विश्व के महान कुशल संगठक महाकारुणिक तथागत गौतम बुद्ध के 2589 वें बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी मूलनिवासियों को हार्दिक बधाईयां। Bhartiye vidyarthi morcha
#BVM#mulniwasiexpress#भारतीय_विद्यार्थी_मोर्चा#बुद्ध_प्रिय_पासवान
प्रदेश अध्यक्ष
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा
उत्तर प्रदेश
Adv Buddhpriye Paswan
किसान भूषण, बहुजन प्रतिपालक छत्रपति शिवाजी महाराज जी के 399 वें जन्म जयंती के अवसर पर सभी मूलनिवासियों को हार्दिक बधाइयां।
Bamcef Org.I Bharat Mukti Morcha ,Bhartiya Vidyarthi Morcha
#bahujan#महापुरुष#shivajimaharaj#शिवाजी#छत्रपति#महाराज#BVM#MULNIWASI
सपा का सलाहकार अभिषेक मिश्रा, बसपा का सतीश मिश्रा, राजद का मनोज झा, जदयू का केसी त्यागी, सब ब्राह्मण है अब बतावो मूल निवासियों क्या यह सारे ब्राह्मण सलाहकार सभी को एक होने देंगे?
#चलो_दिल्ली#6_october_जंतर_मंतर दिल्ली
क्षत्रिय मूलनिवासी महासंघ क्षत्रिय समाज की इन माँगो के लिए आंदोलन करेगा।
1. क्षात्र धर्म (श्रमन संस्कृति/समता, स्वतंत्रता, न्याय, बंधुता आधारित व्यवस्था) क्षत्रियों का अलग धर्म कोड हो।
2.क्षत्रियों को जनसंख्या के अनुपात मे प्रितिनिधित्व sc, st, obc की तरह क्षत्रियों की अलग कैटेगरी हो जनसंख्या के अनुपात मे न्यायपालिका, विधायका, मीडिया, कार्यपालिका मे पृतिनिधित्व मिले। क्षत्रिय समाज को General कैटेगरी से बाहर किया जाए(सामान्य कैटेगरी क्षत्रिय समाज के साथ धोख़ा)। क्षत्रिय समाज गांव मे रहने वाला कृषक और सैनिक समाज है जबकि समान्य में आने वाला ब्राह्मण, बनिया, कायस्थ आदि शहरों मे रहने वाले highly educate समाज है।
3. फिल्मों के माध्यम से य, धर्म ग्रंथो के माध्यम से क्षत्रिय समाज का अपमान बंद हो, The Kshatriya (Protection of Rights and Prevention of Atrocities) Act बने।
4.Separate electorate
जय क्षात्र धर्म। जय मूलनिवासी।
whatsapp -9413510510
#WamanMeshram
राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा
4था राष्ट्रीय अधिवेशन
दिनांक 28 सितम्बर (रविवार) समय सुबह 10 से शाम 05 बजे तक
स्थान- डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर नागपुर, महाराष्ट्र
उद्घाटकः हजरत सैयद मोहम्मद तालीफ़
(सज्जादा-नशीन हजरत बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह, नागपुर, महाराष्ट्र)
मुख्य अतिथि
आली जनाब एम. डब्ल्यू. अंसारी (रिटायर्ड IPS एवं पूर्व DG मध्य प्रदेश)
आली जनाब चौधरी विकास पटेल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, नई दिल्ली
प्रो. मोहम्मद आसिफ खान (डीन, फैकल्टी ऑफ विजनेत्त साइंस (कॉमर्स) AMU अलीगढ़ उ.प्र.)
आली जनाब रविंद्र सिंह बिदावत (राष्ट्रीय प्रभारी, क्षत्रिय मूलनिवासी महासंघ, नई दिल्ली)
हजरत मौलाना नोमान रजा साहब (संस्थापक नूरे कुरान प्रकाशन रायपुर, छत्तीसगढ़)
प्रस्तावना - इंजी. सैयद मकसूद (राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, नई दिल्ली
मुख्य मार्गदर्शक-जनाब. चाँद मुहम्मद
(राष्ट्रीय प्रभारी, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, नई दिल्ली)
#BVM
लोकशाहीर, साहित्यरत्न, सत्यशोधक अण्णाभाऊ साठे जी के 105 वें जन्म जयंती के अवसर पर सभी मूलनिवासियों को हार्दिक बधाइयां !
