मैं मोदी को राजनीति नहीं सिखा रहा, क्योंकि मैं एक पत्रकार हूँ। मोदी को राजनीति परिस्थितियाँ सिखा रही हैं, वह भी सीधे चेहरे पर तमाचा मार कर और थूक को चटवा कर।
मेरे शब्द कठोर नहीं हैं, सत्ता की चर्बी संघ और भाजपा के हर नेता और चाटुकार समर्थकों की आँखों पर चढ़ी हुई है। उसका निराकरण इस तरह के लुच्चों द्वारा झुकवा कर होते देखना प्रसन्न भी करता है कि तुम यही डिज़र्व करते हो, और दुखी भी कि क्या इस देश में नल्ले, अनपढ़ लोग शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र लिवा लेंगे!
IT सेलिए बहुत अच्छे चुटकुले लिख रहे हैं। एक को देख कर लगा कि वही चुटिया सलाहकार होगा जो ऐसे निर्णय लिवाता है। एक को तो IB, CBI, CID और CIA घर में रिपोर्ट करती है।
मुझे यह समझ में नहीं आ रहा कि यदि प्रधान से त्यागपत्र लेना ही था, तो मोदी को रील वाली बकलोली क्यों करवायी?
कब तक इसके पीछे छुपोगे कि 'देशहित में लिया निर्णय'? देशहित के निर्णय पुलिस का मनोबल तोड़ कर नहीं लिया जाता। देशहित के निर्णय में लाल क़िले पर खालिस्तानी झंडा नहीं होता। देशहित में सत्ता का ईगो आड़े नहीं आता। सत्ताधीश के ईगो और राजनीति से प्रेरित अनुपस्थित कार्रवाइयों ने इस राष्ट्र की बहुत क्षति कर दी है।
GENERAL CATEGORY SHOULD PROTEST AGAINST RESERVATION
GENERAL CATEGORY SHOULD PROTEST AGAINST RESERVATION
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देर आए दुरुस्त आए…!!
त्याग पत्र तो आपसे तभी ले लेना चाहिए था जब आपने “सामान्य वर्ग के दमन का डेथ वारंट” साइन किया था #UGC जैसा काला कानून लाकर,
ब्राह्मणों का श्राप लगा था आपको, ये तो होना ही था,
आप जैसे जातिवादी नेताओ की वजह से मोदी जी को धर्म संकट की परिस्थिति का सामना करना पड़ता रहा है,
आज हमारे महादेव और माँ भवानी ने सामान्य वर्ग के प्रत्येक छात्र और इनके परिवार के साथ न्याय किया है,
हर हर महादेव 🚩
Here is a case study on how to get anything done in this country today:
> Start a movement funded by political party
> Hire lakhs of Instagram influencers
> Start a narrative
> Hold a protest at Jantar Mantar
> Distribute free food to pull a crowd
> Hire goons to trigger riots
> Hijack social media with police clash reels
> Hire even more influencers for sympathy
> Get more people on the ground
The government will surrender !
महाराष्ट्र में एक हिंदू लड़के ने अपना status रखा-
"जाति आधारित आरक्षण बंद करो"
फिर उसको भीम सैनिकों ने खूब मारा और अम्बेडकर की फ़ोटो के सामने माफी मंगवाई!
अब कोई बताए-
ये लोग शोषित हैं?
आरक्षण के खिलाफ लिखने पर ये अब लोगों को पीटेंगे?
इनमें और STSJ वालों में क्या फर्क है?
