विवाद ये कतई नहीं है कि महिला क्या पहनें... दिक्क��� दोगलेपन से है और हिंदू त्योहारों पर लोगों को उनकी परंपराओं से प्रभावित करने वाले हथकंडों से है।
क्योंकि ऐसा नहीं है कि कृति सेनन ने कोई पहली बार कुछ ऐसा पहना है और विवाद हो गया।
कब क्या पहनना चाहिए इसका एक सलीका होता है। उदाहरण के लिए गुरुद्वारे में जाने से सिर ढंकने की परंपरा है, मंदिर में आप भरे-पूरे कपड़े पहनते हैं। बहुत से मंदिरों में पुरुषों के हॉफपैंट पहनने तक पर रोक है, लेकिन वहां तो कोई कपड़ा पहनने की आजादी का तबला नही बजा रहा है।
इसलिए विक्टिम कार्ड खेलने की जगह लोकतांत्रिक देश में हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात करना बंद करें। हिंदू सहनशील है इसका यह अर्थ नहीं है कि आप बार-बार उसके संयम की परीक्षा लेते रहें।
GIVA ने ये एड हटा दिया है, इस हेतु धन्यवाद।
The curse of reservations has set the country back over time. The purpose of reservation was to eliminate inequality, injustices, and divisions. However, it has further split society and become a tool for vested interests to achieve their political goals at the expense of the country's development. The benefits of reservation are being hoarded by a select few, while the majority for whom they were intended are being denied them. It is high time to reconsider reservations and make them more meaningful, transforming them into a tool that truly upholds the essence of the constitution.
Ab resignation toh ho gaya. Ab baat karle actual REFORMATION ki. Accountability toh hogayee. Ab Badlao laane ki baari. Fair education for each & everyone. Fair reservation only for the needy ones irrespective of caste, creed & religion.
#Endreservation
पत्रकारः आप लगातार धर्मिक फिल्में क्यों कर रहे हैं?
तेजा सज्जाः आप दूसरों से क्यों नहीं पूछते कि वे लगातार रोमांटिक फिल्में क्यों कर रहे हैं?
साऊथ वाले हमेशा सनातन को ��ी बढ़ावा देते हे
बॉलीवुड को इनसे बहुत कुछ सीखना चाहिए
RIP 😢😢 #RanaBalachauria
राणा बलाचोरिया उर्फ़़ कंवर दिग्विजय सिंह की मोहाली पंजाब में लाइव कबडी मैच के दौरान अज्ञात लोंगो ने सेल्फी लेने के बहाने गोलिया मार कर हत्या कर दी 10 दिन पहले ही राणा
जी की शादी हुई थी..
राणा बालाचौरी भभौर के राजपूत परिवार से थें। उनकी देखरेख में. सिखों की सबसे पवित्र रोजाना की प्रार्थना -
चौपाई साहिब - गुरु गोबिंद सिंह ने लिखी थी।
राणा पंजाब के सबसे जाने-माने नए ज़माने के ��ाजपूतों मेंएक थे और राज्य में एक उभरती हई हस्ती थे।