फेसबुक का भी अलग ही सियापा है रील पर अपनी आवाज़ दी अपना पोस्टर बनाया फिर भी monetization सस्पेंड कर दिया पिछले कई सालों की मेहनत पानी में अब जाकर कुछ अर्निंग होना शुरू हुई थी वो भी पेंडिंग इससे पहले भी 2 साल उन्होंने अकाउंट लिमिटेड कर रखा था...
और सबसे बड़ी बात सुनवाई भी नहीं..
आज स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को माननीय राष्ट्रपति आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत किया जाना उनके आजीवन संघर्ष, त्याग, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण को दिया गया सम्मान है। बाबा के संघर्ष की साथी, आदरणीय माँ ने यह सम्मान ग्रहण किया।
यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन संघर्षों, मूल्यों और सपनों का सम्मान है, जिनके लिए विराट वृक्ष रूपी दिशोम गुरुजी जीवनभर अडिग होकर खड़े रहे। मैं स्मृति शेष दिशोम गुरुजी को यह सम्मान प्रदान किए जाने के लिए आदरणीय राष्ट्रपति जी एवं केंद्र सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।
जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और झारखंड के हक-अधिकारों की लड़ाई में दिशोम गुरुजी का नेतृत्व ऐतिहासिक, अद्वितीय और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों, शोषितों, आदिवासियों और मेहनतकश समाज के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया।
जहां एक ओर, दिशोम गुरुजी झारखण्ड अलग राज्य के निर्माण के संघर्ष के साथ-साथ, अखिल भारत के राज्यों के आदिवासी, दलित, शोषित, पीड़ित के संघर्ष के प्रेरणाश्रोत बनें; वहीं दूसरी ओर वे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण, शिक्षा की अलख जगाने और समाज को संगठित करने के कार्य में भी सदैव नेतृत्वकर्ता रहे।
हम मानते हैं कि पुरस्कार/सम्मान का महत्व उस भावना में होता है जिसके साथ वह दिया जाता है। बाबा को किसी ने महाजनी व्यवस्था के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा कहा, किसी ने आदिवासियों और गरीबों के अधिकारों का प्रहरी। लेकिन हमारे लिए वे ऐसे जननायक हैं जिन्होंने सत्ता से अधिक जनता के दिलों में अपनी जगह बनाई।
आज देश ने पद्म भूषण सम्मान से स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरुजी के महान योगदान को नमन किया है, किंतु झारखंड सहित देशभर के करोड़ों लोगों के हृदय में बाबा को जो स्थान प्राप्त है, वह सदैव सर्वोच्च रहा है।
हमारे लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत के रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।
स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!
जय झारखंड!
@rashtrapatibhvn
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने श्री शिबू सोरेन को, मरणोपरांत, लोक कार्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया। ‘दिशोम गुरु’ के नाम से लोकप्रिय श्री सोरेन भारत के प्रमुख आदिवासी जननेता, समाज सुधारक तथा झारखंड आंदोलन के मुख्य शिल्पकारों में से एक थे। उन्होंने आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने ऐतिहासिक ‘धान कटनी आंदोलन’ का नेतृत्व किया, जो महाजनी प्रथा के विरुद्ध आदिवासी भूमि अधिकारों की पुनर्प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण जन-आंदोलन बना। उन्होंने बांधों, खनन एवं औद्योगिक परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए आदिवासी समुदायों को सशक्त स्वर प्रदान किया।