आप फूलन देवी पर कुछ फैक्ट जानिए और आप चाहे तो जालौन जिले में फूलन देवी के गांव जाकर इस फैक्ट को पता कर सकते हैं कि फूलन देवी पर जुल्म किसने की है
इसके सगे चाचा ने इसकी जमीन पर कब्जा कर लिया था..10 साल की उम्र में इसने अपनी मां से पूछा की मां हमारे चाचा के पास हमसे ज्यादा जमीन क्यों है तब इसकी मां ने बताया कि उन्होंने हमारी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है क्योंकि उनके लड़के हमसे ताकतवर हैं
तब ये 9 साल की उम्र में अपने चाचा का सर फोड़ दी थी क्योंकि यह एक बच्ची थी इसलिए कोई पुलिस केस नहीं हुआ था
10 साल की उम्र में फूलन देवी के बाप ने इसे एक 45 साल के बूढ़े को ₹3000 में बेच दिया था इसका बूढ़ा पति भी इसी के जाति का था और इसके ऊपर बहुत अत्याचार करता था
एक दिन फूलन देवी पति के अत्याचार से तंग आकर अपने मायके आ गई.. कुछ दिन के बाद इसके भाइयों ने इसे जबरदस्ती इसके पति के घर भेज दिया वहां जाकर पता चला कि उसके पति ने कोई और महिला से शादी कर ली है फिर इसके पति और इसके पति की दूसरी पत्नी ने इसे घर से भगा दिया फिर यह वापस अपने गांव आ गई
मायके में सगे भाइयों से इसका काफी झगड़ा हुआ तब उसके सगे भाइयों ने इसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट करवा दिया जिससे यह थाने में बंद हो गई तब गांव के ठाकुरों ने ही यह सोचकर इसका जमानत करवाया कि गांव की लड़की जेल में बंद हो तो यह गांव के लिए शर्मनाक बात है
एक दिन इसकी गांव में विक्रम मल्लाह नामक एक डकैत में धावा बोला और उसने फूलन देवी के साथ बलात्कार किया और विक्रम मल्लाह 4 दिन तक गांव में रुका छुपा रहा और जाते हुए वह फूलन देवी को भी अपने साथ बीहड़ में लेकर चला गया
विक्रम मल्लाह डकैतों की गैंग का सरदार नहीं था बल्कि सरदार बाबू गुर्जर था। एक दिन बाबू गुर्जर ने फूलन देवी का बलात्कार किया जिससे गुस्से में विक्रम मल्लाह ने बाबू गुर्जर की हत्या कर दी और पूरी गैंग की कमान अपने हाथ में ले लिया फूलन देवी विक्रम मल्लाह की रखैल बन गई उसके बाद फूलन देवी विक्रम मल्लाह के साथ अपने पति के गांव गई और अपने पति को और अपने पति के दूसरी पत्नी को मरणासन्न हालत तक पीटा और बीच-बचाव करने आए दो लोगों को गोली मार दी
डकैतों के एक दूसरे गैंग का मुखिया दादा ठाकुर जो मीणा/मैना था वह बाबू गुर्जर की हत्या से विक्रम मल्लाह से नाराज और दादा ठाकुर ने विक्रम मल्लाह की हत्या कर दी
विक्रम मल्लाह की हत्या से नाराज होकर फूलन देवी ने मीणा जाति के गैंग के सदस्य ठाकुर लालाराम मीणा को मार दिया
इससे दादा ठाकुर ने एक गांव में घुसकर मल्लाह जाति के 25 लोगों को मार दिया
फूलन देवी को शक था गांव के छत्रिय यानी ठाकुर समाज के लोग दादा ठाकुर मीणा के प्रति सहानुभूति रखते हैं और उसे संरक्षण देते हैं तब उसने बेहमई गांव में 22 ठाकुरों को गोलियों से भून डाला और एक 6 महीने की बच्ची को उठाकर आसमान में फेंक दिया जिससे वह बच्ची जमीन पर गिरी और उसकी गर्दन की हड्डी और रीढ़ की हड्डी टूट गई वह बच्ची आज भी जिंदा है लेकिन न चल सकती है ना बैठ सकती है वह बच्ची आज एक जिंदा लाश बन कर एक युवती बन चुकी है
यह सारे फैक्ट है
लेकिन मीडिया ने फूलन देवी को यह कहकर हीरोइन बना दिया कि उच्च जातियों के अत्याचारों से तंग आकर फूलन देवी ने बदला लिया
अब आप खुद विचार करिए कि फूलन देवी पर अत्याचार करने वाले कौन लोग थे
क्या फूलन देवी का पिता दोषी नहीं है जिसने फूलन देवी को 45 साल के बूढ़े को बेच दिया?
क्या फूलन देवी का चाचा दोषी नहीं है जिसने फूलन देवी के जमीन पर कब्जा किया?
क्या फूलन देवी के सगे भाई दोषी नहीं है जो उसे बार-बार उसके अत्याचारी पति के पास छोड़ आते थे?
क्या फूलन देवी का पति दोषी नहीं है जो उसके ऊपर अत्याचार करता था ?
क्या विक्रम मल्लाह दोषी नहीं है जिसने देवी का बलात्कार किया और उसे उठाकर बीहड़ लेकर चला गया और उसे अपराध की दुनिया में ढकेल दिया ?
