@Bahari_Bihari उम्मीद पर एकदम खड़े उतरा हैं
ई कोई ऐसा वैसा नेता थोड़े है जो दुख सुख में आपके घर आएगा, बांकीपुर विधायक बना दिया अब अपना बैंक बैलेंस कैसे बढ़े उस पर काम करेगा ।
बांकीपुर को जनता को लेमांचुस देगा और मौज करेगा
@RohiniAcharya2 हाँ, तुम्हे तो घोटाला का अच्छा ज्ञान है तभी तुम्हारा भाई तुमको घर से लात मार कर भगा दिया था
यही लक्षण को वजह से तुमको भगाया गया होगा
चींटी भी काटी न तो कहियह सम्राट जी के चींटी रहल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के काफिले के सामने अचानक एक महिला फरियाद लेकर पहुंच गई। हाथ में कागज लिए महिला को देखकर मुख्यमंत्री ने रुककर उसकी बात सुनी और उसकी समस्या को जाना।
महिला की फरियाद सुनते हुए मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
#BiharNews #BiharVideo #BiharCM #SamratChaudhary #BiharPolitics #CMO
ठाकुर साहब आपको तो तो खैनी ही लगेगा काहे को आपका चश्मा में पावर बहुत है
कुशवाहा जाति से कोई सीएम बना है तो आपको कैसे पचेगा अब आदमी लौंग, इलायची भी खाएगा तो तुम जैसों को खैनी ही लगेगा।
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष *सुनेत्रा पवार* से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को *बेंगलुरु* बोलकर मुंबई न बना दें।
बिहार के राजनीतिक पंडित भी सोच में पड़ गए हैं कि आखिर बिहार का गठबंधन महाराष्ट्र से कैसे होगा।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार के घोटालों के पैसों में अपना हिस्सा लेने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने *आई-पैक (I-PAC)* को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की *पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी* के साथ कई *घोटालों* में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में *आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी* की थी तथा इसके निदेशकों को *गिरफ्तार* भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार *महात्माओं* की धरती है और *बिहारी* अत्यंत सहनशील लोग हैं। *गरीबी* बिहार में हो सकती है, लेकिन *भगवान बुद्ध* और *माँ सीता* की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
*गज़ब का 420 आदमी है, भैया!* दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
*बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये 420 बिहार को ही न बेच आए।*
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को बेंगलुरु बोलकर मुंबई न बना दें।
बिहार के राजनीतिक पंडित भी सोच में पड़ गए हैं कि आखिर बिहार का गठबंधन महाराष्ट्र से कैसे होगा।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार के घोटालों के पैसों में अपना हिस्सा लेने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने आई-पैक (I-PAC) को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कई घोटालों में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी की थी तथा इसके निदेशकों को गिरफ्तार भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार महात्माओं की धरती है और बिहारी अत्यंत सहनशील लोग हैं। गरीबी बिहार में हो सकती है, लेकिन भगवान बुद्ध और माँ सीता की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
गज़ब का 420 आदमी है, भैया! दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये 420 बिहार को ही न बेच आए।
@SantoshLearner@MrigendraSpeaks Pandey Je hamare liye Shree Ram hi Bhagwan hai or unhe kisi board or university ki degree ki jarurat nahi hai or na hai.
App mujhe bus ye bata do jis Bihar CM ko ye PK420 din raat gaali deta hai unke kitne ghotalo me naam hai.
