• रोड रेज से बचिए।
• सड़क पर अजनबियों को Civic Sense सिखाने की कोशिश मत कीजिए।
• जहाँ संभव हो, भीड़भाड़ से बचिए।
• सार्वजनिक जगह पर राजनीति की बहस से दूर रहिए।
• गलती हो जाए तो हाथ जोड़कर “सॉरी” बोलिए और आगे बढ़ जाइए।
लोग बेहद बेचैन, चिड़चिड़े और ह��ंसक होते जा रहे हैं।
रील्स, स्मार्टफोन, व्हाट्सऐप स्टेटस, फेसबुक, OTT हर वक्त मिलने वाला मनोरंजन और सस्ता डोपामिन भारतीयों का मानसिक संतुलन बिगाड़ रहा है।
न ढंग के पब्लिक पार्क,
न साफ़ नदियाँ, न झीलें,
न सुकून की कोई जगह।
नतीजा? पूरा भारत फोन में घुसा हुआ है।
यह दिमाग़ और ज़िंदगी की महामारी है...शायद उससे भी ख़तरनाक।