लेकिन अफसोस लोगों को यही बताया जाता है दोषी तो उच्च वर्ग के लोग हैं
आप फूलन देवी पर कुछ फैक्ट जानिए और आप चाहे तो जालौन जिले में फूलन देवी के गांव जाकर इस फैक्ट को पता कर सकते हैं कि फूलन देवी पर जुल्म किसने की है
इसके सगे चाचा ने इसकी जमीन पर कब्जा कर लिया था..10 साल की उम्र में इसने अपनी मां से पूछा की मां हमारे चाचा के पास हमसे ज्यादा जमीन क्यों है तब इसकी मां ने बताया कि उन्होंने हमारी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है क्योंकि उनके लड़के हमसे ताकतवर हैं
तब ये 9 साल की उम्र में अपने चाचा का सर फोड़ दी थी क्योंकि यह एक बच्ची थी इसलिए कोई पुलिस केस नहीं हुआ था
10 साल की उम्र में फूलन देवी के बाप ने इसे एक 45 साल के बूढ़े को ₹3000 में बेच दिया था इसका बूढ़ा पति भी इसी के जाति का था और इसके ऊपर बहुत अत्याचार करता था
एक दिन फूलन देवी पति के अत्याचार से तंग आकर अपने मायके आ गई.. कुछ दिन के बाद इसके भाइयों ने इसे जबरदस्ती इसके पति के घर भेज दिया वहां जाकर पता चला कि उसके पति ने कोई और महिला से शादी कर ली है फिर इसके पति और इसके पति की दूसरी पत्नी ने इसे घर से भगा दिया फिर यह वापस अपने गांव आ गई
मायके में सगे भाइयों से इसका काफी झगड़ा हुआ तब उसके सगे भाइयों ने इसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट करवा दिया जिससे यह थाने में बंद हो गई तब गांव के ठाकुरों ने ही यह सोचकर इसका जमानत करवाया कि गांव की लड़की जेल में बंद हो तो यह गांव के लिए शर्मनाक बात है
एक दिन इसकी गांव में विक्रम मल्लाह नामक एक डकैत में धावा बोला और उसने फूलन देवी के साथ बलात्कार किया और विक्रम मल्लाह 4 दिन तक गांव में रुका छुपा रहा और जाते हुए वह फूलन देवी को भी अपने साथ बीहड़ में लेकर चला गया
विक्रम मल्लाह डकैतों की गैंग का सरदार नहीं था बल्कि सरदार बाबू गुर्जर था। एक दिन बाबू गुर्जर ने फूलन देवी का बलात्कार किया जिससे गुस्से में विक्रम मल्लाह ने बाबू गुर्जर की हत्या कर दी और पूरी गैंग की कमान अपने हाथ में ले लिया फूलन देवी विक्रम मल्लाह की रखैल बन गई उसके बाद फूलन देवी विक्रम मल्लाह के साथ अपने पति के गांव गई और अपने पति को और अपने पति के दूसरी पत्नी को मरणासन्न हालत तक पीटा और बीच-बचाव करने आए दो लोगों को गोली मार दी
डकैतों के एक दूसरे गैंग का मुखिया दादा ठाकुर जो मीणा/मैना था वह बाबू गुर्जर की हत्या से विक्रम मल्लाह से नाराज और दादा ठाकुर ने विक्रम मल्लाह की हत्या कर दी
विक्रम मल्लाह की हत्या से नाराज होकर फूलन देवी ने मीणा जाति के गैंग के सदस्य ठाकुर लालाराम मीणा को मार दिया
इससे दादा ठाकुर ने एक गांव में घुसकर मल्लाह जाति के 25 लोगों को मार दिया
फूलन देवी को शक था गांव के छत्रिय यानी ठाकुर समाज के लोग दादा ठाकुर मीणा के प्रति सहानुभूति रखते हैं और उसे संरक्षण देते हैं तब उसने बेहमई गांव में 22 ठाकुरों को गोलियों से भून डाला और एक 6 महीने की बच्ची को उठाकर आसमान में फेंक दिया जिससे वह बच्ची जमीन पर गिरी और उसकी गर्दन की हड्डी और रीढ़ की हड्डी टूट गई वह बच्ची आज भी जिंदा है लेकिन न चल सकती है ना बैठ सकती है वह बच्ची आज एक जिंदा लाश बन कर एक युवती बन चुकी है
यह सारे फैक्ट है
लेकिन मीडिया ने फूलन देवी को यह कहकर हीरोइन बना दिया कि उच्च जातियों के अत्याचारों से तंग आकर फूलन देवी ने बदला लिया
अब आप खुद विचार करिए कि फूलन देवी पर अत्याचार करने वाले कौन लोग थे
क्या फूलन देवी का पिता दोषी नहीं है जिसने फूलन देवी को 45 साल के बूढ़े को बेच दिया?
