एक ही नारा, एक ही जंग
पेपर लीक अब हो बंद
ये लड़ाई सिर्फ पेपर लीक के खिलाफ नहीं, बल्कि BJP की उस व्यवस्था के खिलाफ है, जो मेहनत पर भ्रष्टाचार को हावी करना चाहती है।
📍#छात्रों_की_गूंज विरोध मार्च, जयपुर
लोकतंत्र को बंधक बनाया जा रहा है, कोर्ट के आदेश ठुकराए जा रहे हैं, और जनता को अनसुना किया जा रहा है।
कभी वन स्टेट-वन इलेक्शन, कभी परिसीमन, कभी भीषण गर्मी, कभी बारिश, कभी शिक्षकों कमी, कभी ओबीसी सर्वे की रिपोर्ट..।
आखिर कब तक पंचायत और निकाय चुनाव से भागेगी भाजपा?
सरकारी कलम भी इशारा कर रही है...
नाम नहीं, अब शासन बदलने का वक्त आ रहा है
ट्रांसफर पटवारी जी का होना था, मंत्री जी ने माननीय विधायक जी का ही ट्रांसफर कर दिया। और तो और, देवलोकगमन का भी ट्रांसफर नहीं छोड़ा।
मुख्यमंत्री जी, वैसे अब जनता भाजपा का राजस्थान से ट्रांसफर करने के लिए तैयार बैठी है। चाहे आ जाओ कल ही पंचायती राज मैदान में l
@RajCMO@BhajanlalBjp@INCRajasthan
आज पीसीसी में प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव ललित तूनवाल जी के जन्मदिन पर केक काटकर उनका मुंह मीठा करवाया एवं उन्हें हार्दिक बधाई और मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं दी।
@LalitTunwal
भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े विज्ञापनों और प्रचार के साथ 12 जून से 15 जुलाई तक शहरी सेवा शिविर-2026 शुरु किए।
लेकिन बिना तैयारी और कमजोर पैरवी के कारण ये शिविर सरकार की नाकामी बनकर रह गए। इन शिविरों को जन राहत का माध्यम बताया गया, लेकिन सरकार की प्रशासनिक विफलता की वजह से हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसके महत्वपूर्ण प्रावधानों पर अब रोक लगा दी गई है।
यानी शिविरों में पट्टे, कॉलोनी नियमन और भूमि संबंधी राहत वाले प्रावधानों पर रोक लग गई है।
विभाग द्वारा जारी आदेश के बिंदु-3 कब्जा भूमि नियमन (राजकीय भूमि पर बसी कॉलोनियों का नियमन)
बिंदु-5 डिनोटिफाइड कच्ची बस्तियों के नियमन के प्रावधान
बिंदु-6 कच्ची बस्ती नियमन की दरें
बिंदु-14 कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के 90A के तहत ले-आउट प्लान अनुमोदन में शिथिलता
बिंदु-16 खांचा भूमि का निकायों को अधिकार एवं आवंटन
बिंदु-20 अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर पट्टे जारी करने में शिथिलता वाले प्रावधानों पर अब सरकार कोई कार्यवाही नहीं कर सकेगी।
भाजपा सरकार बताए.. जब पट्टों और नियमन से जुड़े सबसे अहम प्रावधानों पर ही रोक लग गई, तो ये शहरी सेवा शिविर आखिर किस काम के हैं?
सच्चाई ये है कि इन शिविरों के नाम पर राहत का भ्रम फैलाकर जनता को केवल भटकाया जा रहा है। सरकारी धन की बर्बादी से भाजपा सरकार सिर्फ झूठे प्रचार में लगी है।
Celebrated the birthday of State President of CA Cell , CA Nitin Vyas Ji.
