मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के माननीय सदस्य श्री सी.पी. चन्द्र जी ने शिष्टाचार भेंट की।
@CPChand10
#HappyBirthday
उत्तर प्रदेश विधान परिषद से साथी सदस्य व प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री नगर विकास एवं ऊर्जा माननीय अरविंद कुमार शर्मा जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🎂🪷
बाबा गोरक्षनाथ जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें 💐
@aksharmaBharat@AKSharmaOffice
#HappyBirthday
उत्तर प्रदेश की 35 लखनऊ लोकसभा से सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय रक्षा मंत्री आदरणीय राजनाथ सिंह जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🎂🪷
बाबा गोरक्षनाथ जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें । हम सभी का सदैव मार्गदर्शन करते रहें 💐
@rajnathsingh@PankajSinghBJP@NeerajSinghSays
#अखिल_भारतीय_विद्यार्थी_परिषद 🇮🇳
#abvp78
ज्ञान, शील व एकता की भावना के साथ युवाओं में राष्ट्रीयता का संचार करने वाले एवं राष्ट्र निर्माण में समर्पित, विश्व के सबसे विशाल छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस की सभी कार्यकर्ताओं, छात्रों एवं समर्थकों को हार्दिक शुभकामनाएं 💐
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP या विद्यार्थी परिषद) विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन हैं। इसकी स्थापना छात्र हित और छात्रों को उचित दिशा देने के लिए की गयी है
घोष वाक्य : ज्ञान, शील और एकता
उद्देश्य : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय पुनर्निर्माण है। इसकी स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी । विद्यार्थी परिषद के अनुसार, छात्रशक्ति ही राष्ट्रशक्ति होती है। राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए छात्रों में राष्ट्रवादी चिंतन को जगाना ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का मूल उद्देश्य है। देश की युवा छात्र शक्ति का यह प्रतिनिधि संगठन है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (@ABVPVoice) भारत का एक प्रमुख छात्र संगठन है।
• आरंभ: १९४८ में अंबाला में पहला सम्मेलन हुआ। प्रो. ओम प्रकाश बहल पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष और श्री केशव देव वर्मा पहले राष्ट्रीय महासचिव बने।
• प्रेरणा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रेरित। मुख्य भूमिका बलराज मधोक और प्रो. यशवंतराव केलकर की रही, जिन्हें ABVP का वास्तविक शिल्पकार माना जाता है।
• मुख्यालय: मुंबई
यह संगठन दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन माना जाता है, जिसमें लाखों सक्रिय सदस्य हैं।
उद्देश्य और सिद्धांत
• नारा: ज्ञान, शील, एकता — परिषद की विशेषता।
• मूल उद्देश्य: राष्ट्र पुनर्निर्माण (National Reconstruction) के व्यापक संदर्भ में शिक्षा क्षेत्र में कार्य करना।
• दृष्टि: छात्रों को केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान के जिम्मेदार नागरिक बनाना। देशभक्ति, सामाजिक सेवा, चरित्र निर्माण और शिक्षा सुधार पर जोर।
• कार्य शैली: रचनात्मक कार्य, छात्र हित, कैंपस से समाज तक पहुंच और राजनीति से ऊपर रहकर राष्ट्र सेवा।
@ABVPVoice ने सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और समरस छात्र संगठन के रूप में राष्ट्र की एकात्म चेतना को सदैव सशक्त किया है 🇮🇳
#ABVPFoundationDay
@ABVP4UP@GorakshABVP
आज विधान भवन लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सदभाव समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगर विकास विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग के लंबित प्रकरणों पर धर्मेंद्र सिंह जी , परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन IAS, संयुक्त प्रबंध निदेशक महेन्द्र बहादुर सिंह IAS, संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार IAS एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक संग चर्चा की तथा आवश्यक दिशानिर्देश दिए
