@Asharamjibapu__ सुख और दुःख दोनों जीवन के शिक्षक हैं। जो उन्हें समभाव से स्वीकार कर उनका सदुपयोग करता है, वही अंतर्मन की शांति और स्थायी आनंद का अनुभव करता है।
#AsharamjiBapuQuote
"सुख-दुःख का उपयोग करें, उपभोग नहीं"
ये सुंदर उपाय है, महापुरुषों का अनुभव है, वेद का वचन है, सत-शास्त्र प्रमाण है। सुख आए और हम सुख के भोक्ता न बनें। सुख का उपयोग करें, उपभोग न करें।
दुःख आए, हम दुःख के भोक्ता न बनें। अगर दुःख के भोक्ता नहीं बनते तो हम दुःखी नहीं होंगें। अगर सुख के भोक्ता नहीं बनें, तो हम परम सुखी होंगें। कितना फायदा है!!
#AsharamjiBapuQuote
संत श्री आशारामजी बापू ने Hindu Sanskriti की नींव को मजबूत करने व उसका लाभ मानव मात्र को दिलाने हेतु विश्वगुरु भारत सप्ताह अभियान, तुलसी पूजन दिवस, मातृ पितृ पूजन दिवस, नशा मुक्ति जैसे अभियान चलाए।
#DharmRaksha के लिए संत श्री के तन-मन-धन की तपस्या को भुलाया नहीं जा सकता है।
Sant Shri Asharamji Bapu ने युवाओं में संयम-ब्रह्मचर्य बढ़ाने हेतु युवा धन सुरक्षा अभियान चलाया, संयम आधारित दिव्य प्रेरणा प्रकाश सत्साहित्य देश भर के स्कूल-कॉलेजों व करोड़ों लोगों में बंटवाया। #DharmRaksha हेतु Hindu Sanskriti के मुख्य आधार गौ, गीता, गंगा जी का संरक्षण किया।
Sant Shri Asharamji Bapu has done incredible work in reinstating values & culture of Hindu Sanskriti .
He brought many programs into existence to strengthen our bond with Sanatan Sanskriti:
*Celebration of TPD & MPPD
*Promotion of Ayurveda
*Establishment of Gurukuls
#DharmRaksha
@Asharamjibapu__ परमात्मा की आराधना का प्रत्येक मार्ग कल्याणकारी है। प्रेम, विरह, जप, ध्यान, सेवा या व्रत—यदि भाव सच्चा हो तो साधना सफल होती है। यही संदेश जीवन में शांति, आत्मबल और परम मंगल का मार्ग प्रशस्त करता है। 🙏 #AsharamjiBapuQuotes
विरह से भजो या प्रेमाभक्ति से, जप करके भजो या ध्यान करके, उपवास, नियम-व्रत करके भजो या सेवा करके, अपने परमात्मदेव की आराधना ही सर्व-मंगल, सर्व-कल्याण करनेवाली है।
#AsharamjiBapuQuotes
"सब जग ईश्वर रूप है, भलो बुरो नहीं कोय।
जैसी जाकी भावना, तैसो ही फल होय।।"
तो भावना करने में न परिश्रम है, न कोई योग्यता लानी है और सच्ची भावना करनी है कि सारा जगत ईश्वरमय है, ये हुई भक्त की भावना।
विचार की भावना से सारा जगत दुःख रूप है। जो संसार से मजा लेने जाता है, उसको विचार की भावना की ज़रूरत है कि आख़िर क्या..? दुःख रूप है संसार!
#AsharamjiBapuQuotes
जहाँ Adhyatmik Shivir युवाओं में आत्मबल, चरित्रबल और अनुशासन का विकास करते हैं, वहीं Gurukul शिक्षा बच्चों को आधुनिक ज्ञान के साथ भारतीय संस्कारों से जोड़ती है। संतुलित विकास वही है जो शिक्षा, संस्कृति और मूल्यों—तीनों को साथ लेकर चले। #SaveAshram
ऐसा आश्रम जहां से समाज के उत्थान हेतु Adhyatmik Shivir जैसे अनेक सेवा प्रकल्प चलते हैं। जहां आने से सहज में लोगों को वो सुख-शांति मिलती है जिसे पाने के लिए लोगों के अनेक प्रयास, सरकारों के करोड़ों रुपए विफल हैं ऐसे आश्रम को तोड़कर कौन-से विकसित भारत का सपना पूरा होगा?
#SaveAshram
ध्यान वो रसायन है जिससे कि (आंतरिक) रस और तृप्ति के साथ यात्रा होती है और सारी सृष्टि का जो पालक, पोषक और आनंद का उदगम स्थान है, उस परमात्मा से एकत्व करा देता है ध्यान!
ध्यान के समान कोई तीर्थ नहीं है, ध्यान के समान कोई यज्ञ नहीं है। यज्ञ में वस्तु, स्वधा स्वाहा होती है, ध्यान में अपने ही कुसंस्कार स्वाहा होते हैं। ध्यान से आवश्यक सामर्थ्य की प्राप्ति होती है और अवांछनीय दोषों की निवृत्ति होती है।
#AsharamjiBapuQuotes
Motera Ashram runs many services that play an imp. role in upliftment of society & preservation of Indian culture.
It has also made several measures for Gau Raksha by providing shelter to homeless & physically challenged cows of neighborhood.
We must come forward to #SaveAshram .
न प्रकृति का प्रभाव, न काम का प्रभाव, न क्रोध का प्रभाव और न लोभ का प्रभाव!
न (हमारे) चित्त पर दुःख का प्रभाव पड़े और न सुख का पड़े, क्योंकि हम अविनाशी हैं । सुख-दुःख विनाशी है, हम शाश्वत हैं। काम-क्रोध आगंतुक विकार हैं।
दुःख, शोक, चिंता ये हमारे स्वभाव में नहीं है, ये आने-जाने वाले हैं। तो हम अपने (अविनाशी) स्वभाव को पाएं!
#AsharamjiBapuQuotes