15 बच्चों की मौत के बाद भी अगर हम नहीं जागे, तो अगला हादसा केवल समय की बात होगी।
हम मांग करते हैं कि सभी Commercial Buildings का Phase-wise Fire Audit कराया जाए और Fire Safety के नाम पर होने वाली लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सख्त रोक लगे।
जिंदगी किसी NOC से बड़ी है।
@CMOfficeUP
15 बच्चों की मौत के बाद भी अगर हम नहीं जागे, तो अगला हादसा केवल समय की बात होगी।
हम मांग करते हैं कि सभी Commercial Buildings का Phase-wise Fire Audit कराया जाए और Fire Safety के नाम पर होने वाली लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सख्त रोक लगे।
जिंदगी किसी NOC से बड़ी है।
@CMOfficeUP
🏗️ "विकास की 'अधूरी' दास्तां..🗑️"
नेहरू इंक्लेव का यह अधूरा पड़ा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स लगभग पिछले 25 वर्षों से अपनी छत का कर ही रहा है..इंतज़ार!
लखनऊ विकास प्राधिकरण के 'विश्वकर्माओं' ने करोड़ों रुपए तो इस पर न्योछावर कर दिए..पर छत डालना शायद भूल गए..🤔
अब हालत यह है कि यह आलीशान खंडहर 'कूड़ा घर' बनकर बीमारियों का ज्वालामुखी बना..अपनी किस्मत पर रश्क ही कर रहा।
इंतज़ार है किसी रसूखदार 'कृपालु' का..जो इसे ओने-पौने दाम में समेट ले।
सरकारी खजाने का ऐसा 'दोहन' कि पत्थर भी बोल उठें-- 'साहब, हमें बना रहे थे या बस बजट खपा रहे थे?' 🙄
प्रशासनिक और शिल्पकारों की उदारता (उदासीनता) ऐसी कि..#LDA से #LMC को हैंडओवर की प्रक्रिया को जवाबदेही से बचने का रास्ता ही बना डाला..😀
निर्माणकर्ता LDA के 'शिल्पकारों' की यह अनदेखी दर्शाती है कि शहर की कीमती जमीनों का रखरखाव तो शायद इनकी प्राथमिकता में ही नहीं है..😊..@LkoDevAuthority
संज्ञानार्थ..@rajnathsingh@CMOfficeUP@opsrivastavabjp@LucknowDivision@AdminLKO@LMC_Lucknow
#Corruption
#UrbanPlanning #WasteManagement
'सरकारी पल्ला झाड़' योजना की जीती-जागती मिसाल..नेहरू इंक्लेव।
लखनऊ के नेहरू एन्क्लेव में बना व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स आज विकास की नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता की गाथा सुना रहा है।
विडंबना ऐसी कि जहाँ जनता की गाढ़ी कमाई से बनी इमारतें अधिकारियों के लिए केवल 'बजट और निरीक्षण' का इवेंट बनकर रह गई हैं..क्योंकि पहले भारी भरकम खर्च कर कॉम्प्लेक्स खड़ा करो..फिर उसे जर्जर होने के लिए छोड़ दो।
जब वह स्थल 'कूड़ा घर' बन जाए..तब अफसरों और जनप्रतिनिधियों का 'लाव लश्कर' सुर्खी बटोरने पहुँचता है।
फिर शुरू होता है रिनोवेशन के नाम पर फिर से सरकारी धन का आवंटन और अखबारों में 'कायाकल्प' के बड़े-बड़े दावे..और अंत में..बिना किसी ठोस योजना के प्रोजेक्ट को दूसरे विभाग के पाले (हैंडओवर कर) में डाल कर.. खुद को दोषमुक्त घोषित कर लो..क्यों 😊..@LkoDevAuthority
नेहरू एन्क्लेव की स्थिति इस 'सिस्टम' का सटीक उदाहरण है..जहाँ पूर्व नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने व्यक्तिगत रुचि लेकर सफाई करवाई थी..वहीं वर्तमान प्रशासन/प्रशासक की 'कनेक्टिविटी' रही है शून्य..@LMC_Lucknow
नतीजा यह है कि जिस कॉम्प्लेक्स को व्यापार का केंद्र होना चाहिए था..वह आज "बीमारियों की नर्सरी" बन चुका है।
अधिकारी शायद एसी दफ्तरों की ठंडी हवा में इतने मशगूल हैं कि.. उन्हें कॉलोनीवासियों की सांसों में घुलती कूड़े की सड़ांध महसूस ही नहीं होती।
आखिर बीमारियां जनता को मिल रही हैं..जिम्मेदारों को तो सिर्फ 'निरीक्षण के भत्ते' और 'अगले बजट की चिंता' ही सताती है।
यह मात्र एक सरकारी व्यावसायिक भवन की दुर्दशा नहीं..बल्कि जवाबदेही से भागते उस सिस्टम का चेहरा है...जिसे जनता की परेशानी से ज्यादा फाइलों को एक टेबल से दूसरे टेबल पर सरकाने में ही आनंद मिलता है।
@CMOfficeUP@aksharmaBharat@SureshKKhanna@Sushma_Kharkwal@LucknowDivision@AdminLKO@uppcbofficial@NGTribunal
शिलान्यास हुआ..काम भी शुरू हुआ..फिर अचानक रुक गया!..क्यों..🤔..@LkoDevAuthority
वैसे विभागीय जिम्मेदार बता भी नहीं रहे कि.. उक्त बाउंड्री वॉल का निर्माण किस 'प्रभावशाली' व्यक्ति के दबाव में रोका गया..@LucknowDivision@AdminLKO
अवगत हों कि लखनऊ में विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण जनता परेशान है..रक्षा मंत्री जी के ही आदेशानुसार..LDA द्वारा 2 वर्ष पूर्व शुरू किया गया था ये निर्माण कार्य..जोकि आज तक अधूरा ही पड़ा है।
क्या अफसरों की कोई जवाबदेही नहीं ?
