अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद देशभर में टिन्नू यादव सुर्खियों में है।
इनके पिताजी चाय बेचते थे।
टिन्नू ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खास सहयोगी हैं।
मंदिर परिसर का मैनपावर मैनेजमेंट मुख्य रूप से टिन्नू यादव ही संभालते रहे हैं।
चाहे सिक्योरिटी का मैनेजमेंट हो या चढ़ावे को बैंक में डिपॉजिट कराना हो, टिन्नू यादव ही सब कुछ मैनेज करते आए हैं।
ट्रस्ट ने उन्हें आंतरिक वेतनभोगी कार्यकर्ता के रूप में रखा था। हर महीने करीब 22 हजार रुपए से ज्यादा मिलते थे।
उनके मोहल्ले के एक युवक ने बताया- टिन्नू चाचा जब से मंदिर से जुड़े, तब से काफी तरक्की कर ली है।
पूरी खबर कमेंट सेक्शन में....
एक बाप का औलाद है तो आरक्षण बदल ले,, मेरा 10% EWS तुम ले लो और अपना 27% हमें दे दो,, फिर देखते हैं कितना फायदा पाते हो।
मुझे पता है तूं इसके लिए भी नहीं तैयार होगा क्योंकि तूं आरक्षण के भीख पर जीता है।
आपका नाम नितिन गडकरी है।
आप देश के परिवहन मंत्री हैं और आपको एथेनॉल से असीम प्रेम भी है।
20% एथेनॉल से शुरू हुआ “जनहित प्रयोग” अब 100% एथेनॉल तक पहुंच गया है।
जनता पूछ रही है - माइलेज घटेगी तो भरपाई कौन करेगा? इंजन पर असर पड़ेगा तो जिम्मेदारी किसकी होगी? पुराने वाहनों का क्या होगा?
लेकिन खैर , जनता सवाल पूछती रहे , नीति तो वही महान होती है जिसमें नुकसान आम आदमी का और प्रेजेंटेशन मंत्री जी का चमकदार हो।
आपकी सड़कें भी कमाल की हैं।
कागज पर स्पेस टेक्नोलॉजी से बनती हैं, उद्घाटन में वर्ल्ड क्लास दिखती हैं , और बारिश आते ही चार दिन में आत्मनिर्भर होकर हवा हो जाती हैं।
टोल टैक्स पूरा , सड़क अधूरी।
वादा एक्सप्रेसवे का , अनुभव ऑफ-रोडिंग का।
ऊपर से एथेनॉल ऐसा कि गाड़ी भी सोचती होगी मुझे चलाना है या प्रयोगशाला में जमा करना है?
लेकिन कोई बात नहीं।
दुनिया क्या कहती है , उससे मतलब नहीं।
इंसान को खुद की नजर में अच्छा होना चाहिए।
और अगर एथेनॉल , टोल और टूटती सड़कें भी खुश हैं , तो फिर विकास सच में हाईवे पर दौड़ रहा है।
संविधान निर्माता सर बीएन राउ के ऊपर एक बड़ी पुस्तक उनका पारिवारिक सदस्य लिख कर तैयार कर दिया है जल्द आपके बीच होगी, उसमें नकली संविधान निर्माता की धज्जियाँ उड़ गई हैं ।
🔰यूपी में योगी जी के बेलगाम SSI ने खुलेआम ब्राह्मण समाज को दे दिया धमकी
👉SSI ने बोला जब जब मैं ब्राह्मणो को देखता हूं तब तब मेरा खुश खौल उठता है।
👉कितना जहर भर दिया है लोगों के अंदर जातिवाद के नाम पर मोदी जी ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ।
👉ये आतंकवादी SSI खुलेआम जब ये धमकी दे सकता है कि जब जब मैं ब्राह्मणो को देखता हूं मेरा खून खौल उठता है।
🔰अब आप ही बताइए इसने अपने इतने साल के नौकरी में पता नहीं कितने बेकसूर ब्राह्मणो पे जुल्म किया होगा उन्हे बेवजह फंसाया होगा।
👉इसने पता नहीं अब तक SSI रहते हुए कितने ब्राह्मणो का घर उजाड़ दिया होगा।
🔰सरकार को इसपे कठोर से कठोर कार्रवाई करना चाहिए तथा इसके द्वारा फंसाया गए सभी बेकसूर ब्राह्मणो को तत्काल रिहा करना चाहिए।
👉लेकिन हमें पता है सरकार ऐसा करेगी नहीं क्योंकि सरकार के नजर में हम सवर्णो का कोई वैल्यू नहीं है।
UGC रौलबैक- सवर्ण आक्रोश महापंचायत
न्यू दिल्ली - 23 अगस्त दोपहर 1.15 बजे - शाह ऑडिटोरियम के उपलक्ष्य में प्रदेश एवं ज़िला स्तरीय आयोजित जन आक्रोश पंचायत, जन जागरण एवं आमंत्रण यात्रा 🚩
UGC रोलबैक की मांग को लेकर जन आक्रोश के साथ सामाजिक एकता और संगठन की मजबूती का संकल्प।
📍 स्थान: सारंगपुर, मध्यप्रदेश
📅 दिनांक: 14 जून 2026, रविवार 04:15 बजे से
प्रेस वार्ता - 05:15 बजे
इस कार्यक्रम में सभी समाज बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने विचार रखने एवं UGC रोलबैक हेतु अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने हेतु आग्रह है।
✊ एकता • संघर्ष • स्वाभिमान
#UGCRollBack #JanAakroshPanchayat #kashtriyakarnisena #JasmaSena
जितनी जल्दी यह बात समझ में आ जाएगी, उतनी ही जल्दी सवर्ण समाज #जातिगत_आरक्षण, #एससीएसटी_एक्ट व #यूजीसी_एक्ट जैसी भयानक विषाणुओं से मुक्ति पा जाएगा।
पार्टियों गुलामी से मुक्त होकर अपने समाज हित के लिए आगे आए सवर्ण समाज।
उम्मीद करते हैं कि बस दिखावे के लिए जांच नहीं होगी और भगवान के पैसों को चुराने वालों पर सख्त कार्यवाही होगी!