साथी विधान परिषद सदस्य भी उपस्थित रहे
@bjpanoop@SPSinghMLC@ashuias81
#चंद्रशेखर_सिंह
17 अप्रैल 1927 - 8 जुलाई 2007
जिन हाथों में शक्ति भरी है
राजतिलक देने की
उन हाथों में ही ताकत है
सर उतार लेने की ! ✊🚩
जननायक, प्रखर वक्ता, कर्मठ व जुझारू राजनेता, सड़क से संसद तक आमजन की सदैव सशक्त आवाज रहे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि 💐
चंद्रशेखर सिंह जी भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। वे 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक इस पद पर रहे। उन्हें ‘बाबू साहब’ या ‘बलिया के बाबू’ के नाम से भी जाना जाता था। आज उनकी पुण्यतिथि है
*प्रारंभिक जीवन
• जन्म: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के इब्राहिमपट्टी गांव में एक किसान परिवार में।
• शिक्षा: इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एम.ए.। छात्र जीवन में वे ‘फायरब्रांड’ छात्र नेता के रूप में प्रसिद्ध थे।
• वे राम मनोहर लोहिया के समाजवादी विचारों से प्रभावित थे।
*राजनीति
• 1950 के दशक में समाजवादी राजनीति में सक्रिय हुए।
• 1962 में राज्यसभा सांसद बने, बाद में लोकसभा पहुंचे।
• इंदिरा गांधी के साथ मतभेद के कारण 1975 में आपातकाल के दौरान जेल गए।
• 1977-1988 तक जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे।
• 1988 में जनता दल का गठन हुआ, लेकिन वी.पी. सिंह सरकार के खिलाफ विद्रोह कर 1990 में जनता दल (सोशलिस्ट) बनाई।
• कांग्रेस के बाहरी समर्थन से अल्पमत सरकार बनाई। उनका कार्यकाल मात्र 7 महीने का रहा, लेकिन उन्होंने आर्थिक सुधारों की नींव रखी और कुछ सशक्त फैसले लिए
*प्रधानमंत्री काल की मुख्य बातें
• अल्पमत सरकार होने के बावजूद स्थिरता बनाए रखी।
• आर्थिक उदारीकरण की दिशा में कदम।
• विदेश नीति में सशक्त रुख।
• 1991 में कांग्रेस समर्थन वापस लेने पर इस्तीफा दिया, लेकिन कार्यवाहक PM रहे
चंद्रशेखर सिंह जी बिना किसी मंत्री पद या मुख्यमंत्री बने सीधे प्रधानमंत्री बनने वाले दूसरे नेता थे। सादगी, सिद्धांतों पर अडिग रहना और जनता से सीधा जुड़ाव उनकी पहचान थी। उन्होंने कन्याकुमारी से दिल्ली तक भारत यात्रा (पदयात्रा) की थी, जो उनकी लोकप्रियता का प्रतीक बनी। उनकी मृत्यु 8 जुलाई 2007 को नई दिल्ली में हुई। उनकी राजनीतिक विरासत पुत्र @MPNeerajShekhar जी राज्यसभा सांसद होके आगे बढ़ा रहे हैं
#ChandrashekharSingh
आज विधान भवन लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सदभाव समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए औद्योगिक विकास विभाग, अल्पसंख्यक एवं वक़्फ़ कल्याण विभाग , राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद एवं अन्य विभाग के लंबित प्रकरणों पर धर्मेंद्र सिंह जी एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक संग चर्चा की तथा आवश्यक दिशानिर्देश दिए
साथी विधान परिषद सदस्य भी उपस्थित रहे
@bjpanoop@JitendrasMLC
#विक्रम_बत्रा 🇮🇳
#AnujNayar 🇮🇳
कैप्टन विक्रम बत्रा “शेरशाह”
9 सितंबर 1974 - 7 जुलाई 1999
कारगिल युद्ध में वीरता और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि 💐
कैप्टन विक्रम बत्रा (PVC) भारतीय सेना के एक महान वीर योद्धा थे, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अद्वितीय शौर्य और बलिदान का परिचय दिया। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र (भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार) से सम्मानित किया गया
*प्रारंभिक जीवन
• जन्म: 9 सितंबर 1974, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश) के घुग्गर गांव में।
• परिवार: पिता जी.एल. बत्रा (सरकारी स्कूल प्रिंसिपल), माता कमलकांता बत्रा (शिक्षिका)। वे जुड़वां भाई विशाल बत्रा के बड़े भाई थे (मां ने उन्हें लव-कुश नाम दिया था)