कृपया जनहित में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और कार्य पूर्ण किया जाना ही हितकारी होगा श्रीमान.. @rajnathsingh@myogiadityanath@CMOfficeUP@ChiefSecyUP
मुख्यमंत्री जी..क्या यही है शिकायतकर्ता की गोपनीयता? 🤔.. @CMOfficeUP
दावा तो किया जाता है कि.. अतिक्रमण की शिकायत करने वालों का नाम गुप्त रखा जाता है..लेकिन #LDA के अफसरों व अभियंताओं का कारनामा देखिए!
कॉलोनी में अवैध कब्जों और पार्कों पर अतिक्रमण की शिकायत की गई थी।
किंतु..अफसर व अधिशासी अभियंता मनीष कुलश्रेष्ठ की कथित 'गैरजिम्मेदाराना' कार्यशैली के कारण दबंग कब्जेधारियों के ब्लॉकों और पार्कों की दीवारों पर...शिकायतकर्ता का नाम लिखा नोटिस चस्पा कर दिया गया..🙄
जबकि शिकायत कर्ता की मंशा केवल ..अवैध रूप से निवासित कब्जे धारियों को वहां से हटा कर..उक्त खाली फ्लैट किसी अन्य जरूरतमंद को आवंटित कर सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोत्तरी की थी..साथ ही..कॉलोनी में सड़क, फुटपाथ और पार्क में हो रहे अवैध कब्जों की शिकायत की गई थी !
क्या यह शिकायतकर्ता की जान-माल को खतरे में डालने वाली साजिश है या विभागीय जिम्मेदार अफसरों व अभियंताओं का नाकारापन ? ..
क्या ऐसे गैरजिम्मेदाराना कार्यशैली वाले @LkoDevAuthority के इन अधिकारियों पर कोई प्रभावी कार्यवाही भी होगी? या फिर..शिकायतकर्ता अथवा उसके परिवार को भुगतना ही पड़ेगा..श्रीमान..@myogiadityanath@ChiefSecyUP@LucknowDivision@AdminLKO
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ में जस्टिस साधना रानी ठाकुर जी मा. अध्यक्ष, श्री के. रवीन्द्र नायक जी, उपाध्यक्ष (प्रशा.), श्री आनन्द कुमार सिंह जी, सदस्य, डॉ. अनिल कुमार जी, सदस्य, श्री सुखलाल भारती जी, सदस्य एवं डॉ. अनिल कुमार सिंह जी, सदस्य (प्रशा.), राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने शिष्टाचार भेंट की।
जब तक अधूरे कामों के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक परियोजनाओं के लटकने और जनता की परेशानी का यह सिलसिला जारी रहेगा। उम्मीद है @rajnathsingh जी, @myogiadityanath जी और @LkoDevAuthority इस मामले का संज्ञान लेंगे और बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य पूरा कराएंगे।
आखिर..अधूरे कार्यों को पूर्ण किए जाने हेतु..जिम्मेदार विभागीय अफसरों की जवाबदेही तय नहीं होती ?.. और..आम जनता/नागरिकों/ को ही दर-दर जाकर लगानी पड़ती है..गुहार..ऐसा क्यों🤔.. श्रीमान..@rajnathsingh
विगत दो वर्ष पूर्व जब जिम्मेदार विभाग @LkoDevAuthority ने शिलान्यास कर शुरू किया..बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य..फिर ऐसा क्या हुआ.. या..किस प्रभावशाली के दबाव में रोका गया..निर्माण कार्य..🤔..क्यों जनहित कार्यों को ही अपूर्ण रखा जाता है ?
@myogiadityanath@CMOfficeUP@LucknowDivision@AdminLKO