आखिर मंदिर के नाम पर ही वोट भी मिल रहे हैं!!
प्रयागराज जोन का ALP का रिजल्ट देखिए :-
प्रतीक मीणा(ST)- 69 में पास
प्रतीक जाटव(SC)- 69 में पास
प्रतीक यादव(ओबीसी)- 75 पास
प्रतीक शर्मा(GENERA)- 79 में फेल
यहीं इस देश में समानता का अधिकार है
बताइए स्वर्णों के साथ कितना भेदभाव हो रहा है 🙂🙂
E20 के साइड अफेक्ट्स आने लगे है ।
E30 आने के बाद तो मार्केट में हाहाकार मचने वाला है ।
चलते चलते एक मित्र की 4 महीने पहले की बुलेट रुक गई ।
गर्मी में कार से चल रहे थे और एथनॉल के साथ टैंक में पानी कैसे बना पता ही नहीं था ।
भाई आप 180 का ही पेट्रोल दीजिए लेकिन सभी पेट्रोल पंप पर प्योर पेट्रोल का ऑप्शन तो रहने दीजिए ?
@nitin_gadkari सब आपके जितने पैसे वाले नहीं मालिक ? लोगो की नईकार को क्यों बर्बाद करना चाहते है ?
चंदन गुप्ता हत्या केस को लेकर NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी का फैसला
🫵🏻
3 जनवरी, 2025 को, NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी (वी.एस. त्रिपाठी) ने 26 जनवरी, 2018 को कासगंज के अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता की क्रूर हत्या में मुस्लिम समुदाय के 28 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह भयावह हत्या चंदन की तिरंगा यात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी।
आजीवन कारावास की सजा के अलावा, जज त्रिपाठी ने अपने फैसले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है और वह है पैसे के लिए किसी का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए महंगे वकीलों की तैयारी!
आज तक सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी भी जज द्वारा इस मुद्दे पर कभी टिप्पणी नहीं की गई है।
सजा सुनाते हुए, जज त्रिपाठी ने अपराधियों को बचाने में शामिल राष्ट्रीय और विदेशी NGO की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें रोकने के लिए अपने आदेश की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी है।
जज त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा था कि, “इन एनजीओ को कहां और कौन फंडिंग कर रहा है, उनका अंतिम उद्देश्य क्या है, इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है।
ऐसा आरोप है कि जब भी कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो ऐसे एनजीओ तुरंत उसका बचाव करने के लिए बहुत महंगे वकील उपलब्ध कराते हैं।
यह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है।”
कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित 7 एनजीओ/संगठनों के नाम दिए हैं।
1. सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस, मुंबई
2. पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली
3. रिहाई मंच
4. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी, न्यू यॉर्क
5. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल, वॉशिंगटन डीसी
6. साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, लंदन
7. जमीयत उलेमा हिंद
जस्टिस त्रिपाठी का यह आदेश वास्तव में ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार से समान मांग की है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की फीस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उनकी संपत्ति की घोषणा भी सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित करनी चाहिए।
उन्होंने हर साल कितना आयकर चुकाया है, यह भी सार्वजनिक करना चाहिए; वकीलों की फीस केवल चेक/बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही वसूली जानी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष वकीलों से वकील फीस की प्राप्ति के बारे में शपथपत्र मांगने चाहिए कि उनकी फीस किसने चुकाई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी आतंकवादी संगठन को फंडिंग की गई थी या नहीं।
जज त्रिपाठी के इस ऐतिहासिक आदेश का सभी देशभक्त भारतीयों द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाना चाहिए!
रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की मांग करने वाली एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका 2017 से लंबित है।
दो रोहिंग्या, मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर, जो भिखारी जैसे दिखते थे और खराब हालत में रहते थे, उनके लिए छह उच्च स्तर के वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
ये वकील थे - डॉ. राजीव धवन, प्रशांत भूषण, डॉ. अश्विनी कुमार, कॉलिन गोंसाल्विस, फली एस. नरीमन और कपिल सिब्बल।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका का 10 महंगे शीर्ष वकील विरोध कर रहे हैं।
पूजा स्थल कानून को चुनौती देने वाली उपाध्याय की याचिका का 22 शीर्ष वकील विरोध करते हुए देखे गए हैं। इनमें सांसद, विधायक और पूर्व कानून मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हैं।
ऐसे शीर्ष वकीलों के कारण यह याचिका लंबे समय से लंबित है।
सिर्फ अक्टूबर 2024 में, एक अन्य NGO - सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और केंद्र से "रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को" सरकारी स्कूलों में प्रवेश देने की अनुमति मांगी।
जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उनके पास देश में प्रवेश की कानूनी अनुमति नहीं है और वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तब यह NGO सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और SC ने कहा कि रोहिंग्याओं के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
ऐसे कई वकील और NGO हैं, उन सभी के फंड की जांच होनी चाहिए।
ताकि हमारी निरंकुश और असंवेदनशील न्यायपालिका भी जवाबदेह बन सके ।
बाबा रामदेव उर्फ रामकृष्ण यादव अब स्वदेशी IAS बनाएंगे? पतंजलि ग्रुप IAS कोचिंग शुरु कर रहा हैं
पतंजलि IAS की पहली ब्रांच हरिद्वार में खुलेगी, बाबा रामदेव ने इसका हेड टीचर अवध ओझा को बनाया है।