• शिक्षा: पालमपुर के डीएवी और सेंट्रल स्कूल में। चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से स्नातक। एनसीसी कैडेट रह चुके थे।
वे बचपन से ही देशभक्ति से ओत-प्रोत थे और सेना में शामिल होने के सपने देखते थे। मर्चेंट नेवी की अच्छी नौकरी छोड़कर उन्होंने भारतीय सेना को चुना।
*सेना में सेवा और कारगिल युद्ध
• 1996 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में प्रवेश।
• 1997 में 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स (13 JAK Rif) में कमीशन प्राप्त किया।
• कारगिल युद्ध (1999): द्रास सेक्टर में तैनात।
• पॉइंट 5140 पर हमला: 20 जून 1999 को उन्होंने अपनी टुकड़ी का नेतृत्व किया। दुश्मन की मशीन गन पोस्ट पर हमला कर उसे नष्ट किया और तीन दुश्मनों को निकट युद्ध में मार गिराया। रेडियो पर प्रसिद्ध संदेश दिया — “ये दिल मांगे मोर!” (Yeh Dil Maange More!)। इस सफलता ने आगे की जीतों का रास्ता खोला।
• पॉइंट 4875 (बाद में बैट्रा टॉप नामक): 7 जुलाई 1999 को दुश्मन की घात लगाकर हमला करने वाले सैनिकों को बचाने के लिए उन्होंने अपनी जान जोखिम में डाली। घायल होने के बावजूद उन्होंने दो और दुश्मनों को मार गिराया। अंत में शहीद हो गए। उनकी बहादुरी से पॉइंट 4875 पर कब्जा हुआ।
उन्हें शेरशाह (Sher Shah) का उपनाम मिला क्योंकि दुश्मन उनके नाम से कांपते थे।
हिमालय की विषम चोटियों पर अदम्य साहस और अद्वितीय नेतृत्व से लिखा गया उनका पराक्रम, भारतीय सेना की शौर्यगाथा का अमिट अध्याय है। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, शौर्य और बलिदान की अमिट मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को निष्ठा, साहस और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
कैप्टन अनुज नैय्यर
28 अगस्त 1975 - 7 जुलाई 1999
देश के लिए जान की बाजी लगाकर टाइगर हिल की चोटी पर अकेले नौ दुश्मनों को मार गिराने वाले, महावीर चक्र से सम्मानित कारगिल युद्ध के हीरो अमर शहीद कैप्टन अनुज नैय्यर जी के बलिदान दिवस पर उन्हें सादर नमन 💐
इस सर्वोच्च बलिदान के लिए कृतज्ञ राष्ट्र आपका सदैव ऋणी रहेगा 🇮🇳
#Kargil
#CaptainVikramBatra
#HappyBirthday
उत्तर प्रदेश विधान परिषद से साथी सदस्य व प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री माननीय जसवंत सिंह सैनी जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🎂🪷
बाबा गोरक्षनाथ जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें 💐
@JaswantSainiBJP@BJP4UP
#श्यामा_प्रसाद_मुखर्जी 🇮🇳
6 जुलाई 1901 - 23 जून 1953
देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती पर सादर नमन 💐
जिस अनुच्छेद 370 ने भारत की एकता को चुनौती दी थी, उसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने अपने बलिदान से ललकारा, भाजपा ने संकल्प बनाकर निभाया और प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने अपने दृढ़ निश्चय से इसे (अनुच्छेद 370 को) समाप्त करके दिखाया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी , प्रमुख भारतीय शिक्षाविद्, वकील, राजनीतिज्ञ, चिंतक और राष्ट्रवादी नेता थे। वे भारतीय जनसंघ (जो बाद में भारतीय जनता पार्टी का आधार बना) के संस्थापक थे और अखंड भारत तथा राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक के रूप में याद किए जाते हैं
*प्रारंभिक जीवन
• जन्म: 6 जुलाई 1901, कलकत्ता (कोलकाता) में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ । उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी प्रसिद्ध शिक्षाविद् और कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति थे (जिन्हें “बंगाल का बाघ” कहा जाता था)
• उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में बी.ए., बंगाली में एम.ए. और कानून की डिग्री प्राप्त की।