क्या फूलन देवी का चाचा दोषी नहीं है जिसने फूलन देवी के जमीन पर कब्जा किया?
क्या फूलन देवी के सगे भाई दोषी नहीं है जो उसे बार-बार उसके अत्याचारी पति के पास छोड़ आते थे?
क्या फूलन देवी का पति दोषी नहीं है जो उसके ऊपर अत्याचार करता था ?
क्या विक्रम मल्लाह दोषी नहीं है जिसने देवी का बलात्कार किया और उसे उठाकर बीहड़ लेकर चला गया और उसे अपराध की दुनिया में ढकेल दिया ?
लेकिन अफसोस लोगों को यही बताया जाता है दोषी तो उच्च वर्ग के लोग हैं
आप फूलन देवी पर कुछ फैक्ट जानिए और आप चाहे तो जालौन जिले में फूलन देवी के गांव जाकर इस फैक्ट को पता कर सकते हैं कि फूलन देवी पर जुल्म किसने की है
इसके सगे चाचा ने इसकी जमीन पर कब्जा कर लिया था..10 साल की उम्र में इसने अपनी मां से पूछा की मां हमारे चाचा के पास हमसे ज्यादा जमीन क्यों है तब इसकी मां ने बताया कि उन्होंने हमारी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है क्योंकि उनके लड़के हमसे ताकतवर हैं
तब ये 9 साल की उम्र में अपने चाचा का सर फोड़ दी थी क्योंकि यह एक बच्ची थी इसलिए कोई पुलिस केस नहीं हुआ था
10 साल की उम्र में फूलन देवी के बाप ने इसे एक 45 साल के बूढ़े को ₹3000 में बेच दिया था इसका बूढ़ा पति भी इसी के जाति का था और इसके ऊपर बहुत अत्याचार करता था
एक दिन फूलन देवी पति के अत्याचार से तंग आकर अपने मायके आ गई.. कुछ दिन के बाद इसके भाइयों ने इसे जबरदस्ती इसके पति के घर भेज दिया वहां जाकर पता चला कि उसके पति ने कोई और महिला से शादी कर ली है फिर इसके पति और इसके पति की दूसरी पत्नी ने इसे घर से भगा दिया फिर यह वापस अपने गांव आ गई
मायके में सगे भाइयों से इसका काफी झगड़ा हुआ तब उसके सगे भाइयों ने इसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट करवा दिया जिससे यह थाने में बंद हो गई तब गांव के ठाकुरों ने ही यह सोचकर इसका जमानत करवाया कि गांव की लड़की जेल में बंद हो तो यह गांव के लिए शर्मनाक बात है
एक दिन इसकी गांव में विक्रम मल्लाह नामक एक डकैत में धावा बोला और उसने फूलन देवी के साथ बलात्कार किया और विक्रम मल्लाह 4 दिन तक गांव में रुका छुपा रहा और जाते हुए वह फूलन देवी को भी अपने साथ बीहड़ में लेकर चला गया
विक्रम मल्लाह डकैतों की गैंग का सरदार नहीं था बल्कि सरदार बाबू गुर्जर था। एक दिन बाबू गुर्जर ने फूलन देवी का बलात्कार किया जिससे गुस्से में विक्रम मल्लाह ने बाबू गुर्जर की हत्या कर दी और पूरी गैंग की कमान अपने हाथ में ले लिया फूलन देवी विक्रम मल्लाह की रखैल बन गई उसके बाद फूलन देवी विक्रम मल्लाह के साथ अपने पति के गांव गई और अपने पति को और अपने पति के दूसरी पत्नी को मरणासन्न हालत तक पीटा और बीच-बचाव करने आए दो लोगों को गोली मार दी
डकैतों के एक दूसरे गैंग का मुखिया दादा ठाकुर जो मीणा/मैना था वह बाबू गुर्जर की हत्या से विक्रम मल्लाह से नाराज और दादा ठाकुर ने विक्रम मल्लाह की हत्या कर दी
विक्रम मल्लाह की हत्या से नाराज होकर फूलन देवी ने मीणा जाति के गैंग के सदस्य ठाकुर लालाराम मीणा को मार दिया
इससे दादा ठाकुर ने एक गांव में घुसकर मल्लाह जाति के 25 लोगों को मार दिया
फूलन देवी को शक था गांव के छत्रिय यानी ठाकुर समाज के लोग दादा ठाकुर मीणा के प्रति सहानुभूति रखते हैं और उसे संरक्षण देते हैं तब उसने बेहमई गांव में 22 ठाकुरों को गोलियों से भून डाला और एक 6 महीने की बच्ची को उठाकर आसमान में फेंक दिया जिससे वह बच्ची जमीन पर गिरी और उसकी गर्दन की हड्डी और रीढ़ की हड्डी टूट गई वह बच्ची आज भी जिंदा है लेकिन न चल सकती है ना बैठ सकती है वह बच्ची आज एक जिंदा लाश बन कर एक युवती बन चुकी है
यह सारे फैक्ट है
लेकिन मीडिया ने फूलन देवी को यह कहकर हीरोइन बना दिया कि उच्च जातियों के अत्याचारों से तंग आकर फूलन देवी ने बदला लिया
अब आप खुद विचार करिए कि फूलन देवी पर अत्याचार करने वाले कौन लोग थे
क्या फूलन देवी का पिता दोषी नहीं है जिसने फूलन देवी को 45 साल के बूढ़े को बेच दिया?