Wishing you good health, happiness, and continued success. Your guidance, leadership, and constant encouragement inspire us all. Grateful for your support. Wishing you a very
Happy Birthday 🎉🎂
#congress #CACell
आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, जयपुर में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के यशस्वी एवं ऊर्जावान प्रदेशाध्यक्ष आदरणीय श्री गोविंद सिंह डोटासरा जी से शिष्टाचार भेंट करने का अवसर प्राप्त हुआ।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव ललित तूनवाल जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, चिरायु एवं सुखी जीवन की कामना करते हैं।
@LalitTunwal
राजस्थान के सरकारी स्कूलों से पिछले 2 साल में 8.4 लाख विद्यार्थियों का नामांकन घटना भाजपा सरकार का सबसे बड़ा फेलियर और बहुत बड़ा स्कैम है।
ये इस बात का सबूत है कि पिछले 2 साल में भाजपा सरकार की गलत नीतियों और अक्षम व अयोग्य शिक्षा मंत्री ने प्रदेश की मज़बूत शिक्षा व्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी।
माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 7.5% तक पहुंच चुकी है। ये केवल आंकड़े नहीं, बल्कि 2 साल में हाशिए पर धकेली गई शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई है। जहां पिछली कांग्रेस सरकार में सरकारी स्कूलों के नाकामांन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई। 2019-20 में 3.62 लाख, 2020-21 में 4.16 लाख और 2021-22 में 9.37 लाख नामांकन बढ़ा। वहीं भाजपा सरकार में नामांकन लगातार गिरना चिंता का विषय है।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि प्रदेश के लाखों परिवारों का सरकारी शिक्षा व्यवस्था से अचानक भरोसा टूट गया?
- क्योंकि शिक्षा मंत्री की नाकामी से प्रदेश के 7,200 स्कूल ऐसे हैं जहां पूरा स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है।
- शिक्षा मंत्री की मेहरबानी से 140 स्कूलों में 189 स्कूलों में शिक्षक लगे हैं, लेकिन एक भी विद्यार्थी नहीं है।
- डिजिटल इंडिया के बड़े-बड़े दावों के बीच राजस्थान के हर 10 में से 1 सरकारी स्कूल में आज भी बिजली नहीं है।
ये बताता है कि भाजपा सरकार के पास न कोई स्पष्ट शिक्षा नीति है, न नेतृत्व और न ही संसाधनों के सही प्रबंधन की क्षमता।
लेकिन सरकारी स्कूलों से ये बच्चे यूं ही गायब नहीं हुए हैं, इन्हें RSS और विद्या भारती के आदर्श विद्या मंदिरों तक पहुंचाया गया है।
ढाई साल से शिक्षा मंत्री द्वारा राजस्थान में शिक्षा का राजनीतिककरण करना, RSS के एजेंडे थोपना है, गुणवत्ता को लगातार घटाना, शिक्षकों की भर्तियां नहीं करना, स्कूलें बंद करना, अंग्रेजी स्कूलों पर अनिर्णय की स्थिति बनाना, जर्जर भवनों की मरम्मत नहीं कराना, इन्फ्रास्ट्रक्चर को कमजोर, राजनीतिक द्वेषता से स्थानांतरण करना और ट्रांसफर-पोस्टिंग का व्यापार करने जैसी अनेक उपलब्धियां हैं। जिन्होंने सरकारी शिक्षा को राजनीतिक एजेंडे का शिकार बनाकर गर्त में धकेल दिया।
क्या हुआ तेरा वादा ? झूठा निकला इरादा..
LDC परीक्षा में प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर गया और करीब 10 मिनट तक CCTV फुटेज भी गायब रही। ऐसे में भाजपा सरकार इसे सिर्फ “नकल” का मामला बताकर कैसे सीमित कर सकती है?
सरकार बताए कि उन 10 मिनट में प्रश्नपत्र कहां-कहां पहुंचा, किस-किस तक भेजा गया और कितने लोगों ने उसे देखा? जब परीक्षा केंद्र अधीक्षक ही इसमें शामिल था, तो पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही?
यह सिर्फ एक अभ्यर्थी की नकल का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की मेहनत और विश्वास से जुड़ा गंभीर पेपर लीक का मामला है।
राजस्थान का युवा जवाब मांग रहा है। सरकार लीपापोती छोड़कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाए।
#LDCPaperLeak
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
उनका जीवन समाज सेवा, नेतृत्व और सशक्त विचारों की मिसाल रहा है। देश और प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र में उनका योगदान स्मृति पटल पर हमेशा अंकित रहेगा। उनके आदर्श और कार्य हम सभी को जनसेवा की दिशा में हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।