• 1926 में इंग्लैंड से बैरिस्टर बनकर लौटे। मात्र 33 वर्ष की आयु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने (1934-1938)
*राजनीतिक जीवन
• शुरू में कांग्रेस से जुड़े, लेकिन जल्दी ही अलग हो गए।
• 1943-1946 तक अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष रहे
• स्वतंत्र भारत में नेहरू मंत्रिमंडल में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री (1947-1950) बने, लेकिन लियाकत-नेहरू समझौते का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया।
• 1951 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सहयोग से भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आज की भाजपा की पूर्ववर्ती पार्टी है।
*प्रमुख योगदान और आंदोलन
• उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण अंग बनाने के लिए संघर्ष किया। नारा दिया: “एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे”
• 1953 में कश्मीर में धारा 370 का विरोध करते हुए प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार किया गया। 23 जून 1953 को श्रीनगर में संदिग्ध परिस्थितियों (हृदयाघात बताकर) उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु को कई लोग रहस्यमय मानते हैं।
डॉ. मुखर्जी शिक्षा, राजनीति और राष्ट्रवाद के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं। वे अखंड भारत, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मजबूत केंद्र सरकार के समर्थक थे
#DrSyamaPrasadMukherjee
@RSSorg@BJP4India
#NitinNabinInUP
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी का उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन 💐
आपका प्रवास कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार करेगा और संगठनात्मक समन्वय को और अधिक मजबूत बनाएगा
@NitinNabin@BJP4India@BJP4UP
#स्वामी_विवेकानंद 🇮🇳
12 जनवरी 1863 - 4 जुलाई 1902
अपने ओजस्वी वक्तव्य एवं विचारों से भारतीय संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने वाले युग प्रवर्तक स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि वंदन 💐
स्वामी विवेकानंद जी भारत के महान आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक, समाज सुधारक और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उनका असली नाम नरेंद्रनाथ दत्त था।
*जीवन परिचय
• जन्म: 12 जनवरी 1863, कोलकाता (कलकत्ता) में एक कायस्थ परिवार में हुआ
• गुरु: रामकृष्ण परमहंस (उनके जीवन के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत)
• महासमाधि: 4 जुलाई 1902, बेलूर मठ, उम्र मात्र 39 वर्ष।
प्रमुख उपलब्धियाँ
• 1893 : अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया। उन्होंने कहा – “बहनों और भाइयों…” और हिंदू धर्म की उदारता का परिचय दिया। यह भाषण विश्व भर में प्रसिद्ध हुआ।
• रामकृष्ण मिशन की स्थापना (1897) – सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यों के लिए।
• बेलूर मठ की स्थापना।
• भारत भर में भ्रमण कर युवाओं को जागृत किया और “भारत को विश्व गुरु” बनाने का सपना देखा 🇮🇳
प्रसिद्ध विचार और उद्धरण
• “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
• “शक्ति जीवन है, कमजोरी मृत्यु है।”
• “सेवा ही पूजा है।”
• “जो युवा भारत को बनाना चाहते हैं, उन्हें मजबूत, साहसी और त्यागी बनना होगा।”
• “धर्म वह है जो मनुष्य को पशु से ऊपर उठाए।”
स्वामी विवेकानंद ने आधुनिक भारत की नींव रखी। वे राष्ट्रवाद, आध्यात्मिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय के प्रतीक बने। उनके विचार आज भी युवाओं, शिक्षकों और राष्ट्रसेवियों को प्रेरित करते हैं।
#SwamiVivekananda
#अमरनाथ_यात्रा
बाबा बर्फानी के पावन दर्शन हेतु पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा पर प्रस्थान कर रहे समस्त श्रद्धालुओं को मंगलमय यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं 💐
