पंचकूला के खैर जंगल में रातोंरात हजारों पेड़ों की कटाई, सबूत मिटाने को तनों तक जला दिए गए। सच उजागर करने वाले पुलिसकर्मी सस्पेंड और सरकार मौन। क्या यही पर्यावरण नीति है? जवाब दें राव नरवीर सिंह—जंगल बचेंगे या भ्रष्टाचार?
@RaoNarbir
15 लाख करोड़ का घोटाला करने वाला।
LIC से निवेश पाने वाला।
सरकारी बैंक से सैकड़ों करोड़ का कर्ज़ लेने वाला।
लेकिन साहब का उससे कोई संबंध नहीं।
जैसे बारिश का बादलों से कोई संबंध नहीं होता।
#RajeshExports
पहले कहवे था के जनता के मुद्दे उठाण नै रोक्या जा सै, इसीलिए पार्टी बदल ली। अब CBSE, NEET, पेपर लीक, बेरोजगारी, किसान—सब सड़कां पे सै, पर भाई साहब की नींद ना टूटरी। लागै सै सत्ता की रजाई घणी गरम सै।
@raghav_chadha
गाम में पाणी खातर लोग तरस रे सैं, अर गर्मी रोज नए रिकॉर्ड तोड़ री सै। सरकार के बड़े-बड़े दावे कागजां तै बाहर ना निकलते। जद पीण का पाणी भी ना दे सकें, तै फेर जनता किस बात की आस राखे?
दुख की बात तै यो सै अक तमाम विपक्ष भी इस मुद्दे पे चुप्पी साधे बैठा सै।
कोचिंग को शिक्षा व्यवस्था की बीमारी बताने वाले टीवी एंकर कभी सरकारी स्कूलों की बदहाली, बंद होते स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों की लूट जैसी फीस और लगातार पेपर लीक पर प्राइम टाइम क्यों नहीं करते?
असली सवाल पूछोगे तो मालिक नाराज़ होंगे, इसलिए हर बार मुद्दा बदल दो और जनता को भटकाए रखो।
फरीदाबाद से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल का वीडियो चर्चा में है। विकास के दावों के बीच उन्होंने खुद माना कि 2009 में कांग्रेस शासन में बनी सड़कें आज भी मजबूत हैं, जबकि 4 महीने पहले बनी सड़कें गड्ढों में बदल गईं। सवाल निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर खड़े हो रहे हैं।
13 नई चेयरमैन नियुक्तियों में 3 पद एक ही जाति के लोगों को दिए गए हैं। जब किसी एक समुदाय की हिस्सेदारी उसकी आबादी के अनुपात से कहीं अधिक दिखाई दे, तो यह चर्चा होना लाजिमी है कि क्या सरकार सामाजिक संतुलन बना रही है या जातीय राजनीति को बढ़ावा दे रही है?
विनेश फोगाट चाहती तो विधायक बनके आराम तै घर बैठ जाती, परिवार और अपने नवजात बच्चे के संग समय बिताती। पर उसने आसान रस्ता छोड़ सिस्टम तै लड़ण और खुद नै फेर साबित करण का रास्ता चुना। ऐसा जज्बा हर किसी में ना होया करे, पर ऐसे लोग ही बदलाव की लड़ाई लड़ते हैं।
कैसी है आप?
“सर लड़ रहे है”
इस लड़ाई के लिए आपको शुभकामनाएँ विनेश @Phogat_Vinesh!
न्याय के लिए हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से लड़ाई जीतने के बाद भी WFI वेट केटेगरी में उलझाने की कोशिश की, उससे भी लड़ कर अब ट्रायल। मैट से पहले की लड़ाई के बाद अब मैट पर लड़ाई के लिए तैयारी।
ये कारें ,ये बाइक्स, काम धाम छोड़ 41 डिग्री गर्मी में लाईन में लगे ये अनेकों लोग, कोई मूवी देखने नहीं आए हैं गैस सिलेंडर भरवाने के लिए सुबह से लाईन में खड़े हैं...