@TheLallantop मेरे भाइयों ये बताओ वेस्ट इंडीज के खिलाफ 97 की पारी संजू नहीं खेलता तो भारत बहार होके बढ़िया घंटी बजाती तो बुमराह के ओवर भी नहीं देख पाते मेरे हिसाब से संजू बेस्ट चॉइस है 💗
@thealokputul मैने पहले ही कहा था नियमितीकरण एक महत्वपुर्ण मुद्दा है। सभी जिला मुख्यालयों मे काग्रेस हारी है। जहां संविदा ज्यादा थे सभी जगह , पिछली बार BJP भी संविदा कर्मचारियों को परेशान करने के कारण हारी थी
एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं, “सरकार का अहंकार और अतिआत्मविश्वास उसे ले डूबा.भूपेश बघेल ने पांच साल मुख्यमंत्री रहने के चक्कर में पार्टी को कई टुकड़ों में बांट दिया था. मंत्रियों के पर कतर दिए गए थे. विधायकों के काम नहीं हो पा रहे थे.”
पढें-
https://t.co/eEuhAQNQ0i
▶️छत्तीसगढ़ के निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हमें जो जनादेश मिला है हम उसका सम्मान करते हैं। एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका हमारी रहेगा। भाजपा को जीत की बधाई देता हूं।"
@bhupeshbaghel | @INCChhattisgarh | #ChhattisgarhElections2023 #SarkarOnIBC24 #AssemblyElectionResults2023 #ElectionWithIBC24 #चुनाव_मतलब_IBC24
मुझे विश्वास है की @RahulGandhi जी झूठ नहीं बोलते।
कृपया दोनों चित्र को अवश्य देखे, 2nd नम्बर वाली चित्र 2018 के चुनाव के समय की हैं।
लेकिन छत्तीसगढ़ के 45000 संविदा कर्मचारियों को विश्वास नहीं हैं, क्योंकी छत्तीसगढ़ के जन घोषणा पत्र में #संविदा_कर्मचारियों_के_नियमितीकरण का वादा अभी भी अधूरा हैं।
# संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण का वादा अधूरा।
# 27% संविदा वेतन वृद्धि 37 हजार में मात्र 8 हजार को मिल रहा हैं। 30 हजार अभी भी वंचित।
# सरकार बनने से अब तक हजारों संविदा कर्मचारी की छटनी किया जा रहा हैं, जबकि नौकरी से ना निकलेंगे की गारंटी दी है थी।
राहुल गांधी जी ने छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मचारियों से जो वादा किया था, वो अभी तक अधूरा हैं।। @bhupeshbaghel@INCChhattisgarh@priyankagandhi@kharge