#अण्णाभाऊ साठे
#जन्म_जयंती
Mulniwasi Express
लोकशाहीर, साहित्यरत्न, सत्यशोधक अण्णाभाऊ साठे जी के 105 वें जन्म जयंती के अवसर पर सभी मूलनिवासियों को हार्दिक बधाइयां !
#अण्णाभाऊ साठे
#जन्म_जयंती
भगवान बुद्ध और गुरु पूर्णिमा:प्रथम उपदेश (धम्मचक्र प्रवर्तन): बौद्ध परंपरा के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध ने अपने पहले पांच शिष्यों (श्रमण भिक्षुओं) को सारनाथ में धम्मचक्र प्रवर्तन सूत्र के रूप में पहला उपदेश दिया था।
यह उपदेश बुद्ध के बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग की शिक्षा दी। इस घटना को बौद्ध धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसने धम्म (धर्म) के प्रचार की शुरुआत की। इस कारण गुरु पूर्णिमा को बौद्ध धर्म में "धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस" के रूप में भी मनाया जाता है।
गुरु के रूप में बुद्ध: भगवान बुद्ध को एक महान गुरु के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने मानवता को दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाया। संसार ने *भगवान बुद्ध* को जगतगुरु के रूप स्वीकार किया है!
भगवान बुद्ध ही धर्म के मार्गदाता है जिन्होंने संसार को मुक्ति का मार्ग बताया।।
गुरु पूर्णिमा के दिन बौद्ध अनुयायी उनके उपदेशों का स्मरण करते हैं और उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
उपसंन्यास और बौद्ध संघ: गुरु पूर्णिमा के दिन बुद्ध ने अपने प्रथम शिष्यों को दीक्षा दी, जिससे बौद्ध संघ की नींव पड़ी। यह दिन बौद्ध भिक्षुओं के लिए वर्षा ऋतु (वास) की शुरुआत का भी प्रतीक है, जब वे एक स्थान पर रहकर ध्यान और धर्म प्रचार करते हैं।
गुरु पूर्णिमा का महत्व:बौद्ध धर्म में यह दिन बुद्ध के उपदेशों, विशेष रूप से चार आर्य सत्यों—दुख, दुख का कारण, दुख का निवारण और अष्टांगिक मार्ग—के प्रति श्रद्धा और समर्पण का अवसर है।
बौद्ध अनुयायी इस दिन मठों और विहारों में एकत्रित होकर बुद्ध की शिक्षाओं का पाठ करते हैं, ध्यान करते हैं और दान-पुण्य जैसे कार्य करते हैं।
यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को भी दर्शाता है, जहां बुद्ध को सर्वोच्च गुरु के रूप में सम्मान दिया जाता है।
भगवान बुद्ध को नमन🙏🏻🙏🏻
#WamanMeshram
मानवता के गुरु, बहुजन समाज को ब्राह्मणी गुलामी से आजाद करने वाले सभी मूलनिवासी बहुजन महापुरुष एवं महानायिकाओं को सादर नमन, गुरु पूर्णिमा और धम्म चक्क पवत्तन दिवस
के अवसर पर सभी मूलनिवासी बहुजनों को हार्दिक बधाईयाँ.
#गुरुपूर्णिमा
#WamanMeshram
भारतीय बेरोजगार मोर्चा
शिक्षा विरोधी नीति एवं सरकारी बेसिक स्कूलों को मर्जिंग (बन्द) करने के विरोध में,
राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन महारैली
दिनांक:- 18 जुलाई 2025 दिन शुक्रवार समय 11:00 बजे से स्थान- बेसिक शिक्षा निदेशालय (लखनऊ, उ.प्र.)
#WamanMeshram
भारतीय बेरोजगार मोर्चा
शिक्षा विरोधी नीति एवं सरकारी बेसिक स्कूलों को मर्जिंग (बन्द) करने के विरोध में,
राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन महारैली
दिनांक:- 18 जुलाई 2025 दिन शुक्रवार समय 11:00 बजे से स्थान- बेसिक शिक्षा निदेशालय (लखनऊ, उ.प्र.)