यह पावन यात्रा आस्था, श्रद्धा, तप और आध्यात्मिक साधना का अनुपम संगम है, जो हम सभी को देवाधिदेव महादेव के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण का अनुभव कराती है ।
महादेव के आशीर्वाद से आप सभी की यह यात्रा सुरक्षित, सफल और सुखद हो । सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो, यही मंगलकामना है
हर हर महादेव! 🕉️🔱
बम भोले
#AmarnathYatra2026
#HappyBirthday
उत्तर प्रदेश की 49 मेरठ (दक्षिण) विधानसभा सीट से सदस्य व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार (राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग ) माननीय सोमेंद्र तोमर जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🎂🪷
बाबा गोरक्षनाथ जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें 💐
@isomendratomar
#CADay#CharteredAccountantsDay
'नए भारत' के आर्थिक उन्नयन के आधार स्तंभ एवं राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समस्त चार्टर्ड अकाउंटेंट साथियों को "राष्ट्रीय चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस" की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अपने ज्ञान, दक्षता, ईमानदारी एवं उत्तरदायित्व के माध्यम से देश की वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, उद्योग-व्यापार को गति देने तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आपकी निष्ठा, सेवा-भाव एवं उत्कृष्ट कार्यशैली राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि की मजबूत आधारशिला है
आप सभी के उत्कृष्ट कौशल, निष्काम सेवा और प्रतिबद्धता से भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है 🌏
Greetings to the CA professionals on the #CharteredAccountant Day 🇮🇳
Chartered Accountants have been the silent pillars of India’s economic strength.
From balancing books to building businesses, their precision, integrity and hardwork has been playing an important role in country’s GDP and growth @theicai
#राष्ट्रीय_चार्टर्ड_अकाउंटेंट_दिवस
#राष्ट्रीय_चिकित्सक_दिवस#DoctorsDay 🩺
एक अच्छा डॉक्टर
बीमारी का इलाज करता है,
एक महान डॉक्टर
उस रोगी का इलाज करता है जो बीमार है।
- विलियम ओस्लर
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस विशेष
एस्ट्रोमेडिक्स हॉस्पिटल की ओर से सभी चिकित्सक बंधुओं को 'राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस' की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं 💐
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctors’ Day) भारत में हर साल 1 जुलाई को मनाया जाता है ।
*इतिहास
यह दिन डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है। डॉ. रॉय (जन्म: 1 जुलाई 1882 – मृत्यु: 1 जुलाई 1962) एक प्रसिद्ध चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी, राजनेता और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
1991 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा इस दिन को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस घोषित किया गया। इसका उद्देश्य डॉक्टरों के समाज के प्रति योगदान को सम्मानित करना, उनकी चुनौतियों (जैसे वर्कलोड, हिंसा, मानसिक स्वास्थ्य) के बारे में जागरूकता फैलाना और उन्हें धन्यवाद देना है
*महत्व
• डॉक्टरों को जीवन रक्षक मानकर उनका आभार व्यक्त करना।
• चिकित्सा क्षेत्र में उनके अथक प्रयासों, बलिदानों और समर्पण को याद करना
• खासकर महामारी जैसे समय में उनकी भूमिका को रेखांकित करना
स्वस्थ समाज के निर्माण में आप सभी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और अभिनंदनीय है। लोक-कल्याण की भावना के साथ मानवता की सेवा में आप सभी अविराम गतिशील रहें, ईश्वर से यही प्रार्थना है
They heal us, they comfort us, they stand strong - even when hidden behind the mask.
