शुक्रिया. बाबा साहेब आंबेडकर!
एक दलित समाज का लड़का अभिजीत दीपके देश के सबसे आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है.
यह बात सामंती और मनुवादी लोगों को नहीं पच रही है. लेकिन आपके संविधान ने यह मौक़ा सबको दिया है.
इसलिए हमेशा कहता हूँ. मेरिट मौक़ा देने से पैदा होती है.
@abhijeet_dipke
@Shubhamshuklamp सबसे ज्यादा दोगला और देशद्रोही तुम्हारे जैसे लोग ही हैं जो मनगढ़ंत रील बनाकर पोस्ट करते हो देश बर्बाद होगा तो उसका जिम्मेदार तुम्हारे जैसे जिलेदार
This all started with the martyrdom of Rohith Vemula
इस देश के शिक्षण संस्थानों में एक सड़न सी आ गई है, रोहित इसके शिकार हुए। उनकी शहादत ने देश के छात्रों को पहली बार झकझोरा था। देश भर में #RohithAct की मांग आज भी जारी है।
रोहित ने अपनी आखिरी चिट्ठी में लिखा था "मैं हमेशा एक लेखक बनना चाहता था। विज्ञान पर लिखने वाला, कार्ल सगान की तरह। लेकिन अंत में मैं सिर्फ़ ये पत्र लिख पा रहा हूं।.... एक आदमी की क़ीमत उसकी तात्कालिक पहचान और नज़दीकी संभावना तक सीमित कर दी गई है। एक वोट तक।"
लेकिन रोहित की इस आखिरी चिट्ठी ने मेरे जैसे लाखों युवाओं के भीतर ये जज्बा भरा कि हम एक वोट तक सीमित नहीं रहेंगे..! पिछले 12 सालों से पल रहे गुस्से ने एक उबाल का रूप लिया, जिसका एक पड़ाव आज हमने देखा।
मोदी का डर अब इस देश के युवाओं में खत्म हो चुका है। आज का माहौल है: अभी तो ली अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है!
रोहित आज आप बहुत याद आए 🥺
जंतर मंतर पर बच्चों के साथ हुई बर्बरता में सबसे बड़ा हाथ DG CRPF का है क्योंकि इन्होंने ही बच्चों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था।
DG ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
अगर आप मेरी बात से सहमत हैं तो पोस्ट को आगे बढ़ा दो।
#DG_CRPF_Must_Resign