क्या फूलन देवी का चाचा दोषी नहीं है जिसने फूलन देवी के जमीन पर कब्जा किया?
क्या फूलन देवी के सगे भाई दोषी नहीं है जो उसे बार-बार उसके अत्याचारी पति के पास छोड़ आते थे?
क्या फूलन देवी का पति दोषी नहीं है जो उसके ऊपर अत्याचार करता था ?
क्या विक्रम मल्लाह दोषी नहीं है जिसने देवी का बलात्कार किया और उसे उठाकर बीहड़ लेकर चला गया और उसे अपराध की दुनिया में ढकेल दिया ?
लेकिन अफसोस लोगों को यही बताया जाता है दोषी तो उच्च वर्ग के लोग हैं
@kajal_jaihind Exactly and they take their supporters for granted k chup chaap vote diye jao faltu bole toh tumhe vampanthi deshdrohi ghosit kr denge. Ye unki chaatne wali sarkar aur PM h jo inpe thookte b nhi, inko unhi chutyo se validation chahiye
देर आए दुरुस्त आए…!!
त्याग पत्र तो आपसे तभी ले लेना चाहिए था जब आपने “सामान्य वर्ग के दमन का डेथ वारंट” साइन किया था #UGC जैसा काला कानून लाकर,
ब्राह्मणों का श्राप लगा था आपको, ये तो होना ही था,
आप जैसे जातिवादी नेताओ की वजह से मोदी जी को धर्म संकट की परिस्थिति का सामना करना पड़ता रहा है,
आज हमारे महादेव और माँ भवानी ने सामान्य वर्ग के प्रत्येक छात्र और इनके परिवार के साथ न्याय किया है,
हर हर महादेव 🚩
@swapnilshiv@JaipurDialogues Also in future No FIR would b registered on them even they pelted stones try to lynch many security personnel, abused filth about modi & hia mother,, now all of them are secure & truly it was expected bcj the mediator they chose @JPNadda is no less than garbage in the party
@Rachitrai10@JaipurDialogues@myogiadityanath Yogi ki b jade khodne pe lage h ye inner party politics... Sab top leaders ki jalti h yogi se k modi hata k sab yogi ko lana chah rhe h baki sab beech wale inferior feel kar rhe h
@ASUVARNA66@JaipurDialogues@BJP4India Exactly, they take their supporters for granted k chup chaap vote diye jao faltu bole toh tumhe vampanthi deshdrohi ghosit kr denge. Ye unki chaatne wali sarkar aur PM h jo inpe thookte b nhi, inko unhi chutyo se validation chahiye
@vired999@JaipurDialogues Exactly and they take their supporters granted k chup chaap vote diye jao faltu bole toh tumhe vampanthi deshdrohi ghosit kr denge. Ye unki chaatne wali sarkar aur PM h jo inpe thookte b nhi, inko unhi chutyo se validation chahiye
@PratipG48092@JaipurDialogues Exactly and they take their supporters granted k chup chaap vote diye jao faltu bole toh tumhe vampanthi deshdrohi ghosit kr denge. Ye unki chaatne wali sarkar aur PM h jo inpe thookte b nhi, inko unhi chutyo se validation chahiye
@kingkapoor72@JaipurDialogues Exactly and they take their supporters granted k chup chaap vote diye jao faltu bole toh tumhe vampanthi deshdrohi ghosit kr denge. Ye unki chaatne wali sarkar aur PM h jo inpe thookte b nhi, inko unhi chutyo se validation chahiye
They didn't listen to us when we demanded Resignation on UGC and NEET
They listened to GUNDAS who protested and set fire to the streets
Says a lot about the Leadership and the present government