ञानहीन गुरूओं ने अन्त में कौवा बनवाकर छोड़ा। वह प्रेत शिला पर प्रेत योनि भोग रहा है। पीछे से गुरू और कौवा मौज से भोजन कर रहा है।
Supreme God Kabir
#श्राद्ध_अंधश्रद्धा_भक्ति
श्राद्ध क्रिया कर्म मनमाना आचरण है यह शास्त्रों में अविद्या कहा गया है बल्कि गीता अध्याय 16 का 23 और 24 में कहा है कि जो शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करते हैं उनकी ना तो गति होती है न ही उन्हें किसी प्रकार का आध्यात्मिक लाभ प्राप्त ���ोता ह