Lekain mai bata deta hu PK ki company IPAC ne 500cr. Se adhik ka ghotala west bangal me kiya or ED ne uske saathiyon ko giraftaar bhi kiya or uske sabhi office me chapamaari bhi hui
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को बेंगलुरु बोलकर मुंबई न बना दें।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार का पैसा लूटने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने आई-पैक (I-PAC) को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कई घोटालों में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी की थी तथा इसके निदेशकों को गिरफ्तार भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार महात्माओं की धरती है और बिहारी अत्यंत सहनशील लोग हैं। गरीबी बिहार में हो सकती है, लेकिन भगवान बुद्ध और माँ सीता की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
गज़ब का 420 आदमी है, भैया! दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये #PK420 बिहार को ही न बेच आए।
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को बेंगलुरु बोलकर मुंबई न बना दें।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार का पैसा लूटने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने आई-पैक (I-PAC) को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कई घोटालों में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी की थी तथा इसके निदेशकों को गिरफ्तार भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार महात्माओं की धरती है और बिहारी अत्यंत सहनशील लोग हैं। गरीबी बिहार में हो सकती है, लेकिन भगवान बुद्ध और माँ सीता की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
गज़ब का 420 आदमी है, भैया! दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये #PK420 बिहार को ही न बेच आए।
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को बेंगलुरु बोलकर मुंबई न बना दें।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार का पैसा लूटने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने आई-पैक (I-PAC) को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कई घोटालों में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी की थी तथा इसके निदेशकों को गिरफ्तार भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार महात्माओं की धरती है और बिहारी अत्यंत सहनशील लोग हैं। गरीबी बिहार में हो सकती है, लेकिन भगवान बुद्ध और माँ सीता की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
गज़ब का 420 आदमी है, भैया! दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये #PK420 बिहार को ही न बेच आए।
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को बेंगलुरु बोलकर मुंबई न बना दें।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार का पैसा लूटने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने आई-पैक (I-PAC) को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कई घोटालों में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी की थी तथा इसके निदेशकों को गिरफ्तार भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार महात्माओं की धरती है और बिहारी अत्यंत सहनशील लोग हैं। गरीबी बिहार में हो सकती है, लेकिन भगवान बुद्ध और माँ सीता की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
गज़ब का 420 आदमी है, भैया! दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये #PK420 बिहार को ही न बेच आए।
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को बेंगलुरु बोलकर मुंबई न बना दें।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार का पैसा लूटने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने आई-पैक (I-PAC) को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कई घोटालों में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी की थी तथा इसके निदेशकों को गिरफ्तार भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार महात्माओं की धरती है और बिहारी अत्यंत सहनशील लोग हैं। गरीबी बिहार में हो सकती है, लेकिन भगवान बुद्ध और माँ सीता की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
गज़ब का 420 आदमी है, भैया! दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये #PK420 बिहार को ही न बेच आए।
420 प्रशांत किशोर बांकीपुर जीतने के बाद एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे हैं।
मीडिया कह रही है कि प्रशांत किशोर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की तैयारी कर रहे हैं।
अब बांकीपुर की जनता सोच रही है कि कहीं प्रशांत किशोर बांकीपुर को बेंगलुरु बोलकर मुंबई न बना दें।
नाम न बताने की शर्त पर विशिष्ट सूत्रों ने बताया है कि चुनाव में सारे पैसे खत्म हो गए हैं। इसलिए पवार परिवार का पैसा लूटने गए हैं। इतना ही नहीं, अपने पुराने घराने आई-पैक (I-PAC) को काम दिलवाकर चुपके से अपना पुराना धंधा भी शुरू कर रहे हैं।
आई-पैक (I-PAC) वही संस्था है, जो बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कई घोटालों में संलिप्त रही है। कुछ ही महीने पहले ईडी (ED) ने कई मामलों में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी की थी तथा इसके निदेशकों को गिरफ्तार भी किया गया था। इन सभी पर देशभर में हुए कई कथित घोटालों में शामिल होने का संदेह है और मामले की जांच जारी है।
बिहार महात्माओं की धरती है और बिहारी अत्यंत सहनशील लोग हैं। गरीबी बिहार में हो सकती है, लेकिन भगवान बुद्ध और माँ सीता की धरती कभी किसी का शोषण करके अपना घर आबाद नहीं करना चाहेगा।
प्रशांत किशोर उसी संस्था के संस्थापक हैं, जो इन कुकृत्यों में शामिल रही है। बिहारी ऐसे लोगों को कभी अपना नेता नहीं मान सकते।
गज़ब का 420 आदमी है, भैया! दुनिया को बताता है कि सब कुछ छोड़कर बिहार की सेवा करेगा, लेकिन लगा पड़ा है अपने बैंक बैलेंस की सेवा करने में।
बिहारी भाइयों, सावधान रहें! कहीं ये #PK420 बिहार को ही न बेच आए।