गुजरात राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ में बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके संरक्षण के लिए किये जा रहे नवाचारों की सराहना सभी राज्यों द्वारा की गई।
https://t.co/RLo6zN2DIS
बाल श्रम कानून के अनुसार किसी भी काम के लिए 14 साल से कम उम्र के बच्चे को नियुक्त करने वाले व्यक्ति को दो साल तक की कैद की सजा तथा उस पर 50,000 रुपये का अधिकतम जुर्माने का प्रावधान है।
राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे एवं सदस्य दिलीप कौशिक द्वारा ग्राम बिरगांव में आयोजित बाल चौपाल कार्यक्रम के दौरान बच्चों को उनके अधिकार, बाल विवाह, गुड टच और बेड टच की जानकारी दी गई।
. @CG_SCPCR की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे ने आयोग परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण देना हमारी जिम्मेदारी है। बच्चों को छोटी उम्र से ही सफाई के प्रति जागरूक करना चाहिए तभी वे जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए आवश्यक है कि वे ऐडमिशन के लिए अपनी कुल उपलब्ध सीटों का 25 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए रिजर्व रखें।