On #NationalDoctorsDay, let’s salute the dedication, compassion, and sacrifices of our healers. Astromedics hospital inauguration is a testimonial to our commitment for serving the society with quality healthcare.
Heartfelt gratitude to all doctors - our true heroes 🩺
#HappyBirthday
उत्तर प्रदेश की 42 कन्नौज लोकसभा सीट से सदस्य व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🎂
बाबा गोरक्षनाथ जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें 💐
@yadavakhilesh@samajwadiparty
#HappyBirthday
उत्तर प्रदेश विधान परिषद से साथी सदस्य , पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री (सूक्ष्म , लघु और मध्यम उद्यम विभाग) माननीय भूपेंद्र सिंह चौधरी जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🎂🪷
बाबा गोरक्षनाथ जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें 💐
@Bhupendraupbjp@BJP4UP
#HappyBirthday
राजस्थान प्रदेश की 08 अलवर लोकसभा सीट से सदस्य व केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री माननीय भूपेंद्र यादव जी , आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🎂🪷
बाबा गोरक्षनाथ जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें 💐
@byadavbjp
#राजेन्द्रनाथ_लाहिड़ी 🇮🇳
#काकोरी
29 जून 1901 - 17 दिसंबर 1927
काकोरी ट्रेन एक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले, स्वतंत्रता संग्राम् के युवा क्रान्तिकारी, अमर शहीद राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जी की जयंती पर सादर नमन 💐
राजेंद्रनाथ लाहिड़ी जी भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। वे काकोरी कांड (काकोरी षड्यंत्र) के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक थे और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के सक्रिय सदस्य थे
*जीवन परिचय
• जन्म: 29 जून 1901 को बंगाल प्रांत के पाबना जिले (वर्तमान बांग्लादेश) के मोहनपुर गांव में । पिताजी क्षिति मोहन लाहिड़ी, माताजी बसंत कुमारी थे । उनके पिता और चाचा अनुशीलन समिति से जुड़े होने के कारण जेल गए थे, जिसका उन पर गहरा प्रभाव पड़ा
• उन्होंने वाराणसी (काशी) में पढ़ाई की और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इतिहास में एम.ए. किया
• क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय होने के कारण उन्होंने सचिंद्रनाथ सान्याल से संपर्क किया और HRA की वाराणसी शाखा के प्रभारी बने
*प्रमुख योगदान
• दक्षिणेश्वर बम विस्फोट मामले में शामिल रहे और फरार हो गए
• काकोरी कांड (9 अगस्त 1925): लखनऊ-काकोरी के बीच चल रही ट्रेन को रोकने के लिए चेन खींचने का काम उन्होंने ही किया। इस लूट का उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के खजाने से पैसा लेकर क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए हथियार खरीदना था। रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद आदि के साथ वे इस साहसिक कार्य में शामिल थे
• वे HRA के बनारस इंचार्ज थे और कई युवाओं (जैसे चंद्रशेखर आजाद) को क्रांतिकारी विचारधारा से जोड़ा
*शहादत
काकोरी षड्यंत्र मामले में गिरफ्तारी के बाद लंबी सुनवाई हुई। उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। ब्रिटिश सरकार ने निर्धारित तारीख से दो दिन पहले 17 दिसंबर 1927 को गोंडा जेल (उत्तर प्रदेश) में फांसी दे दी
उनके अंतिम शब्द प्रसिद्ध हैं:
“मैं मर नहीं रहा हूं, बल्कि स्वतंत्र भारत में पुनर्जन्म लेने जा रहा हूं।”
वे हंसते-हंसते फांसी पर चढ़े और “वंदे मातरम” का नारा लगाया ।
काकोरी ट्रेन एक्शन के इस महानायक ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम पृष्ठों में अमर है। लाहिड़ी जी की वीरता और मातृभूमि के प्रति उनका अटूट समर्पण सदैव देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा और त्याग की प्रेरणा देता रहेगा